Thursday, 27 June 2013

ममता ने महिलाओं से किया सवाल: क्या घरों से निकलने में लगता है डर ?

जामबुनी: पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ बड़े अपराधों को लेकर मचे शोर के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक पंचायत चुनाव रैली में महिलाओं से सवाल किया कि क्या उन्हें गलियों में निकलने से डर लगता है। मुख्यमंत्री ने जंगल महल के इस कस्बे में एक पंचायत चुनाव अभियान रैली में सवाल किया, ‘‘ क्या मेरी मांओं और बहनों को सड़कों पर चलने या निकलने में डर लगता है ? ’’ ‘‘एकाध दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं ’’ के घटित होने की बात स्वीकार करते हुए ममता ने कहा, ‘‘ क्या इसका मतलब यह है कि हर जगह ऐसी घटनाएं हो रही हैं ? क्या सारे पुरूष खराब है? इस बात का ध्यान रखें कि आबादी बढ़ रही है ।’’

कुछ स्थानीय टीवी चैनलों और उनके टॉक शो के पैनल में भाग लेने वालों पर अपना हमला जारी रखते हुए ममता ने आरोप लगाया, ‘‘ कुछ बने संवरे लोग टॉक शो के नाम पर झूठ का प्रचार कर रहे हें। उन्हें इसके लिए पैसा दिया जाता है।’’ ममता ने आरोप लगाया, ‘‘ कुछ टीवी चैनल माकपा के धन पर फल फूल रहे हैं । कुछ चैनल माकपा के पैनल पर हैं।’’ आज के जमाने को इंटरनेट का जमाना मानते हुए मुख्यमंत्री ने चेताया कि कुछ इसका दुरूपयोग कर रहे हैं।

Tuesday, 18 June 2013

मोदी नहीं जाएंगे रामनगरी आयोध्या

अहमदाबाद: जदयू से अलगाव के बाद किसी नए विवाद से बचने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या यात्रा के लिए मिले निमंत्रण को स्वीकार नहीं किया है। मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि मोदी ने रामजन्म भूमि न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 75वें जन्मदिन पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ में शामिल होने के निमंत्रण को विनम्रता से अस्वीकृत कर दिया है।
बयान के अनुसार, ‘‘13 जून को नृत्य गोपाल दास ने मुख्यमंत्री को फोन करके 19 से 22 जून, 2013 के बीच आयोजित किये जा रहे उनके अमृत महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। लेकिन मोदी ने विनम्रता से महंत को बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के चलते उनका कार्यक्रम में शामिल होना कठिन होगा।’’
विज्ञप्ति के अनुसार मोदी ने समारोह में शामिल होने में असमर्थता जताते हुए आमंत्रित करने पर महंत का आभार व्यक्त किया और सफल आयोजन की शुभकामना दी। विश्व हिंदू परिषद के उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कल कहा था कि मोदी बुधवार या शुक्रवार को अयोध्या पहुंच सकते हैं और उनकी अगवानी के लिए अशोक सिंघल, प्रवीण तोगडिय़ा, गोरखपुर के सांसद योगी आदित्य नाथ और योगगुरु बाबा रामदेव भी पहुंचेंगे। माना जा रहा था कि मौजूदा परिदृश्य में मोदी का अयोध्या जाना राजनीतिक तौर पर बड़ा घटनाक्रम हो सकता था।

Monday, 17 June 2013

भैंस ने खाया बम, चार के खिलाफ मामला दर्ज

जमीन विवाद में एक गुट ने दूसरे पक्ष के घर पर देसी बम और असलहों के साथ धावा बोल दिया। हमलावरों ने एक बम फेंका, जो घर में बंधी भैंस के पास जा ‌गिरा।

जब तक कोई कुछ समझता भैंस ने बम को ‌मुंह में ले लिया। और तभी बम फट गया, जिससे भैंस की मौत हो गई। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामला फिरोजपुर जिले के गुरुहरसहाय के गांव पीरो के उताड़ की है।

पुलिस के मुताबिक लखविंदर सिंह का गांव के ही गुरमीत सिंह और गुरदयाल सिंह के साथ लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। रविवार को दोनों अपने दो साथियों के साथ लखविंदर के घर पहुंचे। चारों के पास तेजधार हथियार और देसी बम थे।

चार लोगों को हथियारों से लैस होकर आता देखकर लखविंदर और उसके परिजन जान बचाकर वहां से भागने लगे, तभी हमलावरों में से किसी एक ने उन पर एक बम फेंका।

वह बम पशुओं के कमरे में जाकर गिरा, तो एक भैंस ने उसे अपने मुंह में ले लिया। तभी बम फट गया, जिससे भैंस की मौत हो गई।

एएसआई सेवक चंद ने बताया कि पुलिस ने गुरमीत सिंह, गुरदयाल सिंह व दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

Saturday, 15 June 2013

अब हवा-धूप से चार्ज होगा मोबाइल

विनोद भावुक, मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थियों ने भविष्य की तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए ऐसे अहम डिजायन तैयार किए हैं, जो न केवल कम लागत वाले हैं, बल्कि दैनिक जरूरतों को और बेहतर विकल्प देंगे। विद्यार्थियों ने कम लागत के थ्रीडी प्रिंटर का डिजाइन तैयार करने में कामयाबी हासिल की है। साथ ही, हवा व धूप से मोबाइल चार्ज करने की विधि भी खोज ली है।

विद्यार्थियों ने संस्थान के कमाद स्थित परिसर में ओपन हाउस के दौरान कई नए मॉडल प्रदर्शित किए हैं। इनमें रेल हादसों पर अंकुश लगाने के लिए स्वचालित ब्रेक सिस्टम, स्वचालित व्हीलचेयर, धूल सोखने वाली मशीन, पानी का छिड़काव करने वाले यंत्र, इंटेलीजेंट पार्किग सिस्टम, ऑटोमेटिक पेपर रिसाइकलर, पर्वतीय क्षेत्र में बीज बोने के लिए रोबोट, अंधे लोगों के लिए ऑटो नेविगेशन उपकरण, होम ऑटोमेशन सिस्टम प्रमुख हैं।

मंडी आइआइटी के निदेशक टीए गोंजालविस का कहना है, 'विद्यार्थियों की ओर से प्रदर्शित मॉडलों ने विशेषाों को प्रभावित किया है।'

3डी प्रिंटर को प्रथम पुरस्कार:

विद्यार्थियों द्वारा निर्मित 3डी प्रिंटर की लागत बाजार में फिलहाल उपलब्ध प्रिंटरों के मुकाबले कम है। ओपन हाउस में जज इस मॉडल से खासे प्रभावित हुए व इसे प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रिंटर से 3डी पिक्चर भी प्रिंट की जा सकेगी।

मोबाइल चार्जिग में क्रांति:

संस्थान के इंजीनियरों ने हवा व धूप के उपयोग से चलने वाला हाइब्रिड मोबाइल चार्जर बनाया है। इस चार्जर की खासियत है कि इससे घर के अंदर बैठे हुए भी मोबाइल चार्ज किया जा सकता है। यह इस तरह से डिजायन किया गया है कि सीधी धूप के बिना भी मोबाइल चार्ज हो सकता है। ओपन हाउस में इस डिजाइन को दूसरा पुरस्कार मिला।

गृहणियों की समस्या दूर:

सेल्फ क्लॉथ रैक व फोल्डिंग मशीन और थ्री इन वन वैक्यूम क्लीनर व फर्श ड्रायर जैसे उत्पाद तैयार कर संस्थान के इंजीनियरों ने गृहिणियों की समस्या दूर कर दी है। सेल्फ क्लॉथ रैक व फोल्डिंग मशीन अंधेरा या नमी होने पर खुद ही कपड़े रैक में डाल देगी और उसे फोल्ड भी खुद करेगी।

सफाई के समाधान के लिए बनाए गए थ्री इन वन सॉल्यूशन में ऑटोमेटिक मशीन बिना किसी मदद के खुद सारी सफाई कर देगी। इसे रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है। ऑटो ट्रैस कंपेक्टर एक स्वचालित मशीन है जिससे कचरे के आकार को रोलर के माध्यम से कम किया जा सकेगा। यह कार्यालय परिसर, कॉलेज परिसर और घरों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

Friday, 14 June 2013

पीने का यह फायदा जानकर जरूर 'चीयर्स' करेंगे आप

खुशी का मौका हो या गम, पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए। अगर आप भी खास अवसरों पर जाम हाथ में लेकर 'चीयर्स' करने के बहाने खोजते हैं तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है।

एमएसएन नाओ में प्रकाशित अमेरिका और ब्रिटेन के दो अध्ययनों में यह पाया गया है कि जो लोग अधिक ड्रिंक करते हैं वे अपेक्षाकृत अधिक स्मार्ट और बुद्धिमान होते हैं। 

शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने ब्रिटिश बच्चों को सुस्त से लेकर तेज दिमाग के आधार पर पांच समूहों में बांटा। पांच साल बाद उन्होंने उनका दोबारा अध्ययन किया और पाया कि जिन बच्चों ने एल्कोहल का सेवन किया है, उनका दिमाग दूसरों की अपेक्षा अधिक तेजी से प्रतिक्रिया देता है।

हालांकि शोधकर्ता अभी तक इस निष्कर्ष के पीछे का ठोस कारण नहीं जान सके हैं और इस दिशा में और अधिक अध्ययन कर रहे हैं। फिर भी उन्होंने माना है कि एल्कोहल के सेवन का दिमाग की प्रतिक्रिया से संबंध हो सकता है।

यह जानने के बाद अगर आपका मन भी जाम के साथ 'चीयर्स' करने का हो जाए, तो ताज्जुब की बात नहीं है।

Wednesday, 12 June 2013

देश की रक्षा करेंगे रोबोट

नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान सावधान हो जाएं। भारत की रोबोट सेना अब सरहदों की हिफाजत के लिए तैयार हो रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) रोबोट आर्मी विकसित करने के काम में तेजी से जुटा हुआ है। बकौल डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंदर, बहुत जल्द रोबोट सैनिक देश की रक्षा करते नजर आ सकते हैं। भविष्य की जंग में इनकी अहम भूमिका होगी। उनका कहना है कि भविष्य की जंगी जरूरतों के मद्देनजर मशीनी लड़ाकों को तैयार करना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। डीआरडीओ के इस कार्यक्रम से भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो रोबोट सेना तैयार कर रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआरडीओ प्रमुख ने यह जानकारी दी। अविनाश चंदर ने बताया, हम उच्च बौद्धिक क्षमता वाले ऐसे रोबोट सैनिक तैयार कर रहे हैं जो दोस्त और दुश्मन के बीच फर्क करने में सक्षम होंगे। ये सरहदों पर भी तैनात होंगे।

उन्होंने कहा कि शुरू में तो रोबोट सैनिकों को दोस्त-दुश्मन का अंतर बताना पड़ेगा, लेकिन बाद में इन्हें इस कदर सक्षम बना दिया जाएगा ताकि युद्ध के मैदान में ये अग्रणी मोर्चे संभाले और पीछे हमारे सैनिक इनकी मदद के लिए तैनात रहें। अविनाश चंदर के अनुसार भविष्य में मानवरहित लड़ाइयां होंगी और जिसकी तकनीक जितनी उन्नत होगी, वही जंग में विजयी होगा।

डीआरडीओ प्रमुख का कहना है कि अब भी रोबोट का इस्तेमाल बम निष्क्रिय करने और विकिरण प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के चलाने के लिए होता है।

Tuesday, 11 June 2013

जुलाई से SMS से बुक करवाएं रेल टिकट

नई दिल्ली।। आईआरसीटीसी पहली जुलाई से ऐसा सिस्टम शुरू करने जा रही है, जिससे लोग बिना इंटरनेट वाले मोबाइल फोन से एसएमएस के जरिए भी रेल टिकट बुक करा सकेंगे। जल्द ही रेलवे एसएमएस करने के लिए नंबर जारी करेगा।

इसके लिए कस्टमर को पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर खुद का मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। टिकट की रकम के पेमेंट के लिए भी अपने बैंक में रजिस्टर कराना होगा। टिकट बुक कराने के लिए किए गए एसएमएस का चार्ज 3 रुपए होगा। इसके अलावा पांच हजार रुपए तक के टिकट पर 5 रुपए और इससे ज्यादा के टिकट पर 10 रुपए शुल्क लगेगा।

आईआरसीटीसी के प्रवक्ता ने बताया कि यह सुविधा यात्रियों को देश में कहीं से कभी भी टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। इसमें प्रिंट आउट निकालने की जरूरत भी नहीं रहेगी, केवल मोबाइल पर मिला मेसेज ही टिकट का काम करेगा। उनके मुताबिक, रेल टिकट के भुगतान की सुविधा 26 से ज्यादा बैंक मुहैया करा रहे हैं। आईआरसीटीसी का कहना है कि इससे टिकट बुक करना आसान होगा तो काउंटर्स पर भीड़ में भी कमी आएगी।

ऐसा मिलेगा टिकट
पहले यात्री को अपना मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी और अपने बैंक के पास रजिस्टर कराना होगा। बैंक (एमएमआईडी) मोबाइल मनी आईडेंटिफायर और (ओटीपी ) एक बार काम में आने वाला पासवर्ड देगा, जिसके माध्यम से किराए का भुगतान करना होगा।

सफर करने वाले को अपने मोबाइल से ट्रेन नंबर, यात्रा का स्थान, यात्रा की तारीख, श्रेणी, अपना नाम, उम्र और लिंग की जानकारी देने वाला एसएमएस करना होगा। इसके बाद यात्री को एमएमआईडी से वन टाइम पासवर्ड मिलेगा और भुगतान होने के बाद टिकट बुक हो जाएगा।

जापान में अब 500 किमी. की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

टोक्‍यो : जापान ने अब ऐसी बुलेट ट्रेन तैयार कर ली है जो 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी। इस ट्रेन का पहला सफल परीक्षण किया जा चुका है। 

जापान की यह ऐसी पहली वाणिज्यिक ट्रेन है जो हवा में तैरने वाले चुंबकीय ट्रैक पर दौड़ लगाएगी। जापान में इस तकनीक से दौड़ने वाली ट्रेनों को मैगलेव ट्रेन नाम दिया गया है। 

सेंट्रल जापान रेलवे के अधिकारियों ने सोमवार को मध्य जापान के यामानाशी प्रांत में बने टेस्ट ट्रैक पर इस एलओ मॉडल का परीक्षण किया। बेहद तेज गति की इस ट्रेन के परीक्षण के लिए इसके टेस्ट ट्रेक का 43 किलोमीटर तक विस्तार किया गया था। पांच डिब्बों वाली इस ट्रेन के आगे इंजन लगा था और इसने धीमी रफ्तार से अपने ट्रैक पर दौड़ना शुरू किया। शुरुआत में यह देखा गया कि चुंबकीय ट्रैक पर क्या ट्रेन सही ढंग से सतह को छोड़ कर धीरे-धीरे उठ पाती है।

जापान में चुंबकीय तकनीक से दौड़ने वाली इन ट्रेनों की कॉमर्शियल शुरुआत 2027 में टोक्यो और नागोया के बीच करने की तैयारी है। यह ट्रेन 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा करेगी, जिससे टोक्यो-नागोया जैसे दूरस्थ शहरों का सफर मात्र 40 मिनट का रह जाएगा। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अपने अंतिम रूप में यह ट्रेन 16 डिब्बों की होगी और एक बार में इसमें 1000 मुसाफिर तक सफर कर सकेंगे। साल 2045 तक इसके ओसाका तक बढ़ाए जाने की योजना है। इसके बाद भविष्य में इन ट्रेनों से पूरे जापान को जोड़ने की योजना है।

जापान की बुलेट ट्रेन तकनीक का फायदा भारत को भी मिलेगा। जापान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह उसके यहां हाई स्पीड रेलवे सिस्टम को विकसित करने में भारी निवेश करने का इच्छुक है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जापान गए थे, जहां उन्होंने जापानी पीएम शिंजो अबे के साथ संयुक्त वक्तव्य जारी किया था। इसमें भारत में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए दोनों देशों के आपसी सहयोग की बात कही गई थी। 

Monday, 10 June 2013

कभी चूहों से भी छोटे थे इंसान...!

दुनिया में इंसानों के प्राचीन इतिहास को लेकर समय समय पर वैज्ञनिक तथ्य सामने आते रहे हैं। एक नए अध्ययन की माने तो बहुत अरसा पहले इंसानों के पूर्वज आकार में चूहों से भी छोटे होते थे।

चीन के हुबेई प्रांत में 2003 में मिले दुनिया के सबसे पुराने कंकाल एवं जीवाश्म के अध्ययन से इसका संकेत मिला है कि मानवों के पूर्वजों का कद बहुत छोटा हुआ करता था।

जो कंकाल बरामद किए गए थे, वे एक नए वंश और प्रजाति के हैं, जिन्हें आर्किकेबस के नाम से जाना जाता है। चीनी, अमेरिकी और फ्रांसीसी वैज्ञानिकों की ओर से लिखे गए दस्तावेज में इन तथ्यों का उल्लेख है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि पाषाण काल के शुरुआती दौर में 5.5 करोड साल पहले बंदर रहते थे। यह पहले से ज्ञात स्तनधारी जीवों से 70 लाख साल पुराने हैं।

इन बेहद छोटे स्तनधारी जीवों का शरीर करीब 71 मिलीमीटर लंबा और इनका वजन 20 से 30 ग्राम के बीच होता था। कंकालों के अध्ययन में कहा गया है कि ये जीव पेड़ पर चढ़ सकते थे और उछल कूद भी कर सकते थे।

अध्ययन दल का नेतृत्व करने वाले चाइनीज एकैडमी ऑफ साइंसेज के डॉक्टर नी जीजुन ने कहा कि ये जीव मानव प्रजाति के सबसे प्राथमिक सदस्य थे।

Friday, 7 June 2013

भारतीय स्टूडेंट्स ने डिवेलप किया स्पेशल आई माउस

मैंगलोर।। मैंगलोर के 4 इंजिनियरिंग स्टूडेंट्स ने ऐसा नायाब आविष्कार किया है, जिससे विकलांगों को कंप्यूटर ऑपरेट करने में बहुत सुविधा होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्यूनिकेश इंजिनियरिंग के 4 स्टूडेंट्स ने स्पेशल आई माउस डिवेलप किया है। यह आई माउस उन लोगों के लिए इनपुट डिवाइस का काम करेगा, जो अपने हाथों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

मैंगलोर के श्रीनिवास इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (SIT) में पढ़ने वाली श्रुति शेट्टिगर, प्रसाद नायक, वनीश्री और संध्या शेत ने असोसिएट प्रफेसर सतीश कुमार के. और इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्यूनिकेशन इंजिनियरिंग के एचओडी भीमा शास्त्री की गाइडेंस में काम करते हुए यह स्पेशल डिवाइस तैयार किया है। प्रफेसर सतीश ने बताया कि स्टूडेंट्स ने एक ऐप्लिकेशन डिवेलप करके इसे वेबकैम वाले कंप्यूटर में इन्स्टॉल कर दिया। कंप्यूटर से एक लाइट डिपेंडेंट रेज़िस्टर सर्किट जोड़ा गया, जिसे एक कुर्सी से फिट कर दिया है। जैसे ही कोई विकलांग शख्स इस कुर्सी पर बैठता है, कंप्यूटर ऑटोमैटिकली ऑन हो जाता है। कंप्यूटर के साथ जुड़ा वेबकैम कुर्सी पर बैठे शख्स की आंखों की मूवमेंट कैप्चर करना शुरू कर देता है।

प्रफेसर ने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा डिवेलप किया गया ऐप वेबकैम के जरिए मिल रही यूजर की आई बॉल्स की मूवमेंट्स को स्टडी करके कंप्यूटर को कमांड्स देना शुरू कर देता है। इसके बाद फिजिकली चैलेंज्ड व्यक्ति बिना माउस के कंप्यूटर को यूज कर सकता है। उसे बस इतना करना होगा कि किसी फोल्डर या आइकन को ओपन करने के लिए उसे फोकस करके घूरना होगा। कुछ ही सेकंड्स में फोल्डर या आइकन ओपन हो जाएगा। आई बॉल की मूवमेंट्स से कर्सर को भी मूव किया जा सकता है।

खास बात यह है कि यह खास इनोवेशन करने में स्टूडेंट्स ने सिर्फ 5,000 रुपये खर्च किए हैं। अब ये स्टूडेंट इस ऐप का पेटेंट कराना चाहते हैं। प्रफेसर सतीश का कहना है कि पेटेंट हासिल होने के बाद में मार्केट में इस प्रॉडक्ट को लॉन्च किया जाएगा, ताकि यह विकलांग लोगों के काम आ सके।

Thursday, 6 June 2013

आप बोलेंगे और हो जाएगा खुद-ब-खुद टाइप

नई दिल्ली: साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग ने आज मार्केट में गैलेक्सी टैब 3 के दो मॉडल्स उतारे हैं। कंपनी इसको दो स्क्रीन साइज में ला रही है। इसमें एक का स्क्रीन साइज 8.3 इंच और दूसरा 10.1 इंच का रहेगा।

इसमें अहम बात यह है कि 8 इंच वाले टैब 3 के एक फीचर की मदद से आप बोलेंगे और मेल खुद-ब-खुद टाइप हो जाएगी। हालांकि सैमसंग ने अभी तक दोनों टैबलेट्स की कीमत का खुलासा नहीं किया है।

दोनों टैबलेट एंड्रॉयड 4.2 जेली बीन ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेंगे। दोनों टैबलेट केवल वाईफाई नेटवर्क 3जी और वेरिएंट्स को सपोर्ट करेंगे।

Wednesday, 5 June 2013

गणित की यह गुत्थी सुलझाइए और करोड़पति बन जाएं

करोड़पति बनने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। उन्हें अपनी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बस गणित के एक सवाल को हल करना होगा।

हालांकि गणित की इस गुत्थी को सुलझाना इतना आसान नहीं है। सालों से यह सवाल बुद्धिमान लोगों को हैरत में डाले हुए है। इसी को हल करने के लिए डलास के एक अरबपति बैंकर 10 लाख डॉलर इनाम देंगे।

रोडे आईलैंड स्थित अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी ने घोषणा की है कि बील कंजेक्चर नामक इस सवाल के हल के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 10 लाख डॉलर कर दी गई है।

यह नंबर थ्योरी से संबंधित सवाल है। सवाल और इनाम का नाम डी एंड्रयू ‘एंडी’ बील के नाम पर रखा गया है। यह डल्लास के बैंकर हैं और नंबर थ्योरी में उनकी गहरी रुचि है। वे ही इनाम की राशि प्रदान करेंगे।

बील कंजेक्चर से पहले इसी तरह के गणित के एक सवाल ‘फर्मेट्स लास्ट थ्योरम’ को वर्ष 1990 में एंड्रयू विल्स ने रिचर्ड टेलर के साथ मिलकर हल किया था।

फेसबुक पर दोस्तों से शेयर करिए 1 जीबी तक की फाइल

अब आप फेसबुक पर दोस्तों के साथ 1 जीबी तक की फाइल शेयर कर सकते हैं। एक साल तक केवल इन्विटेशन और बीटा वर्जन के बाद फेसबुक इंटिग्रेटेड ऐप पाइप आज से शुरू हो गया है।

वैसे तो आज ड्रॉप बॉक्स और गूगल ड्राइव जैसे कई ऑप्शंस हैं, जिनसे बड़ी फाइलें शेयर की जा सकती हैं, लेकिन पाइप का सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ना इसे खास बना देता है।

इसे इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है। केवल ड्रैग ऐंड ड्रॉप से फाइल किसी दोस्त को भेजी जा सकती है। पाइप से आप फेसबुक के ऐप सेंटर में जाकर जुड़ सकते हैं।

इस ऐप को बर्लिन की कंपनी पाइप ड्रीम टेक्नॉलज़ीज ने डिवेलप किया है। चूंकि यह आपके फेसबुक अकाउंट से जुड़ा होगा, इसलिए आप इस सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर दोस्तों के साथ रियल टाइम में 1 जीबी तक की फाइल ट्रांसफर कर सकते हैं।

आप और आपके दोस्त के ऑनलाइन होने पर पाइप P2P (पियर-टु-पियर) कनेक्शन बनाता है। दोनों कम्प्यूटर के बीच कॉन्टैक्ट के लिए इस ऐप में पाइप न तो किसी सर्वर का इस्तेमाल करता है और न ही आपकी फाइल फेसबुक के जरिए ट्रांसफर करता है। अगर कोई ऑफलाइन है और आप कोई फाइल भेजना चाहते हैं, तो पाइप उसे एक लॉकर में स्टोर करता है। इन लॉकर्स में 100एमबी तक ही डेटा स्टोर किया जा सकता है, हालांकि आप जितने चाहें, उतने लॉकर यूज़ कर सकते हैं।

पाइप अभी केवल डेस्कटॉप कम्प्यूटर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके मोबाइल वर्जन पर काम चल रहा है। इसका आईओएस वर्जन तैयार हो चुका है, ऐंड्रॉयड वर्जन डिवेलप किया जा रहा है।

Monday, 3 June 2013

फेसबुक पर स्टार को पहचानने में अब नहीं होगा धोखा

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने ट्विटर की तरह वेरिफाइड पेज और वेरिफाइड अकाउंट्स लांच किए हैं।

अब आप फेसबुक पर यह आसानी से जान पाएंगे कि आपके फेवरेट स्टार का सही अकाउंट कौन सा है? इससे पहले सोशल नेटवर्किंग साइट पर सही और गलत अकाउंट के बारे में जानना मुश्किल था।

अभी फेसबुक ने इस तरह के पेज की शुरूआत सेलिब्रिटी, जर्नलिस्ट, सरकारी अधिकारी, पॉपुलर बिजनेस ब्रांड के लिए की है। नई सर्विस के बाद यूजर को सही अकाउंट की पहचान करने में आसानी होगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक 'वेरिफाइड पेज' पर ब्लू कलर का छोटा सर्किल दिखाई देगा। इस घेरे में व्हाइट कलर का का राइट का निशान बना होगा, जो कि सही अकाउंट की पहचान होगी।

इसी निशान से आपको पता चलेगा कि जो पेज आप फॉलो करने जा रहे हैं वह सही है या नहीं। चुनिंदा इंडियन सेलिब्रिटी के वेरिफाइड अकाउंट ओपन करने के लिए क्लिक करें।

अमिताभ बच्चन

सलमान खान

प्रियंका चोपड़ा

एमएस धोनी

सचिन तेंदुलकर

वैज्ञानिकों ने ढूंढा तीन सींग वाला डायनासौर

वाशिंगटन। जीवाश्म के आधार पर वैज्ञानिकों ने तीन सींग वाले डायनासोर की एक प्रजाति का पता लगाया है। इस प्रजाति के डायनासोर के सींग अन्य प्रजातियों से बिल्कुल अलग हैं। ये सबसे पुरानी प्रजाति ट्रिसेराटॉप्स एवं टोरोसोरस से संबंध रखते हैं। इनकी पहचान जुडीसेराटॉप्स के नाम से हुई है। इनके जीवाश्म उत्तरी मोंटना से प्राप्त हुए हैं। यही नहीं जीवाश्म के आधार पर इसी तरह की 18 प्रजातियों के अन्य डायनासोरों का अन्य क्षेत्रों में पता चला है। 

वैज्ञानिक निकोलास लॉंगरिच ने कहा कि सेरोटॉपसिड्स (सींग वाले डायनासोर) तेजी से बढ़ने वाली प्रजाति थी, ऐसे में उम्मीद है कि आगे भी हमें ऐसी खोज मिलती रहेंगी। ये प्रजाति कुछ करोड़ साल पुरानी है। बाद में इस प्रजाति की जगह नई प्रजातियों ने जन्म लिया। 

उन्होंने कहा कि आप जितने पुराने पत्थर देखते जाएंगे, नई प्रजाति मिलती जाएगी। 7.8 करोड़ साल पहले जुडीसेराटॉप्स क्रेटासियस युग में रहते थे। ये बड़े पेड़ खाते थे। 

इससे पहले भी चीनी वैज्ञानिकों ने नए डायनासोर की प्रजाति का पता लगाया था। ये डायनासोर मांसभक्षी थे और दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में लगभग 18 करोड़ साल पहले या पूर्व जुरासिक युग के दौरान पाए जाते थे। नया डायनासोर कोलोफाइसिज से संबंधित था, जो छोटे आकार का मांसभक्षी डायनासोर था।