Monday, 29 April 2013

सरबजीत को इलाज के लिए विदेश नहीं भेजेगा पाक, भारत ने अपने ही नेताओं को लगाई लताड़

लाहौर/नई दिल्ली. भारत में चीन की एक और घुसपैठ व अफगानिस्‍तान को अमेरिका की ओर से रिश्‍वत दिए जाने की खबरों के बीच पाकिस्‍तान से भारत के लिए निराशाजनक खबरें आ रही हैं। कोट लखपत जेल में हमले से घायल सरबजीत की जान से पाकिस्‍तान खिलवाड़ कर रहा है तो भारत भी इस मसले पर गंभीर नही दिखाई दे रहा है। सरबजीत की बचने की उम्मीद कम है। 48 घंटे बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। उसे ब्रेन हेमरेज का खतरा बना हुआ है।

सरबजीत के परिवार वालों की मांग है कि उन्‍हें इलाज के लिए भारत भेजा जाए। लेकिन इसकी संभावना नहीं लगती, क्‍योंकि पाकिस्‍तान सरकार ने सरबजीत के स्‍वास्‍थ्‍य पर नजर रखने के लिए चार डॉक्‍टरों का जो पैनल बनाया था उसने इसके खिलाफ सिफारिश की है। पैनल ने कहा है कि सरबजीत इलाज के लिए विदेश भेजने की जरूरत नहीं है। भाजपा और सपा ने सरबजीत को भारत लाकर बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की है जबकि केंद्र सरकार में मंत्री राजीव शुक्‍ल का कहना है कि इस मसले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।

पाकिस्तान पहुंची सरबजीत की बहन, पत्नी और बेटियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल जाकर आईसीयू की खिड़की से सरबजीत को देखा। इस दौरान बेटियां भावुक हो गईं। परिवार के किसी को भी सदस्य को सरबजीत के नजदीक नहीं जाने दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि इससे सरबजीत और परिवार को दिक्कत हो सकती है।

जिन्ना अस्पताल को सब-जेल में तबदील कर दिया गया है। आईसीयू के आसपास किसी को जाने नहीं दिया जा रहा। अस्पताल में जगह-जगह हथियारबंद पुलिसबल तैनात किया गया है।

Saturday, 27 April 2013

चीन दे रहा है चुनौती, 19 किलोमीटर तक किया घुसपैठ


नई दिल्ली। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ कर जमी चीनी सेना ने भारतीय हद में 19 किमी भीतर अपना तंबू गाड़ा है। यह बात रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने रक्षा संबंधी संसदीय समिति के सामने रखी। हालांकि बताया जाता है कि अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर समिति सदस्यों ने असंतोष भी जताया है। इस बीच, रक्षा मंत्री एके एंटनी ने विवाद के सुलझने की उम्मीद जताते हुए कहा कि समाधान निकालने के लिए चीन के साथ कई स्तर पर बातचीत चल रही है।

रक्षा संबंधी समिति ने शुक्रवार दोपहर हुई बैठक में मंत्रालय के अधिकारियों से चीनी घुसपैठ को लेकर जवाब-तलब किए। सूत्रों के मुताबिक रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा की अगुआई में पहुंचे मंत्रालय व सैन्य अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हालात की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर असंतुष्ट समिति सदस्यों ने मामले पर जवाब देने के लिए मंत्रालय के अधिकारियों को 30 अप्रैल को फिर बुलाया है। मंत्रालय व सैन्य अधिकारियों ने समिति को बताया कि 16 अप्रैल को भारतीय गश्ती दल ने चीनी सैनिकों के टेंट लगे होने की खबर दी थी। यह टेंट लद्दाख के दिपसांग इलाके में दौलत बेग ओल्डी के नजदीक है।

मामले को फ्लैग मीटिंग के अलावा कूटनीतिक माध्यमों से उठाया गया है और समाधान की कोशिश हो रही है। इससे पहले संसद परिसर में मीडिया के सवालों पर रक्षा मंत्री एंटनी ने भी कहा कि समाधान के लिए कई स्तर पर बातचीत हो रही है। सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने ताजा स्थिति पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ बैठक की। महत्वपूर्ण है कि भारतीय सैनिकों का दस्ता भी चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति में जमा है। वहीं भारतीय वायुसेना ने इलाके में राशन व रसद संबंधी सामान्य उड़ानें शुरू कर दी हैं। चीनी सैनिकों के भारतीय हद में तंबू चौकी बनाने के बाद वायुसेना ने कुछ समय के लिए उड़ानों को रोक दिया था।

गौरतलब है कि चीनी तंबू 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान बनाई गई दौलत बेग ओल्डी की हवाई पट्टी के नजदीक है। भारतीय वायुसेना ने हाल में इस पट्टी को बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार किया था।

लाहौर जेल में हमले के बाद सरबजीत सिंह डीप कोमा में


लाहौर/अलमाटी : सरबजीत सिंह ‘डीप कोमा’ में हैं, हालत स्थिर होने तक किसी तरह की सर्जरी नहीं की जा सकती। पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे सरबजीत सिंह लाहौर की एक जेल में दो कैदियों के हमले के बाद शुक्रवार रात ‘कोमा’ में चले गए थे। पाकिस्तानी चिकित्सकों ने आज सुबह भारतीय अधिकारियों को यह जानकारी दी थी। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि सरबजीत सिंह की देखभाल कर रहे चिकित्सकों ने बताया है कि वह वेंटीलेटर पर कोमा में हैं और उनकी आईवी चल रही है। आईवी के तहत नसों के जरिए शरीर के अंदर दवा पहुंचाई जाती है।

उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर स्थित जिन्ना अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रात दो बजे सरबजीत तक पहुंच स्थापित कर सके। यह हमला उस समय हुआ जब सरबजीत (49) और अन्य कैदियों को एक घंटे के लिए उनकी कोठरी से बाहर ले जाया जा रहा था। दो कैदियों ने सरबजीत पर कुंद वस्तुओं से वार किया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। लाहौर में अधिकारियों ने बताया कि सरबजीत को शुरुआत में जेल के भीतर बने अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सरबजीत को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 1990 में हुए बम धमाकों में कथित तौर पर संलिप्त रहने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इन धमाकों में 14 लोगों की मौत हो गई थी। सरबजीत की दया याचिकाओं को पाकिस्तानी न्यायालयों और पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने खारिज कर दिया था। पीपीपी नीत पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत की फांसी 2008 में अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी थी। सरबजीत के परिवार का कहना है कि वह अनजाने में सीमा पार भटक गए थे और वह गलत पहचान का शिकार हो गए।

Friday, 26 April 2013

क्या गुल खिलाएगी बाबा रामदेव-मोदी की जोड़ी


देवभूमि में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की आमद की आहट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मोदी की यह यात्रा यूं तो गैरराजनीतिक है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकलकर सामने आ रहे हैं। खासकर, राजनीतिक दल बनाने की घोषणा कर चुके बाबा के मोदी प्रेम से भाजपाई जरूर राहत महसूस कर रहे होंगे। मोदी के माध्यम से ही सही, एक ऐसे राजनीतिक दल का गठन रुक सकेगा, जो भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है।

कांग्रेस के साथ छत्तीस का आंकड़ा बनने से पहले, यानी मई-जून 2011 तक बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ में भाजपा ही नहीं, सभी सियासी पार्टियों के बड़े नेताओं का आना-जाना निहायत सामान्य सी बात हुआ करती थी, लेकिन काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा की मुहिम के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई। पिछले दो सालों में संभवतया राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले राजनेताओं में मोदी ही ऐसे अकेले राजनेता हैं, जिनका कार्यक्रम बाबा की योगपीठ में बना है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो 2014 के लोकसभा आम चुनाव इसका मुख्य कारण हैं।

मोदी की राष्ट्रीय राजनीति में दस्तक के बाद भाजपा के अंदरूनी समीकरण चाहे जैसी भी शक्ल लें, लेकिन इतना तो तय है कि मोदी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए अहम रोल में रहेंगे। मोदी इस भूमिका के लिए सुविचारित रणनीति के तहत अपने कदम बढ़ा रहे हैं। समाज के अलग-अलग तबकों के बीच जिस तरह उन्होंने अपनी बात अब तक रखी है, उससे इसकी पुष्टि भी होती है। बाबा रामदेव के कार्यक्रम में संत समाज से रूबरू होने के लिए मोदी के हरिद्वार आने को भी इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है। वैसे भी भाजपा में अग्रिम पंक्ति में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए मोदी के लिए यह जरूरी है कि संत समाज का आशीर्वाद भी उनके पास हो।

मोदी की बाबा से जुगलबंदी के बाद अब इस बात की संभावना काफी कम मानी जा रही है कि बाबा रामदेव आगामी लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल का गठन करें। दरअसल, बाबा अक्सर राजनीतिक दल बनाने की बात तो करते हैं, मगर साथ ही भाजपा में नरेंद्र मोदी की पैरवी भी खुलकर करते रहे हैं। इससे समझा जा रहा है कि अगर मोदी को पार्टी प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने को तैयार हो जाती है तो शायद बाबा फिलहाल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को विराम दे दें। मोदी की हरिद्वार यात्रा इस लिहाज से भी खासी अहम साबित हो सकती है।

कोल घोटाले की जांच में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की हुई अनदेखी


नई दिल्ली : कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितता की जांच को लेकर सीबीआई ने आज सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा पेश किया। सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने दो पन्नों के इस हलफनामे में माना है कि उन्होंने इस मुद्दे पर बनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने से पहले पीएमओ, कानून मंत्री और कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव को दिखाई थी। लेकिन उन्होंने यह नहीं माना कि इसमें कोई बदलाव किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।

संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर आज खूब हंगामा हुआ जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। भाजपा ने अपने हमले तेज करते हुए कहा है कि सीबीआई निदेशक के हलफनामे के बाद सरकार बेनकाब हो गई है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया है। देश जानना चाहता है कि कोयला घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है या सरकार कर रही है। भाजपा ने कहा कि जो जांच के घेरे में थे उन्हें ही जांच रिपोर्ट दिखाई गई।

सुप्रीम कोर्ट को पिछले महीने दी गई अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा था कि सरकार ने कंपनियों के वित्तीय और दूसरे रिकार्ड्स को सही तरीके से नहीं देखा था, जिस वजह से सरकार को इसके लाइसेंस बंटवारे में घाटा हुआ। सरकार की मुश्किलें इसलिए भी हैं, क्योंकि जिस समय का यह मामला है उस दौरान कोयला मंत्रालय का प्रभार खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था।

Wednesday, 24 April 2013

चिटफंड घोटाला : लुटे निवेशकों के लिए 500 करोड़ का राहत कोष


कोलकाता : शारदा ग्रुप द्वारा संचालित चिटफंड कंपनी में निवेश कर धन गंवाने वाले निवेशकों को राहत देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार 500 करोड़ रुपए के राहत कोष का गठन करेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आशय की घोषणा की है। बनर्जी ने इस कोष के लिए धन मुहैया कराने के लिए सिगरेट पर 10 प्रतिशत कर लगाने की भी घोषणा की।

राज्य सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग में संवाददाताओं से बातचीत में सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, `हम अपना धन गंवाने वाले छोटे एवं मझोले निवेशकों के लिए 500 करोड़ रुपए के राहत कोष का गठन करेंगे। इससे परेशान आम लोगों को मदद मिलेगी। इस कोष के लिए धन जुटाने के वास्ते हम सिगरेट पर 10 प्रतिशत कर लगाएंगे। इससे हमें 150 करोड़ रुपए की आय होगी। शेष राशि जुटाने के लिए हम अन्य संसाधनों का सहारा लेंगे।`

बनर्जी ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश श्यामलाल सेन की अध्यक्षता वाले आयोग की सिफारिश पर निवेशकों को कोष से भुगतान किया जाएगा। आरबीआई या अन्‍य केंद्रीय एजेंसियों की ओर से कार्रवाई न होने के सवाल पर ममता ने कहा कि चिटफंड घोटाले में किसी तरह से संलिप्‍पता पाए जाने पर तृणमूल कांग्रेस के सदस्‍यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

पश्चिम बंगाल पुलिस का बचाव करते हुए ममता ने कहा कि पुलिस ने सुदीप्‍तो सेन के अलावा इस कंपनी के दो शीर्ष अधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। उन्‍होंने यह भी कहा कि चिटफंड संबंधी नियमन को लेकर एसेंबली का विशेष सत्र बुलाने के लिए वह तैयार हैं और इस मामले को लेकर जल्‍द ही चिटफंड संबंधी कानून बनाया जाएगा। नुकसान को कम करने की कोशिश के तहत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस डूबी हुई कंपनी के निवेशकों के लिए 500 करोड़ रूपए का राहत कोष बनाने का ऐलान किया। वहीं, आयकर विभाग इस मामले में सभी लेनदेन की जांच करेगी। 

शारदा ग्रुप के अध्यक्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम नहीं जानते थे कि वह आदमी धोखेबाज है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और शारदा ग्रुप के बीच कोई रिश्ता नहीं हैं इस बीच सुदिप्त सेन और शारदा के दो अन्य अधिकारियों को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस कोलकाता रवाना हो गई। इन्हें कल जम्मू कश्मीर के गंदेरबल से गिरफ्तार किया गया था और वहां की अदालत से चार दिन का पारगमन रिमांड मिलने के बाद पुलिस इन्हें दिल्ली के रास्ते यहां लाने के लिए लेकर निकल पड़ी। कांग्रेस ने कहा कि घोटाले की सीबीआई जांच होनी चाहिए क्योंकि इसमें तृणमूल कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेताओं के शामिल रहने की खबर है।

पीछे हटने के बजाय चीन दिखा रहा है तेवर


नई दिल्ली।। पिछले 10 दिनों से लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना की घुसपैठ को लेकर तनाव चरम पर पुहुंचता जा रहा है। चीनी सैनिकों को पीछे हटाने की भारत की मांग को चीन ने एक बार फिर खारिज करते हुए साफ कह दिया है कि उसने वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर भारतीय इलाके में जरा भी घुसपैठ नहीं की है। इस बीच, चुमार क्षेत्र में दो चीनी हेलिकॉप्टरों ने भारतीय वायुसीमा का भी उल्लंघन किया है। इसके बावजूद भारत सरकार फिलहाल बातचीत जारी रखने के संकेत दे रही है। हालांकि, लद्दाख में घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए सेना ने सरकार को विभिन्न सैन्य विकल्पों के बारे में बताया है। 

भारत की ओर से कई स्तरों पर मसले को सुलझाने की कोशिशें बुधवार को जारी रहीं। रक्षा मंत्री ए. के . एंटोनी ने इसके संकेत भी दिए। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन ने चीन के स्टेट काउंसेलर यांग च्ये छी से बात की। बुधवार को चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मसले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच सम्पर्क की बात कहते हुए भारत को यह सलाह भी दे डाली कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर अब तक जो समझौते हुए हैं, वह उनका सम्मान करे। भारतीय खेमा चीन की इन दलीलों को पहले ही खारिज कर चुका है। भारत का कहना है कि एलएसी को लेकर मतभेद हैं, लेकिन क्षेत्र में चीनी सेना की ताजा गतिविधि दर्ज की गई है, वह भारतीय क्षेत्र है। 

चीनी हेलिकॉप्टर भारतीय एयरस्पेस में इस बीच, लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में टेंट चौकी बनाने के बाद लेह से 300 किमी दूर चुमार क्षेत्र में दो चीनी हेलिकॉप्टरों द्वारा वायुसीमा के भी उल्लंघन की घटना सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को कहा कि चीनी हेलिकॉप्टर 21 अप्रैल को भारतीय वायुसीमा में घुसे और कुछ वक्त तक इलाके के ऊपर मंडराते रहे। ये हेलिकॉप्टर खाने-पीने के सामानों के केन, सिगरेट के पैकेट और अपनी स्थानीय भाषा में लिखे नोट गिराने के बाद लौट गए। पिछले साल सितंबर में भी इस तरह की घटना हुई थी, जब हेलिकॉप्टर से उतरे चीनी फौजियों ने भारतीय सेना के बनाए कुछ पुराने मोर्चे और टेंट तोड़ दिए थे। 

सेना के इस्तेमाल पर चर्चा सरकारी सूत्रों ने कहा कि सेना ने चीनी घुसपैठ के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व वाले चीन अध्ययन समूह को सेना के इस्तेमाल सहित विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी है जिसमें रक्षा, गृह और विदेश मंत्रालयों के सचिव शामिल हैं। चीन अध्ययन समूह को सुझाए गए सभी विकल्पों पर सावधानी से गौर किया जा रहा है और इस स्थिति में सभी संबंधित पक्षों से भी जानकारी ली गई है। सेना ने पांच लद्दाख स्काउट्स बटालियन से अपने सैनिकों को डीबीओ इलाके में भेज दिया है और वे वहां डेरा डाले हुए हैं। सेना जरूरत पड़ने पर और सैनिकों को वहां भेजने पर भी विचार कर रही है। 

दौरे पर संकट? मई के तीसरे सप्ताह में चीन के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भारत दौरे के मद्देनजर भारत की कोशिश है कि घुसपैठ के मसले को इतना तूल नहीं दिया जाए कि दौरे पर आंच आए। चीन के नए प्रधानमंत्री ली खछ्यांग अपने पहले विदेश दौरे पर आएंगे जिसे भारत में काफी अहमियत दी जा रही है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने टीवी चैनलों से बुधवार को जो कहा, उससे आभास मिल रहा है कि भारत इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाएगा। लेकिन विपक्ष ने बुधवार को सरकार से कई सवाल पूछ डाले। बीजेपी सांसद तरुण विजय ने सांसदों की विशेष बैठक बुलाने की मांग की जिसमें चीनी घुसपैठ के बारे में विदेश सचिव जानकारी दें। जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार से पिछले तीन वर्षो में चीनी सेना की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ का ब्यौरा देने की मांग की। 

एक और फ्लैग मीटिंग सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना की ओर से लद्दाख में चीनी सैन्य अधिकारियों के साथ एक और फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव भारत ने रखा है। चीन ने इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन शुक्रवार को यह बैठक हो सकती है। मंगलवार को हुई दूसरे दौर की फ्लैग मीटिंग के दौरान चीन ने अपने सैनिकों को पीछे हटाने के लिए भारत के सामने कई शर्तें रखी हैं जो भारत को कतई मान्य नहीं होंगी। इस बीच, जम्मू कश्मी के अपने दौरे से लौटते वक्त आर्मी चीफ जनरल बिक्रम सिंह ने बुधवार को डोडा और अखनूर सेक्टर जाकर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। भारत ने चीन की सीमा के पास पूर्वोत्तर क्षेत्र में वायु मार्ग से नीचे उतरने में सक्षम 1500 और सैनिकों को तैनात करने की योजना बनाई है। 

क्या चाहता है चीन? राजनयिक सूत्रों के मुताबिक चीन अपने सैनिकों को पीछे हटाने के लिए पूर्वी लद्दाख के इलाके में पिछले कुछ वर्षों में भारत की ओर से बनाई गई कुछ नई ढांचागत सुविधाओं और अग्रिम चौकियों को हटाने की मांग कर रहा है। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख के न्योमा और फुकचे में एक हवाई पट्टी बनाने के बाद भारतीय वायुसेना ने दौलत बेग ओल्दी में भी एक हवाई पट्टी बनाई है, जहां से एएन-32 जैसे परिवहन विमान उतारे जा सकते हैं। इसके अलावा भारतीय सेना ने इस इलाके में कई अग्रिम सैन्य चौकियां भी बनाई हैं, जो भारतीय इलाके में है लेकिन चीन को यह पसंद नहीं आ रहा। 

1986 में भी हुई थी ऐसी हरकत भारत और चीन के बीच 4 हजार किलोमीटर लंबी एलएसी पर घुसपैठ की वारदात होती हैं लेकिन चीनी सैनिक टोके जाने के बाद पीछे चले जाते हैं। 1986 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि चीनी सैनिकों ने घुसपैठ करने के बाद अपनी चौकी स्थापित कर ली है। 1986 में अरुणाचल प्रदेश के इलाके में समदुरोंग छू घाटी में चीनी सैनिकों ने अपनी चौकी स्थापित कर ली थी जो भारतीय सेना की ओर से जवाबी चुनौती दिए जाने के बाद हटा ली गई थी। 

Tuesday, 23 April 2013

चीन का अड़ियल रुख, कहा-वापस नहीं जाएंगे, तुम पीछे हटो


नई दिल्ली। लद्दाख में चीन के सैनिकों की घुसपैठ को लेकर मामला और गरमा गया। चीन ने भारत को दो टूक सुनाते हुए कहा कि हम अपने ही क्षेत्र में हैं हमने घुसपैठ नहीं किया है। हम वापस नहीं लौटेंगे। चीन ने अपनी पिछली स्थिति पर लौटने की भारतीय मांग मानने से मना कर दिया। इसके बाद भारत ने लद्दाख के इस दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में और सेना भेजने का निर्णय किया है। इससे पहले वहां आईटीबीपी की लद्दाख स्काउट टीम भेजी जा चुकी है जो पहाड़ी युद्ध में विशेषज्ञ है। सेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह बुधवार को लद्दाख क्षेत्र का दौरा करेंगे।

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवादित इलाके में अपने सैनिकों की टेंट चौकी खड़ी कर चीन ने हद लांघने के साथ ही 2005 में हुए समझौते को भी तोड़ा है। सीमा पर बीते नौ दिन से जारी तनाव को कम करने के लिए भारत ने चीन को सीमा पर 15 अप्रैल से पहले की स्थिति में लौटने के लिए कहा है। हालांकि, मंगलवार को दूसरी फ्लैग मीटिंग में भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। इसके साथ ही बीते दिनों नए चीनी नेतृत्व की ओर से संबंध सुधार के लिए की गई मीठी बातों का मुलम्मा भी उतर गया है।

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों पक्षों के मतभेदों के कारण अतिक्त्रमण होते रहे हैं, लेकिन इस तरह टेंट बनाना गश्त के दौरान अतिक्रमण से आगे का कदम है। लिहाजा भारत ने अपनी चिंताएं चीनी राजदूत को बुलाकर रख दी हैं। साथ ही फ्लैग मीटिंग कर मसले को उठाया गया है। विदेश मंत्री ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत की प्रतिक्त्रिया अनुपातिक ही होगी। हम नहीं चाहते कि तनाव बढ़े। हालांकि, भारत पर 1962 के चीनी आक्रमण के 50 साल पूरे होने के बाद इस नई करतूत पर सरकार की कोशिश बीजिंग के साथ तनाव न बढ़ाने पर ज्यादा है।

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को भारत की ओर से ब्रिगेड कमांडर और चीन के सीनियर कर्नल के बीच चुशूल के नजदीक करीब पांच घंटे चली फ्लैग मीटिंग में चीनी टेंट हटाने की कोई सूरत नहीं बन पाई। बेहद फूंक-फूंककर कदम रख रहे भारतीय खेमे ने और फ्लैग मीटिंग का मन बनाया है। वहीं, मौजूदा हालात में भी एक ब्रिगेडियर रैंक अधिकारी की अगुआई में सैन्यदल दो दिनी दौरे पर चीन रवाना हो गया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन के मुताबिक भारत इसे दोनों मुल्कों के बीच 2005 में सैन्य पहलुओं पर हुए विश्वास निर्माण उपायों पर हुए समझौते के तहत आमने-सामने की स्थिति के तौर पर देखता है। विदेश मंत्रालय का कहना था कि चीन को इस घटना से पहले की स्थिति में लौटते हुए यथास्थिति बनाए रखनी चाहिए।

हालांकि, प्रवक्ता ने इसे स्थानीय घटना बताया, जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर दोनों पक्षों की धारणाओं में मतभेद है। महत्वपूर्ण है कि लद्दाख के पश्चिमी सेक्टर में दौलत बेग ओल्डी के नजदीक चीनी सैनिक भारतीय हद में करीब 10 किमी अंदर आकर एक टेंट चौकी बनाकर जमे हैं। अकबरुद्दीन ने 2005 के प्रोटोकॉल के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि तय प्रक्रिया के तहत आमने-सामने की स्थिति में दोनों पक्ष संयम दिखाएंगे और तनाव न बढ़े इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करेंगे। इसी प्रोटोकॉल के तहत 16 अप्रैल को कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के बाद 48 घंटे के भीतर दोनों देशों के बीच 18 अप्रैल की सुबह फ्लैग मीटिंग बुलाई गई। हालांकि, इसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया।

चीनी अतिक्रमण-घटनाक्रम

15 अप्रैल 2013 - लद्दाख के दौलतबेग ओल्डी क्षेत्र में चीनी सैनिकों को टैंट लगाए पहली बार देखा गया।

16 अप्रैल - विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया मामलों के संयुक्त सचिव ने भारत-चीन सीमा मामलों पर बने विशेष तंत्र के तहत अपने चीनी समकक्ष से बात की।

17 अप्रैल - भारतीय सैनिकों का दूसरा गश्ती दल रवाना किया गया। भारतीय दल ने निर्धारित प्रक्त्रिया के तहत बैनर दिखाकर चीनी सैनिकों को लौटने को कहा।

18 अप्रैल - भारतीय सेना के बुत्र्से कैंप के नजदीक चीनी सेना की टेंट पोस्ट में पीएलए फौजियों की संख्या बढ़कर 30 हो गई।

- भारत ने सुबह को चीनी अफसरों के साथ फ्लैग मीटिंग बुलाई, कोई नतीजा नहीं निकला।

- शाम को विदेश सचिव रंजन मथाई ने चीनी राजदूत को बुलाकर भारतीय चिंताएं रखीं।

19-21 अप्रैल - हालात जस के तस। इस बीच 17 तारीख के बाद से हर रोज बैनर दिखाकर चीनी सैनिकों को लौटने को कहा जा रहा है।

22 अप्रैल - चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, उसके गश्ती दल ने वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन नहीं किया।

23 अप्रैल - मंगलवार सुबह करीब 10.30 पर चुशूल के नजदीक फ्लैग मीटिंग शुरू हुई। पांच घंटे चली बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया।

मौजूदा स्थिति

भारतीय धारणा के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा से 10 किमी से अधिक भीतर चीनी सेना ने एक टेंट चौकी बना रखी है। लद्दाख में 16,300 फीट की ऊंचाई पर राकी नाला इलाके में 1962 में बनी दौलतबेग ओल्डी हवाई पंट्टी से 40 किमी दूर है चीनी सैनिकों का टेंट। चीनी प्लाटून में पीएलए के 30 फौजी हैं, जिनमें तीन अधिकारी, 27 अन्य रैंक व दो कुत्ते शामिल हैं। चीनी सैनिकों की निगरानी के लिए 200 मीटर दूर भारतीय सेना का गश्ती दल भी मौजूद है। लद्दाख स्काउट्स की अतिरिक्त कुमुक भी भारतीय गश्ती दल के साथ है।

क्या है 2005 का प्रोटोकॉल

अप्रैल 2005 में तत्कालीन चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने नियंत्रण रेखा व सीमा पर सैन्य विश्वास बहाली के समझौते पर दस्तखत किए थे। समझौते के अनुसार अतिक्रमण की सूरत में 48 घंटे के भीतर हॉटलाइन से सीमा बैठक बुलाने का विकल्प है। इसमें प्रावधान है कि गश्ती दल एक-दूसरे से आमना-सामना होने पर बैनर दिखाएंगे और पलट जाएंगे। दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 1710 वर्ग किमी के इलाके पर सहमति नहीं है।

बैनर ड्रिल

गश्ती दल एक-दूसरे से सामना होने पर बैनर दिखाते हैं जो कहता है, कि आप हमारे इलाके में आ गए हैं। बेहतर होगा कि आप वापस लौट जाएं, क्योंकि हम भी वापस लौट रहे हैं।

आरुषि-हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देख राजेश तलवार ने की हत्याएं


बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मुख्य आरोपी डा. राजेश तलवार और नूपुर तलवार अब परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घिरने लगे हैं। मामले के विवेचक व सीबीआइ के एएसपी एजीएल कौल ने कोर्ट में जोड़ी गई कड़ियों के हिसाब से पूरा घटनाक्रम बताया और कहा कि आरुषि व हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखने पर डा.राजेश तलवार ने गोल्फ स्टिक से वार कर हत्याकांड को अंजाम दिया।

सीबीआइ कोर्ट में जिरह के दौरान विशेष लोक अभियोजक आरके सैनी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता सत्यकेतु सिंह में कुछ शब्दों को लेकर खूब नोकझोंक हुई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख निश्चित की है। मंगलवार को तलवार दंपती भी अदालत में पेश हुए। बचाव पक्ष से जिरह के दौरान एएसपी कौल ने कहा कि 15/ 16 मई, 2008 की रात घर में डा. राजेश तलवार, डा. नूपुर तलवार, आरुषि व हेमराज मौजूद थे। ड्राइवर मुनेश ने चारों को उस रात को आखिरी बार देखा था। हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बेड पर हुआ और उसके बाद चादर में लपेटकर व घसीटकर छत पर ले जाया गया। वहां पर उसका गला काटा गया।

रात 12 बजे तक डा.राजेश तलवार अपने कमरे में जागे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरुषि व हेमराज की मौत का समय रात्रि 12 बजे से एक बजे के बीच का है। डा. राजेश ने अपने कमरे में आवाज सुनी तो वह हेमराज को देखने उसके कमरे में गए, लेकिन वह वहां नहीं मिला। उन्होंने हेमराज के कमरे में रखी दो गोल्फ स्टिक में एक उठा ली। इस दौरान उन्हें यह पता चल चुका था कि आवाज आरुषि के कमरे से आ रही थी। आरुषि के कमरे का दरवाजा बंद नहीं था। डा. राजेश ने गोल्फ स्टिक से हेमराज के सिर पर वार किया। दूसरा वार किया तो हेमराज वहां से हट गया और यह वार सीधा आरुषि के माथे पर लगा। इस दौरान डा. राजेश ने कई वार किए। आवाज पर डा. नूपुर भी आरुषि के कमरे में पहुंच गई। तब तक हेमराज बेड से नीचे गिर गया था।

दोनों ने आरुषि की नब्ज देखी तो उसे मृत पाया। इसके बाद दोनों घबरा गए और हेमराज का कत्ल कर शव को छिपाने और मौका मिलने पर उसको डिस्पोज करने की साजिश रची। इसी उद्देश्य से तलवार दंपती ने हेमराज को चादर में लपेटा और घसीटकर सीढि़यों से छत पर ले गए। एक कोने में छोटे धारदार हथियार से उसका गला चीर दिया। साथ ही कूलर का पैनल निकालकर हेमराज के शव पर रख दिया। इसके बाद चादर व धारदार हथियार लेकर फ्लैट में आ गए। वहां से उन्होंने डबल चादर व एक ताला चाबी लिया और वापस छत पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों आरुषि के कमरे में आ गए और बिस्तर पर अस्त-व्यस्त रखे खिलौने व अन्य सामान को अपनी जगह पर रख दिया। बिस्तर की चादर की सलवटें भी ठीक कर दी और आरुषि का गला धारदार हथियार से काट दिया। ताकि आरुषि व हेमराज के गले के जख्म एक तरह के दिखाई पडे़।

कौल ने कहा कि डा. नूपुर तलवार ने आरुषि के संवेदनशील अंग को साफ किया और उसे अंत:वस्त्र व पायजामा पहना दिया। इसके बाद वहां पडे़ खून को साफ किया। इंटरनेट के राउटर से छेड़छाड़ की। खून से सने कपड़े व धारदार हथियार एक साथ रख दिए। गोल्फ स्टिक भी साफ करके आरुषि के कमरे की दुछत्ती में छिपा दी और सबसे बाहर का दरवाजा अंदर से तथा बीच के लोहे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इस दौरान डा. राजेश वेलेंटाइन व्हिस्की बिना पानी के पीते रहे और नौकरानी के सामने आरुषि की हत्या का आरोप हेमराज पर मढ़ दिया।

दिल्‍ली रेप: सड़क से लेकर संसद तक फूटा आक्रोश, दोषियों को फांसी की मांग


नई दिल्‍ली : राष्ट्रीय राजधानी में पांच वर्षीय बच्ची से बलात्कार की घटना के विरोध में सोमवार को सड़क से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन की गूंज रही। एक सुर से सभी ने बलात्‍कार के दोषी को फांसी देने की मांग की। उधर, बलात्कार मामले में दूसरे आरोपी प्रदीप कुमार को दिल्ली और बिहार पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर आज तड़के बिहार से उसके मामा के घर से गिरफ्तार कर लिया।

एक माह के मध्यावकाश के बाद संसद सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन दोनों सदनों में हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदस्यों ने दिल्ली में पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म पर भारी चिंता जताई। बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए आज संसद में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस कृत्य के दोषियों को फांसी देने की मांग की। साथ ही सदस्यों ने यह भी कहा कि बलात्कार के मामलों की सुनवाई के लिए एक समय सीमा तय की जानी चाहिए। उधर, बच्ची से बलात्कार की घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए संसद भवन तक पहुंच गए। वहीं, महिला संगठनों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों को हटाने की मांग को लेकर आज संसद की ओर एक मार्च निकाला लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके अलावा, कई अन्‍य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारी सुबह जंतर मंतर पर एकत्रित हुए थे और बाद में उन्होंने अपना मार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़ने का प्रयास किया और संसद की ओर मार्च करना शुरू किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। वहीं, भाजपा कार्यकर्ता इस बर्बर बलात्कार कांड के विरोध में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार के इस्तीफे की मांग की रहे थे। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन परिसर के पास पंडित पंत मार्ग की घेराबंदी कर रखी थी, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता दूसरे रास्ते से संसद भवन के रकाबगंज सड़क वाले द्वार पर पहुंच गए। गोयल के नेतृत्व में भाजपा विधायकों समेत करीब 250 कार्यकर्ता संसद भवन के गेट पर धरने पर बैठ गए। भाजपा ने बच्चियों से बलात्कार करने वालों को मौत की सजा दिये जाने की मांग भी की। 

प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि जब हमारी पार्टी सत्ता में आयेगी तब हम सभी को सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। गोयल ने कांग्रेस सांसद और शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को हटाये जाने की मांग इसलिए की क्योंकि वह अपनी मां को बचाना चाहते हैं। पुलिस ने बाद में गोयल एवं उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शनकारी महिला संगठनों प्रदर्शनकारी का नेतृत्व माकपा समर्थित आल इंडिया डेमोक्रेटिक वोमेंस एसोसिएशन (एआईडीडब्ल्यूए), अखिल भारतीय जनवादी महिला संगठन, नेशनल फेडरेशन फार इंडियन वोमेन (एनएफआईडब्ल्यू), आइसा, आल इंडिया प्रोग्रेसिव वोमेंस एसोसिएशन (एआईपीडब्ल्यूए) और स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा किया जा रहा था। अखिल भारतीय जनवादी महिला संगठन की सदस्य रशपाल कौर ने कहा कि हम अधिकारियों को हटाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं। हम मामले में विभागीय जांच चाहते हैं। हम इसके साथ ही एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारकर घायल करने वाले पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी की मांग करते हैं। एआईपीडब्ल्यूए सदस्य कविता कृष्णन ने कहा कि हम गृह मंत्री और उप राज्यपाल से मिलने जा रहे हैं और हम दोषी पुलिस अधिकारियों को हटाने की मांग करेंगे जिन्होंने लड़की के अभिभावकों की शिकायत दर्ज नहीं की थी। प्रदर्शकारियों ने सिलचर में एक और बलात्कार की खबर के मद्देनजर गृह मंत्री के त्यागपत्र की मांग की। 

राज्यसभा में पांच वर्ष की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म एवं बर्बरता के मुद्दे पर चर्चा हुई। राज्यसभा के अधिकतर सदस्यों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती, दुष्कर्म एवं बर्बरता की शिकार बच्ची की हालत में जहां सुधार हो रहा है, वहीं इस कुकृत्य के खिलाफ दिल्लीभर में व्यापक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा कि हमने बजट सत्र के प्रथम चरण में एक सख्त कानून का निर्माण किया, लेकिन अब उसमें संशोधन किए जाने और उसे ज्यादा सख्त बनाए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित की जानी चाहिए और अपराधियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य माया सिंह ने भी मायावती का समर्थन किया और बच्चों के साथ दुष्कर्म के अपराधियों को तत्काल मृत्युदंड दिए जाने की मांग की।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा कि सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा? मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए।

येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। 

समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा कि संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। 

दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। 

उधर, राष्ट्रीय राजधानी में एक सप्ताह पहले पांच साल की एक बच्ची का बड़ी दरिंदगी से बलात्कार करने के मामले में दूसरे आरोपी प्रदीप कुमार को दिल्ली और बिहार पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर आज तड़के लखीसराय जिले के बरहिया से उसके मामा के घर से गिरफ्तार कर लिया । मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के दो दिन बाद गिरफ्तार 19 वर्षीय अशिक्षित प्रदीप कुमार ने इसे अपनी ‘बड़ी गलती’ बताया। पुलिस ने बताया कि जांचकर्ताओं ने दूसरे संदिग्ध प्रदीप को बिहार के लखीसराय जिले में बढैया गांव से उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया। प्रदीप का नाम मामले के पहले संदिग्ध मनोज कुमार ने लिया था। बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने बताया कि दिल्ली पुलिस के दल ने बिहार पुलिस के विशेष कार्यबल की मदद से प्रदीप को उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया। वहां की एक अदालत ने उसे 15 दिन के ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमें बिहार से (में अपनी टीम से) सूचना मिली है कि प्रदीप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वह अशिक्षित है। दरभंगा अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे आज दिल्ली लाया जाएगा।

इससे पहले, पांच वर्षीय बच्ची से बलात्कार के खिलाफ प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने पुलिस के निर्देश पर आज दो और स्टेशन बंद कर दिए ताकि इंडिया गेट और प्रधानमंत्री आवास के नजदीक भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके लेकिन शाम में उन्हें फिर से खोल दिया गया।

Thursday, 4 April 2013

मुंबई से सटे ठाणे में 7 मंजिला इमारत गिरी, 29 की मौत

















ठाणे। मुंबई से सटे ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में गुरुवार को 7 मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 50 लोग घायल हो गए हैं। फायर ब्रिगेड के अनुसार हादसा शाम पांच बजकर 45 मिनट पर हुआ। मुंब्रा के लकी कंपाउंड में स्थित यह इमारत अवैध थी, जिसमें ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था। 

इसके बावजूद लोग इसमें रहने आ गए थे। ठाणे नगर निगम के पीआरओ संदीप मालवी ने कहा कि यह एक अवैध इमारत थी। बिल्डर के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। जमील खान और नफीज कुरैशी नाम के दो कॉन्ट्रैक्टर दो महीन से गैरकानूनी तरीके से इमारत बना रहे थे। आरोप है कि दोनों ने एक प्लॉट पर दो बहुमंजिला इमारत बनाई, जो मूल रूप से किसी आदिवासी के नाम दर्ज है। हादसे के कई घंटे बाद भी किसी भी शख्स की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर 10 स्कूली बच्चे कोचिंग क्लास अटेंड कर रहे थे। जिन लोगों को मलबे से बचाया जा सका है, उनमें ज्यादातर मजदूर हैं, जो छठी और सातवीं मंजिल पर काम कर रहे थे। 

राहत और बचाव के काम में लगे स्थानीय नागरिक सैयद सादिक ने बताया, 'हादसे की शिकार इमारत की पांचवीं मंजिल तक लोग रह रहे थे। उससे ऊपर की मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था। कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं।' हादसे के बाद नगर निगम कमिश्नर आरए राजीव और पुलिस अफसर केपी रघुवंशी मौके पर पहुंचे थे। हादसे के बाद आसपास की इमारतों को लोगों ने खाली कर दिया।

आईपीएल-6: नाइट राइडर्स ने जीत के साथ किया दमदार आगाज



कोलकाता : मौजूदा चैम्पियन कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम ने बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के उद्घाटन मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स को छह विकेट से हरा दिया। इस तरह नाइट राइडर्स टीम खिताब बचाने की दौड़ में जीत के साथ आगाज करने में सफल रही जबकि कई प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में डेयरडेविल्स को पहले ही मैच में हार मिली। 

नाइट राइडर्स ने डेयरडेविल्स द्वारा गिए गए 129 रनों के लक्ष्य को 18.4 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान गौतम गम्भीर ने मेजबान टीम के लिए सबसे अधिक 42 रन बनाए। यूसुफ पठान 18 और इयोन मोर्गन 14 रनों पर नाबाद लौटे। पठान ने 16 गेंदों पर एक छक्का लगाया जबकि मोर्गन ने 15 गेंदों पर एक चौका जड़ा। दोनों के बीच 30 रनों की अटूट साझेदारी हुई। 

नाइट राइडर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। बीते साल फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जोरदार पारी खेलकर मैन ऑफ द मैच चुने गए मानविंदर बिसला चार रन के निजी योग पर आशीष नेहरा की गेंद पर आउट हुए। बिसला ने नौ गेंदों पर एक चौका लगाया। उनका विकेट पांच रन के कुल योग पर गिरा।

इसके बाद गम्भीर और जैक्स कैलिस (23) ने दूसरे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी कर टीम को मुश्किल से निकालकर अच्छी स्थिति में पहुंचाया। कैलिस अच्छी लय में दिख रहे थे लेकिन 52 के कुल योग पर शाहबाज नदीम ने उन्हें आउट करके मेजबान टीम को बड़ा झटका दिया। कैलिस ने 20 गेंदों पर पांच चौके लगाए। इसके बाद मनोज तिवारी (23) और कप्तान ने स्कोर को 93 रनों तक पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी मैच जिताकर लौटेगी लेकिन 93 के कुल योग पर जोहान बोथा ने गम्भीर को आउट करके अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। गम्भीर और तिवारी ने तीसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।

गम्भीर ने अपनी 29 गेंदों की आकर्षक पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया। उनके विदा होने के बाद तिवारी भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और 99 के कुल योग पर नदीम की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। तिवारी ने 23 गेंदों पर दो चौके लगाए।

इससे पहले, कप्तान माहेला जयवधने (66) की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत डेयरडेविल्स ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 128 रन बनाए। नाइट राइडर्स की ओर से सुनील नरेन ने चार विकेट लिए। जयवर्धने ने अपनी 52 गेंदों की पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया। उनकी टीम की ओर से डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। शेष कोई बल्लेबाज विशेष योगदान नहीं दे सका।

डेयर डेविल्स टीम ने आईपीएल इस संस्करण की पहली ही गेंद पर विकेट गंवा दिया था। उसके युवा सलामी बल्लेबाज उन्मुक्त चंद खाता खोले बगैर ब्रेट ली की गेंद पर बोल्ड हुए। इसके बाद कप्तान जयवर्धने और सलामी बल्लेबाज वार्नर ने पारी को सम्भालते हुए तेजी से रन बटोरे और अपनी टीम का कुल योग 44 रनों तक पहुंचाया। इस योग पर सुनील नरेन ने वार्नर को आउट करके मेजबान टीम को दूसरी सफलता दिलाई।

वार्नर ने 19 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। वेस्टइंडीज के उभरते खिलाड़ी नरेन ने इस विकेट के साथ आईपीएल-6 का जोरदार आगाज किया। बीते संस्करण वह 24 विकेटों के साथ टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे थे। दिल्ली को 59 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका मनप्रीत जुनेजा (8) के रूप में लगा। इसके बाद जयवर्धने और नमन ओझा (9) ने चौथे विकेट के लिए 20 रन जोड़े। ओझा का विकेट 79 रनों के कुल योग पर गिरा। ओझा ने नौ गेंदों पर एक चौका लगाया।

हरफनमौला खिलाड़ी जोहान बोथा (7), इरफान पठान (4), आंद्रे रसेल (4), शाहबाज नदीम (4) ने निराश किया। बोथा का विकेट 88 और पठान का विकेट 97 रनों के कुल योग पर गिरा। रसेल 113 रन के कुल योग पर आउट हुए। जयवर्धने ली की गेंद पर एक छक्का और एक चौका लगाने के बाद 125 रनों के कुल योग पर नरेन के हाथों कैच आउट हुए। 128 रनों के कुल योग पर नरेन ने आशीष नेहरा (0) को आउट किया और फिर पारी की अंतिम गेंद पर नदीम रन आउट हो गए। नाइट राइडर्स की ओर से नरेन ने 13 रन खर्च करते हुए चार सफलता हासिल की जबकि रोहित भाटिया और ब्रेट ली ने दो-दो विकेट लिए। लक्ष्मीपति बालाजी को एक विकेट मिला।

Tuesday, 2 April 2013

मोदी के सम्मान में ममता का अड़ंगा


कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राह पर हैं। बंगाल सरकार ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में कोलकाता में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी है। भाजपा की बंगाल इकाई नेताजी इंडोर स्टेडियम में यह सम्मान कार्यक्रम आयोजित करना चाहती थी। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार राजनीतिक कारणों से अनुमति नहीं दे रही है। कोलकाता का यह स्टेडियम प्रदेश सरकार के खेल विभाग का है और इसमें कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति सरकार देती है। 

भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष राहुल सिन्हा का कहना है कि उन्होंने 18 मार्च को स्टेडियम बुक कराने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। बाद में उन्हें बताया गया कि नौ अप्रैल को स्टेडियम खाली है। जब स्टेडियम को नौ अप्रैल के लिए बुक कराने की कोशिश की गई तब भी उन्हें इजाजत नहीं दी गई। नेताजी स्टेडियम में अभिनंदन समारोह के साथ ही तमाम व्यवसायियों को नरेंद्र मोदी संबोधित करने वाले थे। इसके बाद राहुल सिन्हा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने का लिखित अनुरोध किया।

सिन्हा का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें जानकारी दी गई है कि स्टेडियम खाली नहीं है। इस मामले में मुख्यमंत्री कोई मदद नहीं कर सकती हैं। नौ अप्रैल को नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल दौरे पर आ रहे हैं। वह अब एक पांच तारा होटल में बंगाल के उद्योगपतियों को संबोधित करेंगे।

Monday, 1 April 2013

मैं अपना खून जला रहा हूं, आप पसीना बहाओ


आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अनशन का आज 11 वां दिन है।

सोमवार को मेडिकल चेकअप के बाद उनकी सेहत स्थिर बताई गई। हालांकि उनका वजन करीब आठ किलोग्राम कम हो गया है, जिसकी वजह से वह कमजोरी महसूस कर रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ऐलान किया कि उनका उपवास अभी लंबा चलेगा। उन्होंने कहा, ‘मैं अपना खून जलाने के लिए तैयार हूं और आप अपना पसीना बहाइए।’

केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई दशकों से लड़ी जा रही है। अब हम इंतजार नहीं कर सकते। अब लड़ाई आर-पार की होगी।

इस दौरान उपवास तोड़ने की समर्थकों की गुजारिश पर अरविंद ने सवाल किया कि भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस व गांधीजी की जिंदगी जरूरी नहीं थी क्या?

उन्होंने कहा कि देश ज्यादा जरूरी है। इसे बचाने के लिए जिंदगी को दांव पर लगाना पड़ेगा। अरविंद ने कहा कि जिंदगी का क्या भरोसा, वह तो हमारे-आपके हाथ में नहीं है।

सोमवार तक केजरीवाल का हेल्थ कार्ड
ब्लड प्रेशर: 109/74
पल्स रेट: 76
कीटोन: 2+ से 3+ के बीच
सुगर: 120