Saturday, 27 April 2013

चीन दे रहा है चुनौती, 19 किलोमीटर तक किया घुसपैठ


नई दिल्ली। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ कर जमी चीनी सेना ने भारतीय हद में 19 किमी भीतर अपना तंबू गाड़ा है। यह बात रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने रक्षा संबंधी संसदीय समिति के सामने रखी। हालांकि बताया जाता है कि अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर समिति सदस्यों ने असंतोष भी जताया है। इस बीच, रक्षा मंत्री एके एंटनी ने विवाद के सुलझने की उम्मीद जताते हुए कहा कि समाधान निकालने के लिए चीन के साथ कई स्तर पर बातचीत चल रही है।

रक्षा संबंधी समिति ने शुक्रवार दोपहर हुई बैठक में मंत्रालय के अधिकारियों से चीनी घुसपैठ को लेकर जवाब-तलब किए। सूत्रों के मुताबिक रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा की अगुआई में पहुंचे मंत्रालय व सैन्य अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हालात की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर असंतुष्ट समिति सदस्यों ने मामले पर जवाब देने के लिए मंत्रालय के अधिकारियों को 30 अप्रैल को फिर बुलाया है। मंत्रालय व सैन्य अधिकारियों ने समिति को बताया कि 16 अप्रैल को भारतीय गश्ती दल ने चीनी सैनिकों के टेंट लगे होने की खबर दी थी। यह टेंट लद्दाख के दिपसांग इलाके में दौलत बेग ओल्डी के नजदीक है।

मामले को फ्लैग मीटिंग के अलावा कूटनीतिक माध्यमों से उठाया गया है और समाधान की कोशिश हो रही है। इससे पहले संसद परिसर में मीडिया के सवालों पर रक्षा मंत्री एंटनी ने भी कहा कि समाधान के लिए कई स्तर पर बातचीत हो रही है। सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने ताजा स्थिति पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ बैठक की। महत्वपूर्ण है कि भारतीय सैनिकों का दस्ता भी चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति में जमा है। वहीं भारतीय वायुसेना ने इलाके में राशन व रसद संबंधी सामान्य उड़ानें शुरू कर दी हैं। चीनी सैनिकों के भारतीय हद में तंबू चौकी बनाने के बाद वायुसेना ने कुछ समय के लिए उड़ानों को रोक दिया था।

गौरतलब है कि चीनी तंबू 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान बनाई गई दौलत बेग ओल्डी की हवाई पट्टी के नजदीक है। भारतीय वायुसेना ने हाल में इस पट्टी को बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार किया था।

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