Saturday, 27 April 2013

लाहौर जेल में हमले के बाद सरबजीत सिंह डीप कोमा में


लाहौर/अलमाटी : सरबजीत सिंह ‘डीप कोमा’ में हैं, हालत स्थिर होने तक किसी तरह की सर्जरी नहीं की जा सकती। पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे सरबजीत सिंह लाहौर की एक जेल में दो कैदियों के हमले के बाद शुक्रवार रात ‘कोमा’ में चले गए थे। पाकिस्तानी चिकित्सकों ने आज सुबह भारतीय अधिकारियों को यह जानकारी दी थी। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि सरबजीत सिंह की देखभाल कर रहे चिकित्सकों ने बताया है कि वह वेंटीलेटर पर कोमा में हैं और उनकी आईवी चल रही है। आईवी के तहत नसों के जरिए शरीर के अंदर दवा पहुंचाई जाती है।

उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर स्थित जिन्ना अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रात दो बजे सरबजीत तक पहुंच स्थापित कर सके। यह हमला उस समय हुआ जब सरबजीत (49) और अन्य कैदियों को एक घंटे के लिए उनकी कोठरी से बाहर ले जाया जा रहा था। दो कैदियों ने सरबजीत पर कुंद वस्तुओं से वार किया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। लाहौर में अधिकारियों ने बताया कि सरबजीत को शुरुआत में जेल के भीतर बने अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सरबजीत को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 1990 में हुए बम धमाकों में कथित तौर पर संलिप्त रहने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इन धमाकों में 14 लोगों की मौत हो गई थी। सरबजीत की दया याचिकाओं को पाकिस्तानी न्यायालयों और पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने खारिज कर दिया था। पीपीपी नीत पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत की फांसी 2008 में अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी थी। सरबजीत के परिवार का कहना है कि वह अनजाने में सीमा पार भटक गए थे और वह गलत पहचान का शिकार हो गए।

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