गुप्तकाशी के नालागांव में आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब आपदा प्रभावित लोगों ने यहां वितरित की जा रही खाद्य सामग्री को लेने से मना कर दिया। इन लोगों का आरोप था कि वितरित की जा रही उक्त सामग्री खराब हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि उक्त राहत सामग्री पर राहुल गांधी के चित्र लगे हुए थे।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के द्वारा रवाना किए गए राहत सामग्री के ट्रकों के ऋषिकेश में डीजल खत्म होने के कारण कुछ दिन खड़े रहने के समाचार भी मिले थे।
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Saturday, 6 July 2013
Tuesday, 11 September 2012
'राहुल गांधी पर रेप के आरोप के पीछे अखिलेश'
नई दिल्ली/ कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के खिलाफ लड़की के रेप और अपहरण के आरोप मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता किशोर समरिते की वकील कामिनी जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ रेप और अपहरण से संबंधित याचिका सपा नेता अखिलेश यादव के इशारे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई थी। अखिलेश यादव फिलहाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।
समाचार एजेंसी के मुताबिक समरिते की वकील जायसवाल ने अदालत से कहा कि उन्हें पंडारा रोड से निर्देश मिला था कि वह राहुल गांधी के खिलाफ हाईकोर्ट में यह याचिका दायर करें। जब जज स्वतंत्र कुमार ने पंडारा रोड के जिक्र पर स्पष्टीकरण मांगा तो जायसवाल ने कहा कि निर्देश यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से मिले थे।
न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिनमें समरीते ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने समरिते के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू करने और 50 लाख जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। हालांकि सुनवाई के दौरान अखिलेश यादव के वकील रत्नाकर दास ने समरीते के वकील के बयान का पुरजोर विरोध किया। बाद में अदालत ने 17 सितंबर तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।
समरिते का आरोप था कि 2006 में राहुल गांधी और उनके दोस्तों की अमेठी यात्रा के दौरान स्थानीय लड़की गायब हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की के साथ रेप हुआ था।
Friday, 10 February 2012
आखिर इस सवाल पर प्रियंका को क्यों आया गुस्सा

अपने बच्चों रेहान और मिराया के राजनीति में आने के सवाल पर प्रियंका बिफर पड़ीं। उन्होंने कहा कि फिजूल की बात मत करिए। वह शहर में रहते हैं। उन्हें वह इसलिए अपने साथ लाती हैं, ताकि वे ग्रामीण परिवेश को देख सकें। कुछ सीख और समझ सकें। बच्चों के राजनीति में आने के सवाल पर झल्लाई यहां सवाल उठता है कि प्रियंका को इस बात पर गुस्सा क्यों आया। अपनी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी का चुनाव प्रबंधन देख रही प्रियंका वाड्रा के सियासत में आने को लेकर भी जब तब उनसे सवाल पूछे जाते रहे हैं।
इस बारे में पूछे गए सवाल को आमतौर पर वह मुस्कुराकर या फिर कोई नई बात कहक र टाल जाती हैं। उनके ताजा दौरे में भी यह सवाल मुखर हुआ था। इसपर प्रियंका का जवाब भी आया था। उन्होंने कहा कि जाकर मायावती से और राजनाथ सिंह से पूछिए। इस बीच बृहस्पतिवार को प्रियंका के बच्चों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रियंका की तीखी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
10 सीटों पर चुनाव प्रचार करने की जिम्मेदारी हालांकि, इस दौरान प्रियंका ने पत्रकारों के दूसरे सवालों के जवाब सरलता से दिए। रायबरेली और अमेठी तक ही प्रचार अभियान के सीमित रहने के बारे में प्रियंका ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिलती है, वह उसे निभाती हैं। अमेठी और रायबरेली जिले की 10 सीटों पर चुनाव प्रचार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सभी सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी होंगे। कांग्रेस के सत्ता आने पर सीएम कौन होगा, इस सवाल को वह हंसकर टाल गईं। विधानसभा चुनाव में मायावती हार रही हैं बृहस्पतिवार को अमेठी की सलोन और रायबरेली जिले की ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के दौरान पारी गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित करने के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब प्रियंका से यह भी पूछा गया कि सुल्तानपुर में प्रदेश की मुखिया मायावती आरोप लगा रही हैं कि गांधी परिवार की वजह से प्रदेश में विकास नहीं हुआ है। इस पर प्रियंका ने कहा कि विधानसभा चुनाव में मायावती हार रही हैं। इस वजह से वह आरोप लगा रही हैं।
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