Monday, 4 June 2012

सार्वजनिक बहस सनसनीखेज बनकर रह गई: पीएम

कोलकाता पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीयों में बढ़ रही असहिष्णुता के खिलाफ आगाह करते हुए कहा कि लगता है सार्वजनिक बहस सनसनीखेज बनकर रह गई है। साथ ही पीएम ने कहा कि मैं देख रहा हूं कि हाल के दिनों में वैचारिक मतभेद रखने वाले हमारे लोगों में असहिष्णुता बढ़ती जा रही है जो प्रचलित मान्यता के विपरीत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सभ्यता में सामाजिक सद्भाव को संरक्षित रखने और अलग-अलग विचार, पहचान और सांस्कृतिक मतभेदों को समाहित करके सुलह को बढ़ावा देने की समृद्ध परंपरा है। वह कलकत्ता विश्वविद्यालय में भारतीय विज्ञान कांग्रेस समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं वैज्ञानिक समुदाय के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे मुखर हों और देश के सामने खड़े मुद्दों पर एक सूचनापरक और तर्कसंगत बहस खड़ी करने में प्रभावी योगदान दें। हमारे वैज्ञानिकों की आवाज महत्वपूर्ण है और उसे सुना जाना चाहिए। उन्होंने विज्ञान को विकास को गति देने के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में विज्ञान पर बोझ बढ़ेगा।

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