Saturday, 19 May 2012

अखिलेश को घेरने की तैयारी में मायावती

नई दिल्ली। एनआरएचएम समेत कई घोटालों में घिरी राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती शनिवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था और घोटालों के ऊपर अखिलेश को घेरने की कोशिश करेंगी। मायावती अब अपने बचाव के साथ-साथ मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जवाबी हमला करने में उतर गई हैं। मायावती पहले ही कह चुकी हैं कि अखिलेश यादव की कार्रवाई पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। अपने को तमाम घोटालों में पाक साफ कहलाने वाली मायावती शनिवार को दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करने वाली हैं। इस प्रेस कांफ्रेंस में राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था के साथ-साथ मायावती घोटालों पर भी जवाब देंगी। मायावती यूं भी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को ना बख्शने के लिए मानी जाती हैं। इससे पूर्व सपा ने कहा कि बसपा एक झूठ छिपाने के लिए सौ झूठ बोल रही है। जो पार्टी अपने प्रवक्ता का आज तक नाम नहीं बता पाई, वह दूसरों को जिम्मेदारी की सीख देने चली है। पार्टी ने कटाक्ष किया कि अभी तो मायावती के राज के घोटालों की परतें उधड़ ही रही हैं। सघन जांच के बाद जब पूरी लूट का हिसाब सामने आएगा तब जरूर कहा जाएगा कि वह तो बस कमाल ही करते हैं। सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि बसपा राज के पांच साल में उत्तर प्रदेश में विकास के नाम पर विनाश की राजनीति चली। सड़क, बिजली, पानी मुहैया कराने के बजाए पार्को, स्मारकों, हाथी और मायावती की मूर्तियों पर खजाना लुटाया गया। विज्ञापनों, होर्डिगों और पत्थरों पर योजनाओं के नाम जरूर छपे मिले लेकिन कोई योजना साकार नहीं दिखी। सत्ता का हद से ज्यादा दुरुपयोग कर बसपा की पूर्व मुख्यमंत्री ने घोटालों के सभी रिकार्ड तोड़ दिए। अपने आवास की सजावट पर ही उन्होंने 86 करोड़ रुपये फूंक दिए। जितनी जमीन पर पार्क, स्मारक बने हैं उस जमीन की कीमत एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगी। इस पर निर्माण खर्चा अलग से 40 हजार करोड़ है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि हत्या, लूट, बलात्कार, अपहरण में रिकार्ड बनाने वाली बसपा सरकार के तमाम आरोपित पूर्व मंत्री और विधायक अब अपने भविष्य को लेकर बुरी तरह आशंकित है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष को मुख्यमंत्री द्वारा कानून व्यवस्था की समीक्षा किया जाना भी मजाक दिखता है। उन्हें अपना जमाना याद नहीं जब ऐसी हर बैठक के बाद अपराध और ज्यादा बढ़ जाते थे। चौधरी ने कहा कि सपा ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का इरादा जता दिया है। पिछले पांच वर्षो में हुए भ्रष्टाचार की जांच एक आयोग द्वारा कराई जाएगी। पत्थरों में भी कमीशन बटोरकर तिजोरी भरने वालों की कानून के तहत जवाबदेही जरूर तय होगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी

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