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Saturday, 15 June 2013

अब हवा-धूप से चार्ज होगा मोबाइल

विनोद भावुक, मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थियों ने भविष्य की तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए ऐसे अहम डिजायन तैयार किए हैं, जो न केवल कम लागत वाले हैं, बल्कि दैनिक जरूरतों को और बेहतर विकल्प देंगे। विद्यार्थियों ने कम लागत के थ्रीडी प्रिंटर का डिजाइन तैयार करने में कामयाबी हासिल की है। साथ ही, हवा व धूप से मोबाइल चार्ज करने की विधि भी खोज ली है।

विद्यार्थियों ने संस्थान के कमाद स्थित परिसर में ओपन हाउस के दौरान कई नए मॉडल प्रदर्शित किए हैं। इनमें रेल हादसों पर अंकुश लगाने के लिए स्वचालित ब्रेक सिस्टम, स्वचालित व्हीलचेयर, धूल सोखने वाली मशीन, पानी का छिड़काव करने वाले यंत्र, इंटेलीजेंट पार्किग सिस्टम, ऑटोमेटिक पेपर रिसाइकलर, पर्वतीय क्षेत्र में बीज बोने के लिए रोबोट, अंधे लोगों के लिए ऑटो नेविगेशन उपकरण, होम ऑटोमेशन सिस्टम प्रमुख हैं।

मंडी आइआइटी के निदेशक टीए गोंजालविस का कहना है, 'विद्यार्थियों की ओर से प्रदर्शित मॉडलों ने विशेषाों को प्रभावित किया है।'

3डी प्रिंटर को प्रथम पुरस्कार:

विद्यार्थियों द्वारा निर्मित 3डी प्रिंटर की लागत बाजार में फिलहाल उपलब्ध प्रिंटरों के मुकाबले कम है। ओपन हाउस में जज इस मॉडल से खासे प्रभावित हुए व इसे प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रिंटर से 3डी पिक्चर भी प्रिंट की जा सकेगी।

मोबाइल चार्जिग में क्रांति:

संस्थान के इंजीनियरों ने हवा व धूप के उपयोग से चलने वाला हाइब्रिड मोबाइल चार्जर बनाया है। इस चार्जर की खासियत है कि इससे घर के अंदर बैठे हुए भी मोबाइल चार्ज किया जा सकता है। यह इस तरह से डिजायन किया गया है कि सीधी धूप के बिना भी मोबाइल चार्ज हो सकता है। ओपन हाउस में इस डिजाइन को दूसरा पुरस्कार मिला।

गृहणियों की समस्या दूर:

सेल्फ क्लॉथ रैक व फोल्डिंग मशीन और थ्री इन वन वैक्यूम क्लीनर व फर्श ड्रायर जैसे उत्पाद तैयार कर संस्थान के इंजीनियरों ने गृहिणियों की समस्या दूर कर दी है। सेल्फ क्लॉथ रैक व फोल्डिंग मशीन अंधेरा या नमी होने पर खुद ही कपड़े रैक में डाल देगी और उसे फोल्ड भी खुद करेगी।

सफाई के समाधान के लिए बनाए गए थ्री इन वन सॉल्यूशन में ऑटोमेटिक मशीन बिना किसी मदद के खुद सारी सफाई कर देगी। इसे रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है। ऑटो ट्रैस कंपेक्टर एक स्वचालित मशीन है जिससे कचरे के आकार को रोलर के माध्यम से कम किया जा सकेगा। यह कार्यालय परिसर, कॉलेज परिसर और घरों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

Friday, 14 June 2013

पीने का यह फायदा जानकर जरूर 'चीयर्स' करेंगे आप

खुशी का मौका हो या गम, पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए। अगर आप भी खास अवसरों पर जाम हाथ में लेकर 'चीयर्स' करने के बहाने खोजते हैं तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है।

एमएसएन नाओ में प्रकाशित अमेरिका और ब्रिटेन के दो अध्ययनों में यह पाया गया है कि जो लोग अधिक ड्रिंक करते हैं वे अपेक्षाकृत अधिक स्मार्ट और बुद्धिमान होते हैं। 

शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने ब्रिटिश बच्चों को सुस्त से लेकर तेज दिमाग के आधार पर पांच समूहों में बांटा। पांच साल बाद उन्होंने उनका दोबारा अध्ययन किया और पाया कि जिन बच्चों ने एल्कोहल का सेवन किया है, उनका दिमाग दूसरों की अपेक्षा अधिक तेजी से प्रतिक्रिया देता है।

हालांकि शोधकर्ता अभी तक इस निष्कर्ष के पीछे का ठोस कारण नहीं जान सके हैं और इस दिशा में और अधिक अध्ययन कर रहे हैं। फिर भी उन्होंने माना है कि एल्कोहल के सेवन का दिमाग की प्रतिक्रिया से संबंध हो सकता है।

यह जानने के बाद अगर आपका मन भी जाम के साथ 'चीयर्स' करने का हो जाए, तो ताज्जुब की बात नहीं है।

Wednesday, 12 June 2013

देश की रक्षा करेंगे रोबोट

नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान सावधान हो जाएं। भारत की रोबोट सेना अब सरहदों की हिफाजत के लिए तैयार हो रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) रोबोट आर्मी विकसित करने के काम में तेजी से जुटा हुआ है। बकौल डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंदर, बहुत जल्द रोबोट सैनिक देश की रक्षा करते नजर आ सकते हैं। भविष्य की जंग में इनकी अहम भूमिका होगी। उनका कहना है कि भविष्य की जंगी जरूरतों के मद्देनजर मशीनी लड़ाकों को तैयार करना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। डीआरडीओ के इस कार्यक्रम से भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो रोबोट सेना तैयार कर रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआरडीओ प्रमुख ने यह जानकारी दी। अविनाश चंदर ने बताया, हम उच्च बौद्धिक क्षमता वाले ऐसे रोबोट सैनिक तैयार कर रहे हैं जो दोस्त और दुश्मन के बीच फर्क करने में सक्षम होंगे। ये सरहदों पर भी तैनात होंगे।

उन्होंने कहा कि शुरू में तो रोबोट सैनिकों को दोस्त-दुश्मन का अंतर बताना पड़ेगा, लेकिन बाद में इन्हें इस कदर सक्षम बना दिया जाएगा ताकि युद्ध के मैदान में ये अग्रणी मोर्चे संभाले और पीछे हमारे सैनिक इनकी मदद के लिए तैनात रहें। अविनाश चंदर के अनुसार भविष्य में मानवरहित लड़ाइयां होंगी और जिसकी तकनीक जितनी उन्नत होगी, वही जंग में विजयी होगा।

डीआरडीओ प्रमुख का कहना है कि अब भी रोबोट का इस्तेमाल बम निष्क्रिय करने और विकिरण प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के चलाने के लिए होता है।

Tuesday, 11 June 2013

जुलाई से SMS से बुक करवाएं रेल टिकट

नई दिल्ली।। आईआरसीटीसी पहली जुलाई से ऐसा सिस्टम शुरू करने जा रही है, जिससे लोग बिना इंटरनेट वाले मोबाइल फोन से एसएमएस के जरिए भी रेल टिकट बुक करा सकेंगे। जल्द ही रेलवे एसएमएस करने के लिए नंबर जारी करेगा।

इसके लिए कस्टमर को पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर खुद का मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। टिकट की रकम के पेमेंट के लिए भी अपने बैंक में रजिस्टर कराना होगा। टिकट बुक कराने के लिए किए गए एसएमएस का चार्ज 3 रुपए होगा। इसके अलावा पांच हजार रुपए तक के टिकट पर 5 रुपए और इससे ज्यादा के टिकट पर 10 रुपए शुल्क लगेगा।

आईआरसीटीसी के प्रवक्ता ने बताया कि यह सुविधा यात्रियों को देश में कहीं से कभी भी टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। इसमें प्रिंट आउट निकालने की जरूरत भी नहीं रहेगी, केवल मोबाइल पर मिला मेसेज ही टिकट का काम करेगा। उनके मुताबिक, रेल टिकट के भुगतान की सुविधा 26 से ज्यादा बैंक मुहैया करा रहे हैं। आईआरसीटीसी का कहना है कि इससे टिकट बुक करना आसान होगा तो काउंटर्स पर भीड़ में भी कमी आएगी।

ऐसा मिलेगा टिकट
पहले यात्री को अपना मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी और अपने बैंक के पास रजिस्टर कराना होगा। बैंक (एमएमआईडी) मोबाइल मनी आईडेंटिफायर और (ओटीपी ) एक बार काम में आने वाला पासवर्ड देगा, जिसके माध्यम से किराए का भुगतान करना होगा।

सफर करने वाले को अपने मोबाइल से ट्रेन नंबर, यात्रा का स्थान, यात्रा की तारीख, श्रेणी, अपना नाम, उम्र और लिंग की जानकारी देने वाला एसएमएस करना होगा। इसके बाद यात्री को एमएमआईडी से वन टाइम पासवर्ड मिलेगा और भुगतान होने के बाद टिकट बुक हो जाएगा।

जापान में अब 500 किमी. की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

टोक्‍यो : जापान ने अब ऐसी बुलेट ट्रेन तैयार कर ली है जो 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी। इस ट्रेन का पहला सफल परीक्षण किया जा चुका है। 

जापान की यह ऐसी पहली वाणिज्यिक ट्रेन है जो हवा में तैरने वाले चुंबकीय ट्रैक पर दौड़ लगाएगी। जापान में इस तकनीक से दौड़ने वाली ट्रेनों को मैगलेव ट्रेन नाम दिया गया है। 

सेंट्रल जापान रेलवे के अधिकारियों ने सोमवार को मध्य जापान के यामानाशी प्रांत में बने टेस्ट ट्रैक पर इस एलओ मॉडल का परीक्षण किया। बेहद तेज गति की इस ट्रेन के परीक्षण के लिए इसके टेस्ट ट्रेक का 43 किलोमीटर तक विस्तार किया गया था। पांच डिब्बों वाली इस ट्रेन के आगे इंजन लगा था और इसने धीमी रफ्तार से अपने ट्रैक पर दौड़ना शुरू किया। शुरुआत में यह देखा गया कि चुंबकीय ट्रैक पर क्या ट्रेन सही ढंग से सतह को छोड़ कर धीरे-धीरे उठ पाती है।

जापान में चुंबकीय तकनीक से दौड़ने वाली इन ट्रेनों की कॉमर्शियल शुरुआत 2027 में टोक्यो और नागोया के बीच करने की तैयारी है। यह ट्रेन 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा करेगी, जिससे टोक्यो-नागोया जैसे दूरस्थ शहरों का सफर मात्र 40 मिनट का रह जाएगा। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अपने अंतिम रूप में यह ट्रेन 16 डिब्बों की होगी और एक बार में इसमें 1000 मुसाफिर तक सफर कर सकेंगे। साल 2045 तक इसके ओसाका तक बढ़ाए जाने की योजना है। इसके बाद भविष्य में इन ट्रेनों से पूरे जापान को जोड़ने की योजना है।

जापान की बुलेट ट्रेन तकनीक का फायदा भारत को भी मिलेगा। जापान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह उसके यहां हाई स्पीड रेलवे सिस्टम को विकसित करने में भारी निवेश करने का इच्छुक है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जापान गए थे, जहां उन्होंने जापानी पीएम शिंजो अबे के साथ संयुक्त वक्तव्य जारी किया था। इसमें भारत में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए दोनों देशों के आपसी सहयोग की बात कही गई थी। 

Monday, 10 June 2013

कभी चूहों से भी छोटे थे इंसान...!

दुनिया में इंसानों के प्राचीन इतिहास को लेकर समय समय पर वैज्ञनिक तथ्य सामने आते रहे हैं। एक नए अध्ययन की माने तो बहुत अरसा पहले इंसानों के पूर्वज आकार में चूहों से भी छोटे होते थे।

चीन के हुबेई प्रांत में 2003 में मिले दुनिया के सबसे पुराने कंकाल एवं जीवाश्म के अध्ययन से इसका संकेत मिला है कि मानवों के पूर्वजों का कद बहुत छोटा हुआ करता था।

जो कंकाल बरामद किए गए थे, वे एक नए वंश और प्रजाति के हैं, जिन्हें आर्किकेबस के नाम से जाना जाता है। चीनी, अमेरिकी और फ्रांसीसी वैज्ञानिकों की ओर से लिखे गए दस्तावेज में इन तथ्यों का उल्लेख है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि पाषाण काल के शुरुआती दौर में 5.5 करोड साल पहले बंदर रहते थे। यह पहले से ज्ञात स्तनधारी जीवों से 70 लाख साल पुराने हैं।

इन बेहद छोटे स्तनधारी जीवों का शरीर करीब 71 मिलीमीटर लंबा और इनका वजन 20 से 30 ग्राम के बीच होता था। कंकालों के अध्ययन में कहा गया है कि ये जीव पेड़ पर चढ़ सकते थे और उछल कूद भी कर सकते थे।

अध्ययन दल का नेतृत्व करने वाले चाइनीज एकैडमी ऑफ साइंसेज के डॉक्टर नी जीजुन ने कहा कि ये जीव मानव प्रजाति के सबसे प्राथमिक सदस्य थे।

Friday, 7 June 2013

भारतीय स्टूडेंट्स ने डिवेलप किया स्पेशल आई माउस

मैंगलोर।। मैंगलोर के 4 इंजिनियरिंग स्टूडेंट्स ने ऐसा नायाब आविष्कार किया है, जिससे विकलांगों को कंप्यूटर ऑपरेट करने में बहुत सुविधा होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्यूनिकेश इंजिनियरिंग के 4 स्टूडेंट्स ने स्पेशल आई माउस डिवेलप किया है। यह आई माउस उन लोगों के लिए इनपुट डिवाइस का काम करेगा, जो अपने हाथों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

मैंगलोर के श्रीनिवास इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (SIT) में पढ़ने वाली श्रुति शेट्टिगर, प्रसाद नायक, वनीश्री और संध्या शेत ने असोसिएट प्रफेसर सतीश कुमार के. और इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्यूनिकेशन इंजिनियरिंग के एचओडी भीमा शास्त्री की गाइडेंस में काम करते हुए यह स्पेशल डिवाइस तैयार किया है। प्रफेसर सतीश ने बताया कि स्टूडेंट्स ने एक ऐप्लिकेशन डिवेलप करके इसे वेबकैम वाले कंप्यूटर में इन्स्टॉल कर दिया। कंप्यूटर से एक लाइट डिपेंडेंट रेज़िस्टर सर्किट जोड़ा गया, जिसे एक कुर्सी से फिट कर दिया है। जैसे ही कोई विकलांग शख्स इस कुर्सी पर बैठता है, कंप्यूटर ऑटोमैटिकली ऑन हो जाता है। कंप्यूटर के साथ जुड़ा वेबकैम कुर्सी पर बैठे शख्स की आंखों की मूवमेंट कैप्चर करना शुरू कर देता है।

प्रफेसर ने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा डिवेलप किया गया ऐप वेबकैम के जरिए मिल रही यूजर की आई बॉल्स की मूवमेंट्स को स्टडी करके कंप्यूटर को कमांड्स देना शुरू कर देता है। इसके बाद फिजिकली चैलेंज्ड व्यक्ति बिना माउस के कंप्यूटर को यूज कर सकता है। उसे बस इतना करना होगा कि किसी फोल्डर या आइकन को ओपन करने के लिए उसे फोकस करके घूरना होगा। कुछ ही सेकंड्स में फोल्डर या आइकन ओपन हो जाएगा। आई बॉल की मूवमेंट्स से कर्सर को भी मूव किया जा सकता है।

खास बात यह है कि यह खास इनोवेशन करने में स्टूडेंट्स ने सिर्फ 5,000 रुपये खर्च किए हैं। अब ये स्टूडेंट इस ऐप का पेटेंट कराना चाहते हैं। प्रफेसर सतीश का कहना है कि पेटेंट हासिल होने के बाद में मार्केट में इस प्रॉडक्ट को लॉन्च किया जाएगा, ताकि यह विकलांग लोगों के काम आ सके।

Thursday, 6 June 2013

आप बोलेंगे और हो जाएगा खुद-ब-खुद टाइप

नई दिल्ली: साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग ने आज मार्केट में गैलेक्सी टैब 3 के दो मॉडल्स उतारे हैं। कंपनी इसको दो स्क्रीन साइज में ला रही है। इसमें एक का स्क्रीन साइज 8.3 इंच और दूसरा 10.1 इंच का रहेगा।

इसमें अहम बात यह है कि 8 इंच वाले टैब 3 के एक फीचर की मदद से आप बोलेंगे और मेल खुद-ब-खुद टाइप हो जाएगी। हालांकि सैमसंग ने अभी तक दोनों टैबलेट्स की कीमत का खुलासा नहीं किया है।

दोनों टैबलेट एंड्रॉयड 4.2 जेली बीन ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेंगे। दोनों टैबलेट केवल वाईफाई नेटवर्क 3जी और वेरिएंट्स को सपोर्ट करेंगे।

Wednesday, 5 June 2013

गणित की यह गुत्थी सुलझाइए और करोड़पति बन जाएं

करोड़पति बनने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। उन्हें अपनी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बस गणित के एक सवाल को हल करना होगा।

हालांकि गणित की इस गुत्थी को सुलझाना इतना आसान नहीं है। सालों से यह सवाल बुद्धिमान लोगों को हैरत में डाले हुए है। इसी को हल करने के लिए डलास के एक अरबपति बैंकर 10 लाख डॉलर इनाम देंगे।

रोडे आईलैंड स्थित अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी ने घोषणा की है कि बील कंजेक्चर नामक इस सवाल के हल के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 10 लाख डॉलर कर दी गई है।

यह नंबर थ्योरी से संबंधित सवाल है। सवाल और इनाम का नाम डी एंड्रयू ‘एंडी’ बील के नाम पर रखा गया है। यह डल्लास के बैंकर हैं और नंबर थ्योरी में उनकी गहरी रुचि है। वे ही इनाम की राशि प्रदान करेंगे।

बील कंजेक्चर से पहले इसी तरह के गणित के एक सवाल ‘फर्मेट्स लास्ट थ्योरम’ को वर्ष 1990 में एंड्रयू विल्स ने रिचर्ड टेलर के साथ मिलकर हल किया था।

फेसबुक पर दोस्तों से शेयर करिए 1 जीबी तक की फाइल

अब आप फेसबुक पर दोस्तों के साथ 1 जीबी तक की फाइल शेयर कर सकते हैं। एक साल तक केवल इन्विटेशन और बीटा वर्जन के बाद फेसबुक इंटिग्रेटेड ऐप पाइप आज से शुरू हो गया है।

वैसे तो आज ड्रॉप बॉक्स और गूगल ड्राइव जैसे कई ऑप्शंस हैं, जिनसे बड़ी फाइलें शेयर की जा सकती हैं, लेकिन पाइप का सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ना इसे खास बना देता है।

इसे इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है। केवल ड्रैग ऐंड ड्रॉप से फाइल किसी दोस्त को भेजी जा सकती है। पाइप से आप फेसबुक के ऐप सेंटर में जाकर जुड़ सकते हैं।

इस ऐप को बर्लिन की कंपनी पाइप ड्रीम टेक्नॉलज़ीज ने डिवेलप किया है। चूंकि यह आपके फेसबुक अकाउंट से जुड़ा होगा, इसलिए आप इस सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर दोस्तों के साथ रियल टाइम में 1 जीबी तक की फाइल ट्रांसफर कर सकते हैं।

आप और आपके दोस्त के ऑनलाइन होने पर पाइप P2P (पियर-टु-पियर) कनेक्शन बनाता है। दोनों कम्प्यूटर के बीच कॉन्टैक्ट के लिए इस ऐप में पाइप न तो किसी सर्वर का इस्तेमाल करता है और न ही आपकी फाइल फेसबुक के जरिए ट्रांसफर करता है। अगर कोई ऑफलाइन है और आप कोई फाइल भेजना चाहते हैं, तो पाइप उसे एक लॉकर में स्टोर करता है। इन लॉकर्स में 100एमबी तक ही डेटा स्टोर किया जा सकता है, हालांकि आप जितने चाहें, उतने लॉकर यूज़ कर सकते हैं।

पाइप अभी केवल डेस्कटॉप कम्प्यूटर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके मोबाइल वर्जन पर काम चल रहा है। इसका आईओएस वर्जन तैयार हो चुका है, ऐंड्रॉयड वर्जन डिवेलप किया जा रहा है।

Monday, 3 June 2013

फेसबुक पर स्टार को पहचानने में अब नहीं होगा धोखा

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने ट्विटर की तरह वेरिफाइड पेज और वेरिफाइड अकाउंट्स लांच किए हैं।

अब आप फेसबुक पर यह आसानी से जान पाएंगे कि आपके फेवरेट स्टार का सही अकाउंट कौन सा है? इससे पहले सोशल नेटवर्किंग साइट पर सही और गलत अकाउंट के बारे में जानना मुश्किल था।

अभी फेसबुक ने इस तरह के पेज की शुरूआत सेलिब्रिटी, जर्नलिस्ट, सरकारी अधिकारी, पॉपुलर बिजनेस ब्रांड के लिए की है। नई सर्विस के बाद यूजर को सही अकाउंट की पहचान करने में आसानी होगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक 'वेरिफाइड पेज' पर ब्लू कलर का छोटा सर्किल दिखाई देगा। इस घेरे में व्हाइट कलर का का राइट का निशान बना होगा, जो कि सही अकाउंट की पहचान होगी।

इसी निशान से आपको पता चलेगा कि जो पेज आप फॉलो करने जा रहे हैं वह सही है या नहीं। चुनिंदा इंडियन सेलिब्रिटी के वेरिफाइड अकाउंट ओपन करने के लिए क्लिक करें।

अमिताभ बच्चन

सलमान खान

प्रियंका चोपड़ा

एमएस धोनी

सचिन तेंदुलकर

वैज्ञानिकों ने ढूंढा तीन सींग वाला डायनासौर

वाशिंगटन। जीवाश्म के आधार पर वैज्ञानिकों ने तीन सींग वाले डायनासोर की एक प्रजाति का पता लगाया है। इस प्रजाति के डायनासोर के सींग अन्य प्रजातियों से बिल्कुल अलग हैं। ये सबसे पुरानी प्रजाति ट्रिसेराटॉप्स एवं टोरोसोरस से संबंध रखते हैं। इनकी पहचान जुडीसेराटॉप्स के नाम से हुई है। इनके जीवाश्म उत्तरी मोंटना से प्राप्त हुए हैं। यही नहीं जीवाश्म के आधार पर इसी तरह की 18 प्रजातियों के अन्य डायनासोरों का अन्य क्षेत्रों में पता चला है। 

वैज्ञानिक निकोलास लॉंगरिच ने कहा कि सेरोटॉपसिड्स (सींग वाले डायनासोर) तेजी से बढ़ने वाली प्रजाति थी, ऐसे में उम्मीद है कि आगे भी हमें ऐसी खोज मिलती रहेंगी। ये प्रजाति कुछ करोड़ साल पुरानी है। बाद में इस प्रजाति की जगह नई प्रजातियों ने जन्म लिया। 

उन्होंने कहा कि आप जितने पुराने पत्थर देखते जाएंगे, नई प्रजाति मिलती जाएगी। 7.8 करोड़ साल पहले जुडीसेराटॉप्स क्रेटासियस युग में रहते थे। ये बड़े पेड़ खाते थे। 

इससे पहले भी चीनी वैज्ञानिकों ने नए डायनासोर की प्रजाति का पता लगाया था। ये डायनासोर मांसभक्षी थे और दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में लगभग 18 करोड़ साल पहले या पूर्व जुरासिक युग के दौरान पाए जाते थे। नया डायनासोर कोलोफाइसिज से संबंधित था, जो छोटे आकार का मांसभक्षी डायनासोर था।

Friday, 31 May 2013

नए रूप में आया जीमेल, ऐसे पा सकते हैं आप तुरंत





















अगर आप जीमेल यूजर हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। आपका जीमेल इनबॉक्स जल्द ही नए रूप में नजर आएगा। साथ ही आपके लिए ई-मेल मैनेज करना अब और आसान हो जाएगा। आप अपने इनबॉक्‍स को अपने हिसाब से कंट्रोल कर सकेंगे। गूगल ने टैब सुविधा के साथ जीमेल इनबॉक्‍स का नया डिजाइन पेश किया है। नया डिजाइन पीसी और मोबाइल दोनों तरह के यूजर को ध्‍यान में रखते हुए बनाया गया है। गूगल का मानना है कि इस नए डिजाइन से लोगों के लिए जरूरी और गैर-जरूरी मेल में अंतर करना आसान हो जाएगा।

टैब्स से होगी आसानीः जीमेल का नया इनबॉक्स किसी वेब ब्राउज़र की तरह नजर आएगा। गूगल ने इनबॉक्स में पांच टैब्स की सुविधा दी है- प्राइमरी, सोशल, प्रमोशनल, फोरम और अपडेट्स। आपके जीमेल अकाउंट में आने वाले अलग तरह के मेल्स को इन अलग-अलग टैब्स में बांटा जाएगा। इस तरह जरूरी मेल्‍स को पढ़ना आसान हो जाएगा। साथ ही एक नजर में ही पता चल जाएगा कि आपके इनबॉक्‍स में नए ई-मेल कौन से हैं और उन्हें पढ़ना आपके लिए कितना जरूरी है।

हर मेल का ठिकाना तय होगा: जीमेल के नए इनबॉक्‍स में आप अपने ई-मेल्‍स को अलग-अलग कैटिगरीज में बांट सकेंगे। आपके जरूरी मेल प्राइमरी कैटिगरी में आएंगे। टि्वटर-फेसबुक जैसी सोशल साइट्स से जुड़े ईमेल सोशल टैब में चले जाएंगे। ग्रुपॉन-फैब जैसी कंपनियों से आने वाले ऑफर प्रमोशन कैटिगरी में होंगे। नोटिफेकिशेंस, बिल जैसे मेल अपडेट टैब के जरिए दिखाई देंगे। ग्रुप ई-मेल्स फोरम में दिखेंगे। नए इनबॉक्स को आसानी से कस्‍टमाइज भी कर सकते हैं। ड्रैग और ड्रॉप के जरिए ई-मेल्‍स एक टैब से दूसरे टैब में भेजे जा सकेंगे। हालांकि अभी जीमेल ने यूजर्स को अपनी मर्जी के टैब बनाने की सुविधा नहीं दी है।

कैसे मिलेगा नया जीमेलः आने वाले कुछ हफ्तों में जीमेल के सभी यूजर्स नए तरह का इनबॉक्‍स इस्‍तेमाल कर पाएंगे। अगर आप यह नया इनबॉक्स तुरंत पाना चाहते हैं, तो जीमेल सेटिंग्स में जाकर Configure inbox पर क्लिक करिए। जिन्हें पुराना वाला जीमेल इनबॉक्‍स ही पसंद है, उन्हें भी घबराने की जरूरत नहीं है। सारे टैब्‍स स्विच ऑफ कर देने पर जीमेल इनबॉक्स पुराने रूप में ही दिखेगा।

Thursday, 30 May 2013

यह घटना नहीं होती तो भारत में आम विदेश से आता

गर्मी का महीना चिलचिलाती धूप और पसीने के कारण शायद ही किसी को पसंद आता होगा। लेकिन आम का मीठा स्वाद याद आने पर गर्मी का मौसम भी सुहाना लगने लगता है क्योंकि आम इसी मौसम में फलता है। आम की चटनी, आम की खटाई और पके आम का स्वाद याद कीजिए, यकीनन मुंह में पानी आ गया होगा। 

शायद कुछ ऐसा ही आज से कई हजार साल पहले राम भक्त हनुमान जी के साथ हुआ होगा। अगर हनुमान जी की ऐसी हालत नहीं हुई होती तो शायद भारत में आम का पेड़ नहीं होता और पड़ोसी देश से आम खरीदकर मंगाया जाता है। भारत में आम के आने की घटना का संबंध रामायण से है। रामायण की कथा के अनुसार रावण जब सीता का हरण करके लंका ले गया तब सीता की खोज में राम जी ने हनुमान को लंका भेजा। 

हनुमान जी समुद्र पार करके रावण की नगरी लंका पहुंचे। इन्हें पता चला कि रावण ने माता सीता को आशोक वाटिका में रखा हुआ है। आशोक वाटिका में पहुंचकर हनुमान जी सीता से मिले और यहां के फलों को देखकर इनके मुंह में पानी आ गया। माता सीता से आज्ञा लेकर हनुमान जी फलों को खाने लगे। लेकिन जब हनुमान जी ने आम खाया तो इसके अद्भुत स्वाद से तृप्त हो गये। 

इनके मन में विचार आया कि यह अद्भुत फल भगवान राम को भेंट किया जाए। इसलिए लंका दहन करने के बाद जब वापस लौटने लगे तो तब एक बड़ी सी गठरी में आम को बांधकर अपने साथ ले आए। हनुमान जी ने लंका में किस तरह से माता सीता रहती हैं यह सब हाल बताया। इसके बाद प्रेम पूर्वक अपने साथ लाये हुए आम भगवान को भेंट किया। 

श्रद्धा और प्रेम पूर्वक हनुमान जी द्वारा लाये गये फल को खाकर भगवान राम भी आनंदित हो गये। राम सहित लक्ष्मण जी ने भी आम के मीठे स्वाद का आनंद लिया और गुठलियों को फेंक दिया। इन गुठलियों से आम का पौधा जन्म लिया और समय के साथ देश के विभिन्न भागों में इसका विस्तार होता गया। 

भगवान राम के जूठे गुठलियों से आम का पेड़ भारत में जन्मा है इसलिए आम को भगवान राम का प्रसाद भी माना जाता है। माना जाता है कि जब आम के पेड़ पर फल लग जाता है तब इस पर हनुमान जी का निवास होता है। इसलिए बुरी शक्तियां आम के पेड़ के आस-पास से दूर रहती हैं।

Tuesday, 28 May 2013

दिल्ली में तोड़े जाएंगे अवैध धार्मिक स्थल

धार्मिक आस्था की आड़ लेकर राजधानी की सड़कों व गली-मोहल्लों में जगह-जगह सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक स्थलों को अब ढहाया जाएगा। 

धार्मिक स्थलों की आड़ में सरकारी जमीन कब्जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर व आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह तुरंत इस मामले में बैठक बुलाएं, जिसमें यह तय किया जाए कि इन अवैध धार्मिक स्थलों को कैसे समयबद्ध तरीके से ढहाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए। 

खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव दो सप्ताह के अंदर गृह मंत्रलय के संयुक्त सचिव, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, डीडीए के उपाध्यक्ष, दिल्ली पुलिस आयुक्त व दिल्ली सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव के साथ बैठक करें। इसके बाद अदालत में रिपोर्ट दायर करके बताया जाए कि इन अवैध निर्माण को गिराने के लिए क्या कदम उठाए गए। अब इस मामले में 22 अगस्त को सुनवाई होगी। 

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि खुद एक धार्मिक कमेटी ने 75 में से 40 धार्मिक स्थलों को गिराने की अनुशंसा की है। बाकी 34 के बारे में कहा गया है कि इनको गिराने का विरोध हो सकता है, इसलिए इन स्थलों के आसपास के लोगों को समझाकर और उनसे बातचीत करके गिराया जा सकता है। 75 की सूची में एक धार्मिक स्थल को गलती से शामिल कर लिया गया था, वह अवैध तरीके से नहीं बना है। न्यायालय ने सरकार को इस बात पर भी फटकार लगाई है कि वह अपनी जमीन पर वापस कब्जा लेने में उचित कदम नहीं उठा रही है। 

अदालत ने कहा कि डीडीए अभी तक 7.82 एकड़ जमीन पर ही कब्जा ले पाया है। जो कि पर्याप्त नहीं है, इसलिए इस दिशा में जल्दी से कदम उठाए जाएं। अदालत ने दिल्ली पुलिस की भी खिंचाई की है, क्योंकि उसने अपने-अपने इलाकों में हुए अवैध निर्माण की सूची धार्मिक कमेटी को नहीं सौंपी है। 

गौरतलब है कि 17 अप्रैल को न्यायालय ने सभी एसएचओ को निर्देश दिया था कि वह अपने-अपने इलाकों में डीडीए की जमीन पर बने अवैध धार्मिक स्थल की सूची बनाकर सौंपें। परंतु उत्तरी-पूर्वी जिले के अलावा किसी अन्य ने अपनी सूची नहीं सौंपी। 

ऐसे में न्यायालय ने दक्षिण, दक्षिण-पूर्वी व बाहरी जिले के एडिशनल कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के अंदर धार्मिक कमेटी के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करें कि उनके इलाकों में कितने अवैध धार्मिक स्थल बने हुए हैं। 

वर्ष 2005 में एक मीडिया रिपोर्ट पर दिल्ली उा न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया था। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि लगभग 43,000 एकड़ सरकारी जमीन प्रयोग नहीं हो रही है या उस पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। उस समय से अब तक न्यायालय इस मामले में स्वयं निगरानी कर रहा है। 

पिछले साल जुलाई में न्यायालय ने दिल्ली सरकार व डीडीए को फटकार लगाई थी कि क्योंकि वह इस संबंध में सर्वे कराने में असफल रहे थे और डीडीए सरकारी जमीन को अपने कब्जे में नहीं ले पा रही थी।

Monday, 27 May 2013

धोनी के शेर हुए ढेर, मुंबई बना आईपीएल चैंपियन


कोलकाता। आईपीएल-6 के जंपिंग जपांग टाइप फाइनल में मैन ऑफ द मैच कैरन पोलार्ड के आतिशी पचासे के बाद लसिथ मलिंगा की अगुआई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से मुंबई ने चेन्नई को 23 रनों से हरा दिया। मैच की शुरुआत मुंबई के लिए दहलाने वाली रही तो अंत ने चेन्नई को चित कर दिया। मुंबई की जीत के बाद टीम के आइकन प्लेयर सचिन तेंडुलकर ने आईपीएल  को अलविदा कह दिया (जीत के ये रहे हीरो)। 

बीसीसीआई प्रेसिडेंट एन श्रीनिवासन, आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला और सचिव संजय जगदाले ने मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा को दस करोड़ रुपए के चेक के साथ चमचमाती ट्रॉफी सौंपी। रनर अप चेन्नई को 7.5  करोड़ रुपए दिए गए। 

मुंबई ने टॉस जीतकर खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 20 ओवर्स में नौ विकेट पर 148  रन बनाए और फिर चेन्नई को 125 के स्कोर पर ही रोक दिया। चेन्नई के कप्तान एमएस धोनी नॉट आउट 63 रन बनाकर भी टीम की हार नहीं टाल पाए। 

लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई पर पहले ही ओवर में मलिंगा ने कहर बरपाते हुए माइक हसी और सुरेश रैना को पवेलियन लौटा दिया। इसके बाद मिचेल जॉनसन ने दूसरे ओवर में एस बद्रीनाथ को आउट कर चेन्नई को मुश्किल में डाल दिया। 

शुरुआती झटकों से चेन्नई नहीं उबर पाई और उसके विकेट लगातार गिरते रहे। हालाकि कप्तान धोनी दूसरे एंड पर किला लड़ाते रहे लेकिन उनका प्रयास नाकाफी रहा और मुंबई ने पहली बार आईपीएल खिताब जीत लिया। मुंबई के लिए लसिथ मलिंगा, मिचेल जॉनसन ओर हरभजन सिंह ने दो-दो विकेट लिए वहीं प्रज्ञान ओझा, रिषी धवन और कैरन पोलार्ड ने इस महामुकाबले में एक-एक विकेट अपने नाम किया।  

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ने कैरन पोलार्ड के आतिशी पचासे (32 गेंद पर 50 रन) की बदौलत निर्धारित 20 ओवर में 148 रन बनाए। मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही। पिछले मैच के हीरो ड्वेन स्मिथ पहले ही ओवर में आउट हो गए और दूसरे ओवर में आदित्य तारे भी चलते बने। कप्तान रोहित भी संकट के समय टीम का साथ नहीं निभा पाए और चौथे ओवर में आउट हो गए। इस तरह मुंबई ने केवल 16 रनों के स्कोर पर ही तीन विकेट खो दिए।

इसके बाद दिनेश कार्तिक और अंबाती रायुडू ने चौथे विकेट के लिए 36 रन  जोड़कर पारी को संभाला। कार्तिक को क्रिस मॉरिस ने बोल्ड कर यह साझेदारी तोड़ी। कार्तिक ने 21 रनों की उपयोगी पारी खेली। 

कार्तिक के आउट होने के बाद अंबाती और रायुडू ने टीम को 100 के स्कोर तक पहुंचाया। यहां रायुडू 37 रन बनाकर ब्रावो का शिकार हो गए। इसके बाद ब्रावो ने हरभजन, जॉनसन और मलिंगा को भी आउट कर दिया। 

दूसरी ओर पोलार्ड मौका मिलते ही रन बनाते रहे। आखिरी ओवर में पोलार्ड को केवल आखिरी दो गेंदें खेलने को मिलीं जिन पर दो गगनचुंबी छक्के जड़ पोलार्ड ने अपनी फिफ्टी पूरी की। 
सचिन ने आईपीएल को कहा अलविदा

मुंबई इंडियंस के आईपीएल का पहला खिताब जीतने के बाद टीम के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने संन्यास की घोषणा कर दी है।

सचिन ने अपने संन्यास के फैसले पर कहा कि यह सबसे उचित समय है। मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल चैंपियन बनी इसके बाद उनके संन्यास लेने का फैसला सही है।

हालांकि गावस्कर ने सचिन से कहा कि अगले सीजन का पहला मैच मुंबई में खेला जाएगा। आप क्यों नहीं पहले मैच में खेल कर मुंबई में संन्यास लें। इसके जवाब में सचिन ने कहा कि अगर ऐसा कोई ऑफर मिलता है तो वो उसके बारे में जरूर सोचेंगे। 

फाइनल में चेन्‍नई सुपर किंग्स को 23 रनों से हराकर मुंबई इंडियंस ने पहली बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया। हालांकि सचिन फाइनल में नहीं खेले लेकिन उनका योगदान मुंबई इंडियंस के लिए अहम रहा।
सचिन ने आईपीएल कैरियर में 78 मैचों में 2234 रन बनाए। मुंबई इंडियंस की टीम दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी।

Saturday, 25 May 2013

फिक्सिंग में फंसे गेल, गिफ्ट में ली थी चार लाख की ज्यूलरी


नई दिल्ली: चेन्नई सुपर किंग्स के प्रिंसिपल गुरुनाथ मयप्पन की गिरफ्तारी के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुर के विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल भी शक के घेरे में आ गए हैं। जयपुर के बुकीज जूलर्स पवन और संजय ने गेल को अपने शोरूम पर बुला कर उन्हें चार लाख रुपए की ज्यूलरी गिफ्ट की थी। 29 अप्रैल को जयपुर में बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स का मैच था। 

इसके एक दिन बाद गेल टोंक रोड स्थित मोती संस के शोरूम गए थे और वहां करीब एक घंटे रुके थे। इसी दौरान पवन और संजय ने उन्हें जेवरात गिफ्ट किए थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस गिफ्ट का फिक्सिंग से कोई संबंध है या नहीं। स्पॉट फिक्सिंग में फंसे एस. श्रीसंथ और विंदू दारा सिंह भी आ चुके हैं। 

जानकारी के अनुसार, गेल को मोती संस के शोरूम में ले जाने में भी विंदू का रोल था। जब स्पॉट फिक्सिंग का मामला सामने आया तो विंदू ने इन दोनों बुकीज को यहां से दुबई भागने में मदद भी की थी। सट्टेबाजी को लेकर राजस्थान के कम से कम 20 जूलर्स संदेह के दायरे में हैं। मुंबई और दिल्ली पुलिस इन जूलर्स का कच्चा चिट्ठा खंगाल रही हैं।

Friday, 24 May 2013

लाइव वेबकैम पर बॉयफ्रेंड के सामने युवती ने किया सूइसाइड


मुंबई।। एक प्रेम कहानी का ऐसा दर्दनाक अंत हुआ कि जानकर आपका भी दिल दहल जाएगा। मुंबई के विले पार्ले में एक युवती ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ वेबकैम से लाइव चैट करते वक्त सूइसाइड कर लिया। उसने पंखे से लटककर जान दे दी, लेकिन उसके बॉयफ्रेंड के पास उसे मरते हुए देखने के अलावा और कोई चारा नहीं था। 

शोभना और स्वप्निल एक दूसरे से प्यार करते थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने परिवार वालों से छिपकर कोर्ट मैरेज कर ली थी, लेकिन शोभना अपने माता-पिता के साथ ही रहती थी। जब उनके घरवालों को दोनों की शादी की खबर हुई तो आपसी बातचीत के बाद उन्होंने दोनों की फिर से शादी करने के लिए हामी भर दी थी। लेकिन आरोप है कि लड़के वालों ने कुछ वक्त बाद दहेज की मांग शुरू कर दी। इस वजह से दोनों परिवारों के रिश्ते खराब हो गए और दोनों के मिलन पर ग्रहण लग गया। 

शोभना इन सभी बातों से काफी परेशान थी। बुधवार शाम शोभना और स्वप्निल वेबकैम से लाइव चैट कर रहे थे। इसी बीच शोभना उठी और उसने कहा, 'देख! मैं सूइसाइड कर रही हूं।' इससे पहले की स्वप्निल कुछ समझ पाता, उसने अपना दुपट्टा लिया और पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। स्वप्निल अपने कंप्यूटर पर यह सब लाइव देख रहा था। उसने आनन-फानन में शोभना की बहन को इस बारे में बताया, लेकिन जब तक वह उसके पास पहुंचती, देर हो चुकी थी। जुहू पुलिस ने सूइसाइड का मामला दर्ज करके शोभना का लैपटॉप जब्त कर लिया है और छानबीन कर रही है।

Wednesday, 22 May 2013

यौन शोषण को ईश्‍वर का काम मानते थे माइकल जैक्‍सन


वाशिंगटन। माइकल जैक्सन हमेशा अपने विवादों की वजह से चर्चाओं में बने रहे हैं। मरने के बाद भी माइकल को लोग उनके गाने और डांस के अलावा उनके विवादस्पद बयानों से भी याद किया जाता है। 

हाल में एक न्यूज वेबसाइट के जरिए माइकल का एक बयान सामने आया है जिसमें माइकल खुद को मॉडर्न समय का जीसस बता रहे हैं। इसके अलावा माइकल का मानना था कि जिस व्यवहार को दुनिया बाल यौन शोषण कहती है उसे वो ईश्वर का काम मानते थे। 

न्यूज वेबसाइट के मुताबिक माइकल जैक्सन का मानना था कि वो भगवान के दूत हैं और भगवान के संदेश का पालन कर रहे हैं। हाल ही में सामने आये एक वीडियो में जैक्सन को एक वकील से ऐसा कहते पाया गया है। वीडियो के मुताबिक जैक्सन को लगता था जिस तरह जीसस बच्चों से प्यार करते थे उसी तरह वो भी बच्चों से प्यार करते हैं।

Friday, 17 May 2013

जल्द ही आप जीमेल से पैसे भी भेज सकेंगे!


ई-मेल से आप अटैचमेंट के तौर पर तस्वीरें, विडियो और फाइलें तो भेजते रहे हैं, मनी यानी पैसे भेजने के बारे में क्या ख्याल है? गूगल ने अपनी ई-मेल सर्विस जीमेल के जरिए ऐसी सर्विस शुरू करने का ऐलान किया है। अभी इसे अमेरिका में पेश किया जा रहा है। भारत में ऐसा कब होगा, इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। 

जीमेल से इस सर्विस का इस्तेमाल गूगल वॉलेट के साथ किया जाएगा, इसके लिए वॉलेट को यूजर के बैंक अकाउंट के साथ लिंक करना होगा। चाहें तो यूजर अपने अकाउंट के साथ डेबिट या क्रेडिट कार्ड को लिंक कर सकता है, लेकिन उस हालात में हर ट्रांजेक्शन पर 2.9 पर्सेंट की फीस ली जाएगी। फिलहाल अमेरिका के यूजर्स के लिए इस सर्विस को रोल आउट किया जा रहा है और 18 साल से ऊपर की उम्र के लो इसे यूज कर पाएंगे। आपको अगर पैसा रिसीव करना है तो आपके अकाउंट में इस फीचर को एक्टिवेट करना होगा। हालांकि, इससे पहले कुछ और वेबसाइटों ने इस तरह की सर्विस शुरू की थी, लेकिन वे ज्यादा पॉप्युलर नहीं हो पाईं। जानकारों का कहना है कि जब हर कोई जीमेल इस्तेमाल कर रहा है तो इसके हिट होने के ज्यादा आसार हैं। भारत में ऐसा कब होगा, अभी इसकी जानकारी नहीं है। आरबीआई के नियमों के हिसाब से इसे खरा उतरना होगा। 

कैसे भेजेंगे पैसे
इसके लिए आपको नई ई-मेल क्रिएट करनी होगी। इसके बाद अटैचमेंट बटन पर क्लिक कीजिए। यहां आपको डॉलर का साइन मिलेगा। इस पर क्लिक कर आप अकाउंट या कार्ड से भेजने वाली रकम तय कर सकते हैं। 

क्या है गूगल वॉलेट
गूगल वॉलेट का फीचर आपके अकाउंट में होता है। भारत में फिलहाल यहां जाकर आप अपने क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की डीटेल डाल सकते हैं। एप्स या गूगल स्टोर से कोई प्रॉडक्ट खरीदने में इससे पेमेंट हो सकता है।