Wednesday, 7 March 2012

मुलायम चौथी बार संभालेंगे उत्तर प्रदेश की बागडोर मुलायम चौथी बार संभालेंगे उत्तर प्रदेश की बागडोर


विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ‘साइकिल’ खूब दौड़ी जबकि बसपा का ‘हाथी’ पस्त हो गया। भाजपा का ‘कमल’ नहीं खिल सका तो कांग्रेस का ‘पंजा’ भी फुस्स साबित हुआ। इस बार विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मतदाताओं ने सपा बिलकुल उसी तरह सिर आंखों पर बैठाया जैसे 2007 के चुनाव में बसपा को बैठाया था। सपा खेमे में जबरदस्त उत्साह सरकार बनाने या ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाने का ख्वाब संजोए बैठे बसपा, भाजपा और कांग्रेस को वोटरों ने जोर का ‘झटका’ दिया है।
चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद जहां सपा खेमे में जबरदस्त उत्साह है वहीं बसपा, भाजपा और कांग्रेस के खेमे में मायूसी छाई है। चुनाव नतीजों से यह तो साफ हो ही गया कि बसपा को ‘एंटी एकेंबेंसी’ की वजह से जबरस्त नुकसान उठाना पड़ा है। राहुल का ‘मिशन 2012’ फेल हुआ भाजपा भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई जबकि राहुल का करिश्मा नहीं चला और उनका ‘मिशन 2012’ फेल हो गया। 224 सीटों के साथ समाजवादी पार्टी न सिर्फ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है बल्कि सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत भी हासिल कर लिया है।
सत्तारूढ़ बसपा 80 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही। 47 सीटों के साथ भाजपा तीसरे तथा 27 सीटें जीतकर कांग्रेस-रालोद गठबंधन चौथे पायदान पर रही। 14 सीटें निर्दलीयों और अन्य के खाते में गई हैं जबकि एक सीट पर एनसीपी का कब्जा रहा। समाजवादी की सीटों का ग्राफ बढ़ता गया मंगलवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए। सवेरे आठ बजे से प्रदेश की सभी 403 सीटों के लिए हुए चुनाव के मतों की गिनती शुरू हुई। मतगणना शुरू होने के करीब एक घंटे बाद शुरुआती रुझानों में ही समाजवादी पार्टी बाकी दलों पर भारी नजर आने लगी थी।
न चढ़ने के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की सीटों का ग्राफ बढ़ता रहा। ज्यों-ज्यों नतीजे आते रहे बसपा, भाजपा और कांग्रेस की उम्मीदें बिखरती चली गईं। सबसे तगड़ा सत्तारूढ़ बसपा को लगा मतगणना समाप्त होने तक यह साफ हो गया कि सपा अपने बलबूते पर सरकार बनाने की स्थिति में है। उसे किसी और के सहयोग की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस चुनाव में सबसे तगड़ा सत्तारूढ़ बसपा को लगा है। 219 विधायकों के साथ सरकार चला रही बसपा की झोली में महज 80 सीटें ही आईं।
राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा और कांग्रेस को प्रदेश के मतदाताओं ने नकार दिया है। पिछले चुनाव के मुकाबले भाजपा को तीन सीटों का नुकसान हुआ है तो कांग्रेस को आठ सीटों का फायदा लेकिन वोट प्रतिशत के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। आंकड़ों के हिसाब से सपा की सरकार बनना तय हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री होंगे। मुलायम चौथी बार प्रदेश की बागडोर संभालेंगे। सपा की ओर से बुधवार को राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
बबीना व फिरोजाबाद में हंगामा झांसी जिले की बबीना विधानसभा सीट तथा फिरोजाबाद सीट की मतगणना के दौरान हंगामा भी हुआ। बबीना सीट की मतगणना के दौरान ईवीएम का क्लोज बटन के न चल पाने की वजह से प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंट ने जमकर हंगामा किया। इसकी वजह से मतगणना कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। बाद में आयोग से अनुमति लेकर मतगणना कराई गई और नतीजे की घोषणा के लिए आयोग से अनुमति मांगी गई है। फिरोजाबाद में भी मतगणना के दौरान सपाइयों ने हंगामा किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा का कहना है कि इन दोनों जगहों को छोड़कर पूरे प्रदेश में मतगणना शांतिपूर्वक संपन्न हुई। देर रात तक सारे नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। स्मारकों से मूर्तियां नहीं हटाई जाएंगी। पार्कों में मेडिकल कालेज खोलने के लिए पर्याप्त जगह हैं। बुधवार को संसदीय बोर्ड की बैठक होगी। इसके बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। पार्टी और कार्यकर्ता चाहते हैं कि नेताजी ही मुख्यमंत्री बनें। कानून व्यवस्था पार्टी की प्राथमिकता रहेगी और इससे खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अखिलेश यादव मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं, यह मेरी हार है। यूपी में पार्टी का संगठन कमजोर है और उसको दुरुस्त किए बिना बात नहीं बनेगी। मैं मानता हूं कि यह मेरे लिए काफी अच्छा सबक है। राहुल गांधी यूपी में सपा और बसपा के बीच वोटों का ध्रुवीकरण हुआ। जितनी अपेक्षा थी, हमें उतनी सीटें नहीं मिलीं।
यूपी के लोगों ने बसपा सरकार को बदलने के लिए वोट डाले इसलिए उसने सपा का समर्थन किया। नितिन गडकरी यूपी में सपा की जीत के लिए मुलायम सिंह यादव, गोवा में निर्णायक जीत दर्ज कर चुकी भाजपा के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर और पंजाब में सत्ता में वापसी कर रहे प्रकाश सिंह बादल को जीत की बधाई। मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री चुनावों में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन का नेतृत्व विश्लेषण करेगा। परिणाम को लेकर मैं तुरतफुरत कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। हमें विश्लेषण के लिए कुछ समय दीजिए।
सलमान खुर्शीद, कांग्रेस नेता

2007 और 2012 की तुलनात्मक स्थिति
दल---------------------------2012---------------------------2007
सपा---------------------------224---------------------------97
बसपा--------------------------80---------------------------206
भाजपा---------------------------50---------------------------51
कांग्रेस---------------------------28---------------------------22
रालोद---------------------------09---------------------------10
निर्दलीय व अन्य---------------------------14---------------------------17

किसको कितने प्रतिशत मत मिले
दल-----------------------------2012---------------------------2007
सपा---------------------------55.3 प्रतिशत    ---------------------------25.45 प्रतिशत
बसपा---------------------------19.9 प्रतिशत---------------------------30.46 प्रतिशत
भाजपा---------------------------12.2 प्रतिशत---------------------------16.93 प्रतिशत
कांग्रेस---------------------------6.5 प्रतिशत    ---------------------------8.56 प्रतिशत
रालोद---------------------------2.5 प्रतिशत    ---------------------------3.71 प्रतिशत

दिग्गज जीते
रीता बहुगुणा, लखनऊ कैंट
आजम खान, रामपुर सदर
जयंत चौधरी, मांट
उमा भारती, चरखारी
अमरिंदर सिंह, पटियाला
सुखबीर बादल, जलालाबाद

दिग्गज हारे
लुईस खुर्शीद, फर्रुखाबाद
अमिता सिंह, अमेठी
डीपी यादव, सहसवान
सूर्य प्रताप शाही, पथरदेवा
बीसी खंडूरी, कोटद्वार
मनप्रीत बादल, गिदड़बाहा