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Thursday, 30 May 2013

मंगल पर मिला चूहा!

वाशिंगटन। मंगल पर जीवन की तलाश में गए नासा के रोवर क्यूरॉसिटी वहां चूहा मिला है। रोवर की गतिविधियों पर नजर रखने वाले कुछ उत्साही लोगों ने दावा किया है। इनका कहना है कि रोवर के मास्ट कैमरे ने लाल ग्रह की सतह पर एक पिक्चर ली है जिसमें नारंगी रंग का एक चूहा दिख रहा है। हालांकि कई अन्य इसे महज एक छोटी चट्टान की तस्वीर मान रहे हैं।

पिछले साल 28 सितंबर को ली गई इस तस्वीर में रॉकनेस्ट साइट को दिखाया गया है। यूएफओ साइटिंग्स डेली की वेबसाइट पर डाली गई तस्वीर को देखकर वेबसाइट के फाउंडर स्कॉट वारिंग ने इसे चूहा प्रजाति के एक जीव की तस्वीर करार दे दिया। उनका कहना है कि तस्वीर में दिख रही आकृति किसी चूहे या गिलहरी जैसी है।

हालांकि इस तस्वीर को देखने वाले कई अन्य लोगों का कहना है कि इसकी आकृति और रंग को देखकर लगता है कि यह कोई मामूली चट्टान भर है।

Monday, 20 May 2013

मनमोहन ने ली से की वार्ता, घुसपैठ पर भारत ने जतायी चिंता


नई दिल्ली : चीन को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लद्दाख में हाल में हुई चीनी घुसपैठ पर रविवार की रात गहरी चिंता जताई। उन्होंने चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग से कहा कि सीमा पर शांति के बिना द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक सौहार्द्रपूर्ण एवं स्पष्ट बातचीत हुई। 

दो माह पहले प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर आये 57 वर्षीय ली ने मनमोहन सिंह से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों ही पक्षों के चुनिंदा सहयोगी मौजूद थे। दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता में जटिल सीमा विवाद, सीमा पार करने वाली नदियों एवं व्यापार घाटे पर चर्चा हुई। 

दोनों नेताओं के बीच यह बैठक चीनी सेना द्वारा लद्दाख की देपसांग घाटी में 19 किलोमीटर तक भीतर घुसने के करीब एक माह बाद हो रही है। इस मुद्दे का समाधान दो ही हफ्ते पहले हुआ है। दोनों नेताओं की बैठक का जोर उस गतिरोध पर रहा जबकि सिंह ने चीन द्वारा यथास्थिति का उल्लंघन किये जाने पर भारत की गंभीर चिंता का इजहार किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखना अच्छे द्विपक्षीय संबंधों के लिए आवश्यक है। इस बिन्दु पर ली ने सहमति जतायी।

मनमोहन एवं ली की सीमित वार्ता के बाद रात्रि भोज हुआ। इसमें संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा नेता अरूण जेटली एवं माकपा महासचिव प्रकाश करात भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने प्राथमिकता वाले अन्य मुद्दों को भी ‘सीधे तौर पर’ उठाया। इनमें सीमा पार से आने वाली नदियों के जलप्रवाह को बरकरार रखना विशेषकर चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर तीन अतिरिक्त बांध को मंजूरी दिये जाने का मुद्दा शामिल है। 

भारत चीन पर इस बात के लिए जोर डाल रहा है कि जल मुद्दों के हल के लिए जल आयोग या अंतर सरकारी वार्ता के जरिये विचार विमर्श हो क्योंकि दोनों देशों के बीच मौजूदा विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र केवल जल विज्ञान संबंधी सूचनाओं की भागीदारी तक सीमित है। सूत्रों ने बताया, ‘प्रधानमंत्री ने सकारात्मक लेकिन दृढ़ता के साथ अपने विचार व्यक्त किये।’ उन्होंने यह भी कहा कि कल की लंबी वार्ता के लिए जमीन अब तैयार हो गयी है। भारत दोनों देशों के सीमा क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा को स्पष्ट करने एवं इसकी पुष्टि पर जोर दे रहा हैए अभी इसका अंतिम समाधान नहीं हुआ है। 

1993 और 1996 में हुए समझौतों में की गयी व्यवस्थाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा गया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के बारे में अलग अलग धारणाएं हैं। आधिकारिक सूत्रों ने पूर्व में कहा था कि बाद के वर्षों में चीनी पक्ष की ओर से यह वार्ता में से हटा लिया गया। संभवत: इसका कारण यह भावना रही होगी कि इसे गलत सीमा के रूप में लिया जा सकता है। 

इस बीच, सूत्रों ने बताया कि चीन द्वारा प्रस्तावित सीमा रक्षा सहयोग समझौते पर विचार विमर्श किया जा रहा है। मनमोहन एवं ली के बीच हुई मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव रंजन मथाई और चीन में भारतीय राजदूत एस जयशंकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भारतीय पक्ष की ओर से मौजूद थे। 

प्रधानमंत्री ने व्यापार घाटे पर ध्यान दिये जाने की जरूरत पर बल दिया जो चीन के पक्ष में है। भारत चीन पर इस बात के लिए दबाव बना रहा है कि उसे चीनी बाजार में और अधिक पहुंच की इजाजत मिले। वर्ष 2012 में द्विपक्षीय व्यापार 66 अरब अमेरिकी डालर रहा जो 2011 में 74 अरब डालर था। दोनों देशों ने 2015 तक द्विपक्षीय व्यापार के लिए 100 अरब डालर का लक्ष्य तय किया है। 

भारत चीन की तुलना में बढ़ते व्यापार घाटे का सामना कर रहा है। 2011 के अंत तक भारत का व्यापार घाटा 27 अरब अमेरिकी डालर था। जनवरी 2013 में जारी चीनी व्यापार आंकड़ों के अनुसार 2012 तक यह बढ़कर 29 अरब डालर हो गया। व्यापार के अलावा भारत चीन से होने वाले परियोजना निर्यात का भी सबसे बड़ा बाजार है। चीनी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2011 तक सकल चीनी निवेश 57 करोड़ 57 लाख डालर था जबकि चीन में भारतीय निवेश 44 करोड़ 17 लाख डालर था। 

ली आज शाम तीन बजे यहां पहुंचे। उनके साथ सरकारी अधिकारियों एवं व्यवसायियों का उच्च स्तरीय शिष्टमंडल भी आया है। विदेश राज्य मंत्री ई अहमद एवं मथाई सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इससे पूर्व ली के आगमन के समय जारी एक लिखित बयान में चीनी प्रधानमंत्री ने चीनी सरकार एवं 1.3 अरब चीनी लोगों की ओर से भारत सरकार एवं 1.2 अरब भारतीयों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। चीनी प्रधानमंत्री ने कहा कि चीन और भारत नदियों एवं पर्वतों से जुड़े मित्र पड़ोसी हैं। दोनों देशों के बीच 1950 में राजनयिक संबंध कायम होने के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में विकास हो रहा है। 

ली ने कहा कि 21वीं शताब्दी में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद ज्यादा हो रहा है और व्यावहारिक सहयोग में विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन दिनों चीन एवं भारत अपने विकास को तेज कर रहे हैं, अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मजबूत प्रयास कर रहे हैं, लोगों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं और हितों के बेहतर सम्मिलन के लिए काम कर रहे हैं।

Thursday, 9 May 2013

पाकिस्‍तानी कैदी सनाउल्‍लाह रंजय की चंडीगढ़ के अस्‍पताल में मौत










चंडीगढ़ : जम्मू की एक जेल में गत सप्ताह हमले में घायल हुए पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह रंजय की चंडीगढ़ के अस्पताल में गुरुवार सुबह मौत हो गई। यह जानकारी चिकित्सकों ने दी। 

सनाउल्लाह की चंडीगढ़ स्थित पोस्ट-गै्रजुएट इंस्टीट्युट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) में सुबह लगभग आठ बजे मौत हो गई। उसकी हालत पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक नाजुक बनी हुई थी और बुधवार से उसके गुर्दो ने काम करना बंद दिया था। 

उसे उपचार के लिए शुक्रवार को जम्मू से चंडीगढ़ लाया गया था तथा तब से वह गहरे कोमा में था। वह जम्मू की कोट बलवाल जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। उस पर भारतीय कैदी ने बीते शुक्रवार को हमला कर दिया था। 

अधिकारियों के मुताबिक, उसकी मौत की जानकारी केंद्र सरकार को दे दी गई है और इसके बाद यह सूचना दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग को दिए जाने की सम्भावना है। चिकित्सकों ने बताया कि मंगलवार को उसे पीलिया और अन्य आंतरिक संक्रमण होने की पुष्टि हुई थी।

सनाउल्लाह के परिवार के दो सदस्य मंगलवार को पाकिस्तान से भारत आए थे। उन्होंने भारत सरकार से उसे स्वेदश जाने देने का अनुरोध किया था। सनाउल्लाह पर यह हमला पाकिस्तानी के लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में जानलेवा हमले में घायल हुए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की मौत के अगले दिन हुआ था।

गौर हो कि सनाउल्लाह को 1999 में गिरफ्तार किया गया था और उसे टाडा प्रावधानों में उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।

Tuesday, 7 May 2013

अब मोबाइल से हैलो करना 30 फीसद तक महंगा


मुंबई। जल्द ही मोबाइल पर बात करना महंगा हो जाएगा। देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) ने सोमवार को इसकी शुरुआत कर दी। कंपनी ने जीएसएम और सीडीएमए उपभोक्ताओं के लिए दरों में 30 फीसद तक का भारी भरकम इजाफा करने की घोषणा की है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

माना जा रहा है कि दूसरी कंपनियां भी जल्द ही दरें बढ़ा सकती हैं। आरकॉम के सीईओ (वायरलेस बिजनेस) गुरदीप सिंह ने बताया कि देशभर में कंपनी के सभी प्लान 20 से 30 फीसद महंगे हो गए हैं। घटते मार्जिन को देखते हुए कंपनी प्रति मिनट राजस्व (आरपीएम) और मुनाफा बढ़ाना चाहती है। इसलिए उपभोक्ताओं पर थोड़ा भार डाला गया है। घरेलू टेलीकॉम उद्योग बुरे दौर से निकल कर फिर से मजबूती की ओर बढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 122 लाइसेंस रद करने के बाद छोटे ऑपरेटर या तो परिचालन बंद कर चुके हैं या फिर बहुत कम जगहों पर सेवाएं दे रहे हैं। इससे उनके द्वारा छेड़ी गई सस्ती कॉल दरों की जंग अब खात्मे की ओर है। इससे बड़ी कंपनियों पर से दबाव खत्म हो गया है। अब लंबी अवधि की ऐसी कॉल दरें बाजार में लाई जाएंगी, जिनसे आने वाले समय में कंपनी को मुनाफा हो।

सूत्रों के मुताबिक भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसे बड़े खिलाड़ी भी धीरे-धीरे कॉल दरों में इजाफा करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। आरकॉम के मुताबिक 21 और 45 रुपये के प्लान में कॉल दरें अब 1.2 पैसा प्रति सेकेंड के हिसाब से लागू होंगी। इसके अलावा विशेष प्लान में कंपनी ने 65 फीसद तक की कटौती कर दी है। 48 रुपये के जिस प्लान में पहले 500 लोकल मिनट (रिलायंस टू रिलायंस) मिलते थे, उसमें अब केवल 160 मिनट ही मिलेंगे। वहीं 46 रुपये के प्लान में 200 के बजाय केवल 140 लोकल मिनट ही मिलेंगे।

Monday, 29 April 2013

सरबजीत को इलाज के लिए विदेश नहीं भेजेगा पाक, भारत ने अपने ही नेताओं को लगाई लताड़

लाहौर/नई दिल्ली. भारत में चीन की एक और घुसपैठ व अफगानिस्‍तान को अमेरिका की ओर से रिश्‍वत दिए जाने की खबरों के बीच पाकिस्‍तान से भारत के लिए निराशाजनक खबरें आ रही हैं। कोट लखपत जेल में हमले से घायल सरबजीत की जान से पाकिस्‍तान खिलवाड़ कर रहा है तो भारत भी इस मसले पर गंभीर नही दिखाई दे रहा है। सरबजीत की बचने की उम्मीद कम है। 48 घंटे बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। उसे ब्रेन हेमरेज का खतरा बना हुआ है।

सरबजीत के परिवार वालों की मांग है कि उन्‍हें इलाज के लिए भारत भेजा जाए। लेकिन इसकी संभावना नहीं लगती, क्‍योंकि पाकिस्‍तान सरकार ने सरबजीत के स्‍वास्‍थ्‍य पर नजर रखने के लिए चार डॉक्‍टरों का जो पैनल बनाया था उसने इसके खिलाफ सिफारिश की है। पैनल ने कहा है कि सरबजीत इलाज के लिए विदेश भेजने की जरूरत नहीं है। भाजपा और सपा ने सरबजीत को भारत लाकर बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की है जबकि केंद्र सरकार में मंत्री राजीव शुक्‍ल का कहना है कि इस मसले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।

पाकिस्तान पहुंची सरबजीत की बहन, पत्नी और बेटियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल जाकर आईसीयू की खिड़की से सरबजीत को देखा। इस दौरान बेटियां भावुक हो गईं। परिवार के किसी को भी सदस्य को सरबजीत के नजदीक नहीं जाने दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि इससे सरबजीत और परिवार को दिक्कत हो सकती है।

जिन्ना अस्पताल को सब-जेल में तबदील कर दिया गया है। आईसीयू के आसपास किसी को जाने नहीं दिया जा रहा। अस्पताल में जगह-जगह हथियारबंद पुलिसबल तैनात किया गया है।

Friday, 29 March 2013

ट्रेन में अब बच्चों का पूरा टिकट लगेगा


ट्रेन में अब पांच से ग्यारह साल के बच्चों को भी यात्रा करने पर छूट नहीं मिलेगी। रेलवे उनके अभिभावकों से पूरा किराया वसूलेगा। ट्रेन में सफर के दौरान जिन यात्रियों ने पहले टिकट कराया था उनसे टीटीई ने अतिरिक्त किराया वसूलना शुरू भी कर दिया है।

रेल मंत्री द्वारा 22 जनवरी को पेश बजट में किराए में वृद्धि के लिए कई नए स्लैब बनाए गए थे। यानी स्लीपर श्रेणी में 200 किमी. तक, थर्ड व सेकेंड एसी में 300, फर्स्ट एसी में 100 और चेयर कार में 150 किमी का किराया यात्री को देना पड़ेगा। भले यात्री इससे कम दूरी सफर तय करे। इस नये स्लैब के तहत बच्चों को भी इतनी दूरी का सफर तय करने पर कोई छूट नहीं मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 5 से 11 साल के बच्चों को सफर के दौरान छूट मिलती थी। यह छूट अब भी बरकरार है। लेकिन यह छूट तभी मिलेगी जब बच्चे स्लीपर श्रेणी में 200 किमी से अधिक, थर्ड व सेकेंड एसी में 300 किमी से अधिक, फर्स्ट एसी में 100 किमी से अधिक और चेयर कार कोच में 150 किमी से अधिक सफर करने पर ही मिलेगी।

अगर इससे कम सफर करते हैं तो यह छूट खत्म हो जाएगी। और वयस्क यात्री के बराबर बच्चों का किराया भी लगेगा।

ब्राजीलियन लेडी डॉक्टर ने की 300 मरीजों की हत्या


पराना (ब्राजील)।। ब्राजील की हेल्थ मिनिस्ट्री के एक जांचकर्ता का कहना है कि एक ब्राजीलियन डॉक्टर जिसे 7 मरीजों की हत्या में पकड़ा गया था, दरअसल वह 300 मरीजों की मौतों के लिए जिम्मेदार है। इस डॉक्टर ने आईसीयू में बेड खाली कराने के लिए सातों हत्याएं की थीं।

सरकारी पक्ष का कहना है कि इवैंगिलिकल अस्पताल में डॉ. वर्जीनिया सोरेस डिसूजा और उसकी मेडिकल टीम ने पहले तो उनके मसल्स को शिथिल करने वाली दवाएं दीं और फिर उनकी ऑक्सिजन सप्लाई कम कर दी। सारे मरीजों की मौत एसपिक्सिया नामक बीमारी से हुई। यह अस्पताल दक्षिणी शहर क्यूरिटिबा में है। यह ब्राजील का मेट्रोपॉलिटन सिटी है।

गिरफ्तार डॉक्टर डिसूजा की उम्र 56 साल है और वह विडो है। उसे पिछले महीने पकड़ा गया था और उस पर सात मरीजों की हत्या का आरोप है। इस डॉक्टर के मातहत काम करने वाले तीन अन्य डॉक्टर, तीन नर्सें और एक फिजियोथेरेपिस्ट पर भी हत्या का आरोप है। पराना स्टेट के अभियोगकर्ताओं का कहना है कि डॉ. डिसूजा के फोन के वायरटेप से पता चला है कि उसने यह हरकत अस्पताल के बेड खाली कराने के लिए की, जिससे अन्य मरीजों को बेड मिल सके।

ब्राजीलियन मीडिया को जारी उसकी रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रहा है कि वह आईसीयू को खाली कराना चाहती थी। उन्हें वहां ज्यादा भीड़ देखकर थोड़ा खल रहा था। डॉ. डिसूजा के वकील इलियास मत्तार असद ने कहा कि जांचकर्ताओं ने उन्हें गलत समझा और वह खुद को निर्दोष साबित करेंगी।

डॉ. डिसूजा जिस अस्पताल की इंचार्ज थी, जांचकर्ताओं ने पिछले सात साल में उनके कार्यकाल के दौरान 1700 मेडिकल रेकॉर्ड्स निकलवाए हैं। इन सभी 300 मरीजों की मौत सात सालों में हुई थी। ब्राजील हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा तैनात मुख्य जांच अधिकारी डॉ. मारियो लोबैटो ने कहा कि अभी तक हमने 20 से ज्यादा केसों में सबूत जुटा लिए हैं और 300 केसों की जांच जारी है।

अगर अभियोजन पक्ष यह साबित कर ले जाता है कि डॉ. डिसूजा ने 300 मरीजों की हत्याएं की हैं तो यह विश्व का सबसे बड़ा सीरियल किलर केस होगा। अभी तक इससे पहले सबसे कुख्यात इंग्लिश डॉक्टर हेरॉल्ड शिपमैन को माना जाता है, जिसने 215 मरीजों की हत्याएं की थीं।

Tuesday, 19 March 2013

डीएमके ने राष्ट्रपति को सौंपी समर्थन वापसी की चिट्ठी


श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर यूपीए के घटक दल द्रमुक ने मंगलवार को देर रात राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को समर्थन वापसी की चिट्ठी सौंप दी। दिन में पार्टी प्रमुख करुणानिधि ने इसकी घोषणा की और देर रात पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में चिट्ठी सौंपी।

डीएमके नेता टीआर बालू ने कहा कि बुधवार को सुबह 11 बजे उनकी पार्टी के मंत्री पीएम मनमोहन सिंह से मिल कर अपने इस्तीफे सौंप देंगे। यूपीए सरकार में द्रमुक के एक कैबिनेट समेत पांच मंत्री हैं।

डीएमके से नौ साल पुराना नाता टूटने के बाद यूपीए सरकार ‘नंबर गेम’ के सियासी संकट में घिर गई है। हालांकि हमेशा की तरह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सरकार की संकटमोचक बनीं और उन्होंने सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने की बात कही।

इसके बावजूद सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने रात को यह कह कर कांग्रेस को चौंका दिया कि उनकी पार्टी का संसदीय बोर्ड बैठक कर हालत पर विचार करेगा।

करुणानिधि के दांव से हिली सरकार ने दावा किया है कि यूपीए को बहुमत हासिल है।

केंद्र सरकार से द्रमुक का हटाना इसलिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि यूपीए में कांग्रेस के बाद द्रमुक के लोकसभा में सबसे ज्यादा 18 सांसद हैं।

द्रमुक के ऐलान के बाद यूपीए के पास अब 233 सांसद हैं, जबकि सपा, बसपा, राजद और जेडीएस के 50 सांसदों का बाहर से समर्थन मिल रहा है।

इस तरह सरकार के पास द्रमुक के अलावा बहुमत के लिए जरूरी 271 सांसदों की संख्या से कुछ अधिक सदस्य (233+50=283) हैं। सत्ताबल के लिए जरूरी आंकड़ों बावजूद द्रमुक के अलग होने से सरकार की राजनीतिक साख पर गहरे सवाल तो खड़ा हो ही गए हैं।

इससे पहले करुणानिधि ने चेन्नई में अपने मंत्रियों को हटाने का ऐलान करते हुए यूपीए सरकार पर आरोप लगाया कि उसने श्रीलंका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में पेश होने वाले प्रस्ताव को मजबूत करने के लिए द्रमुक के सुझाए संशोधनों पर विचार तक नहीं किया।

उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार में बने रहने का क्या मतलब जिसमें तमिल ईलम के लोगों को कोई फायदा नहीं मिले।

हालांकि करुणानिधि ने यूपीए में वापसी का रास्ता यह कहते हुए खुला रखा कि अगर सरकार 21 मार्च से पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश होने वाले अमेरिका समर्थित प्रस्ताव में उनके सुझाए दो संशोधनों को शामिल करने के प्रस्ताव को पारित करती है तो वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

द्रमुक के फैसले से मचे हड़कंप के बावजूद संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार तमिल मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने द्रमुक को मनाने के लिए श्रीलंका में तमिलों की स्थिति पर प्रस्ताव के मसौदे पर काम करना शुरू कर दिया है।

यूपीए के रणनीतिकार इसके लिए विपक्ष को भी मनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं बैक चैनल डिप्लोमेसी के जरिए श्रीलंका पर अमेरिकी प्रस्ताव में मध्यमार्गी संशोधन की राह तलाशी जा रही है।

Monday, 18 March 2013

उत्तर प्रदेश्‍ा में हर साल होंगी 41 हजार भर्तियां


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस फोर्स की कमी को दूर करने के लिए हर साल 41 हजार भर्तियां करने के निर्देश द‌िए हैं।

इनमें 40 हजार से अधिक‌ सिपाही और लगभग डेढ़ हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती होगी। यह प्रक्रिया चार सालों तक चलेगी।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को गृह विभाग के अधिकारियों व पुलिस के आला अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस फोर्स की कमी के बारे में जानकारी ली और चार सालों में सिलसिलेवार इसे दूर करने का भरोसा दिया।

अफसरों ने बताया कि मौजूदा समय में इंस्पेक्टर के 73 फीसदी, दारोगा के 57 फीसदी, हेड कांस्टेबल के 82 फीसदी और कांस्टेबल के 54 फीसदी पद खाली हैं।

चार सालों तक हर साल सिपाहियों के 40,459 पद और इस समय तक सेवानिवृत्त होने वाले सिपाहियों की संख्या को मिलाकर भर्ती की जानी है। चूंकि दारोगा के कुल 10,251 पद रिक्त हैं और इनमें 50 फीसदी पर नई भर्ती होनी है।

लिहाजा चार साल तक हर साल दरोगा के 1,518 पदों पर और उस समय तक सेवा निवृत्त होने वाले दारोगाओं के पदों पर भर्ती की जाएगी।

हेड कांस्टेबलों के पदों पर भी इन चार वर्षों के दौरान भर्ती की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों को कहा गया है कि वे चार वर्षों के दौरान इस कमी को दूर करने की योजना तैयार कर लें।

कार्यशैली पर उठाए सवाल

बैठक में अखिलेश ने पुलिस विभाग को अपनी कार्यशैली सुधारने की सख्त हिदायत दी। सूचना मिलने पर भी अफसरों के मौके पर देर से पहुंचने को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया।

उन्होंने अफसरों को चेताया कि सूचना मिलते ही तुरंत हरकत में आएं और घटनास्थल पर पहुंचें। साथ ही चौकियों और थानों में तैनात ऐसे पुलिसकर्मियों पर नजर रखने और कार्रवाई करने को भी कहा जिनकी छवि खराब है।

बयानबाजी पर जताई नाराजगी

आला अफसरों की मीडिया में बयानबाजी से हुई किरकिरी पर भी सीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बारे में मीडिया को तथ्यात्मक जानकारी दी जाए। अफवाह फैलाने वालों के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

संसाधन मुहैया कराए जाएंगे

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग को जरूरत के मुताबिक सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। वाहनों, सीसीटीवी, आधुनिक कंट्रोल रूम, फोरेंसिक लैब, नॉन लीथल वीपन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

Sunday, 17 March 2013

मुसलमानों का हित पहले, सरकार बाद में: मुलायम


समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने रविवार को कहा कि मुसलमानों का हित पहले है और सरकार बाद में। उन्होंने प्रदेश में आतंकवाद के आरोप में जेलों में बंद बेगुनाह मुसलमानों को जल्द रिहा करने की घोषणा की।

लखनऊ में जमीयत उलमा हिंद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुलायम सिंह यादव ने मुसलमानों को अपना सच्चा हमदर्द बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने में मुसलमानों ने जो सहयोग दिया, जिस तरह उन पर भरोसा जताया, उसे सपा की सरकार कभी भुला नहीं सकती।

प्रतापगढ़ में क्षेत्राधिकारी जिया उल हक की हत्या, प्रदेश में पिछले वर्ष हुए दंगों और जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना बुखारी के समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद मुलायम के इस बयान को अब तक हुए राजनीतिक नुकसान की भरपाई करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मुलायम सिंह यादव ने कहा, ' संसद हो, सड़क हो अथवा सरकार, सपा हमेशा अल्पसंख्यकों के हित की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी।'

मुलायम ने कहा कि मुसलमानों ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिया था लेकिन उन्होंने अखिलेश को मुख्यमंत्री इसलिए बनवाया ताकि वह दिल्ली में रहकर अल्पसंख्यकों की आवाज उठा सकें।

हाल ही में मौलाना अहमद बुखारी द्वारा सपा सरकार की आलोचना किए जाने पर उन्होंने बुखारी का नाम लिए बगैर कहा कि मुसलमानों को प्रदेश सरकार की नीति व नीयत दोनों को देखना चाहिए।

प्रदेश सरकार में 11 मुसलमान मंत्री

मुलायम ने कहा कि प्रदेश सरकार में 11 मंत्री मुसलमान हैं। कई विधायक भी मुसलमान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सचिव भी मुसलमान हैं। ये सभी लोग मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'प्रदेश की जेलो में बंद निर्दोष मुसलमानों की रिहाई के मामले में सरकार अच्छे नतीजे निकलाने की कोशिश कर रही है। यह भी कोशिश हो रही है कि जहां अदालतों का सहारा लेने की जरूरत हो, वहां अदालतों की मदद ली जाए। इसके लिए डीजीपी व मुख्य सचिव विचार-विमर्श कर रहे हैं।'

राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग

जमीयत के कार्यक्रम में राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग में नारे भी लगे। कार्यक्रम में लोगों ने मुलायम के सामने क्षेत्राधिकारी जिला उल हक की हत्या के आरोपी राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग की।

मुलायम ने कहा कि यह मामला इस मंच से उठाना ठीक नहीं हैं। यहां मजलूमों ओर बेकसूरों को इंसाफ मिलने की आवाज उठ रही है। एक मंच से दो आवाज उठाना ठीक नहीं है। सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है।

दंगा नियंत्रण कानून और आरक्षण

कार्यक्रम में जमीयत उलमा के संरक्षक असजद मदनी ने मुलायम को दंगा विरोधी कानून और मुसलमानों को 18 फीसदी आरक्षण का वादा भी याद दिलाया।

उन्होंने कहा कि संविधान में अब तक 117 संशोधन किए जा चुके हैं। इसलिए एक और संशोधन होना बहुत मुश्किल काम नहीं है।

Tuesday, 11 September 2012

'राहुल गांधी पर रेप के आरोप के पीछे अखिलेश'

नई दिल्ली/ कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के खिलाफ लड़की के रेप और अपहरण के आरोप मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता किशोर समरिते की वकील कामिनी जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ रेप और अपहरण से संबंधित याचिका सपा नेता अखिलेश यादव के इशारे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई थी। अखिलेश यादव फिलहाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।

समाचार एजेंसी के मुताबिक समरिते की वकील जायसवाल ने अदालत से कहा कि उन्हें पंडारा रोड से निर्देश मिला था कि वह राहुल गांधी के खिलाफ हाईकोर्ट में यह याचिका दायर करें। जब जज स्वतंत्र कुमार ने पंडारा रोड के जिक्र पर स्पष्टीकरण मांगा तो जायसवाल ने कहा कि निर्देश यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से मिले थे।

न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिनमें समरीते ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने समरिते के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू करने और 50 लाख जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। हालांकि सुनवाई के दौरान अखिलेश यादव के वकील रत्नाकर दास ने समरीते के वकील के बयान का पुरजोर विरोध किया। बाद में अदालत ने 17 सितंबर तक के लिए कार्यवाही स्‍थगित कर दी।

समरिते का आरोप था कि 2006 में राहुल गांधी और उनके दोस्तों की अमेठी यात्रा के दौरान स्थानीय लड़की गायब हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की के साथ रेप हुआ था।

Tuesday, 7 August 2012

संसद की कार्यवाही में आज हिस्सा लेंगे सचिन और रेखा

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और फिल्म अभिनेत्री रेखा बुधवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में हिस्सा लेंगे। सचिन और रेखा राज्यसभा के मनोनीत सदस्य हैं। मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना वोट डालने के बाद तेंदुलकर ने पत्रकारों से कहा कि मैं बुधवार को संसद में मौजूद रहूंगा, लेकिन मैं पूरे सत्र के दौरान सदन में मौजूद रहने के बारे में आश्वस्त नहीं हूं। मानसून सत्र में मौजूद रहने के बारे में पूछे जाने पर रेखा ने भी हां में सिर हिलाया। इसके पहले तेंदुलकर और रेखा ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला के साथ रेखा और तेंदुलकर संसद भवन पहुंचे। यह पूछे जाने पर कि तेंदुलकर कितने दिन तक सदन में मौजूद रहेंगे, शुक्ला ने कहा कि सचिन क्रिकेटर हैं और उनका सांसद सचिन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह पहले ही साफ कर दिया था कि क्रिकेट उनकी पहली प्राथमिकता होगी। वह अपनी संसदीय जिम्मेदारियों से भलीभांति अवगत हैं और समय मिलने पर वह सदन में मौजूद रहेंगे। सचिन और रेखा को इस साल मई में संसद के ऊपर सदन के लिए नामित किया गया था।

Sunday, 1 July 2012

विधायक के साथ दुर्व्यवहार मामले में पांच गिरफ्तार

कांग्रेस विधायक रूमी नाथ और उनके दूसरे पति पर कथित तौर पर हमला करने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आयुक्त प्रदीप पुजारी ने बताया की महिला विधायक पर हमला मामले में पांच संदिग्ध व्यक्तियों को यहां पर गिरफ्तार किया गया। नाथ और उनके पति को शुक्रवार को लोगों के एक गुट ने पिटाई कर घायल कर दिया था। यह गुट विधायक द्वारा अपने पहले पति को तलाक दिए बिना दूसरी शादी किए जाने को लेकर नाराज था। विधायक और उनके पति को गुवाहाटी पहुंचाया गया और उपचार कराया गया। उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है। पुजारी ने बताया कि कांग्रेस की विधायक ने एक एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भीड़ ने राजनीतिक इरादों से उनपर हमला किया। इस मामले की जांच की जा रही है। नाथ ने अपने उपर हमले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा, मुक्षे आंतरिक और बाहरी तौर पर कुछ चोट पहुंची है। आज से इलाज करा रही हूं और मुझे लगता है कि जल्द ही ठीक हो जाऊंगी 




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Sunday, 24 June 2012

प्रसाद में मादक पदार्थ

मदुरै. विवादास्पद स्वामी नित्यानंद के खिलाफ पवित्र जल (प्रसाद) में मादक पदार्थ (ड्रग्स) मिलाने का केस दर्ज किया गया है। उनपर पहले से ही कई केस चल रहे हैं। पुलिस ने शनिवार को मद्रास हाईकोर्ट को केस दर्ज करने की जानकारी दी है। मामले में नित्यानंद के अलावा दो और लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने एम सोलाई कन्नन की शिकायत पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने मद्रास उच्च न्यायालय को जानकारी दी है कि उन्होंने नित्यानंद और दो दूसरे लोगों के खिलाफ श्रद्धालुओं को पवित्र पानी या चरणामृत के नाम पर ड्रग्स मिला हुआ पानी देने एक मामला दर्ज किया है। नित्यानंद के खिलाफ एम सोलुईकन्नन की शिकायत पर जब मद्रास हाईकोर्ट के सामने ये मामला सुनवाई के लिए आया तो सरकारी वकील ने अदालत को जानकारी दी कि पुलिस ने कई धाराओं के तहत नित्यानंद के खिलाफ केस दाखिल कर लिया है। नित्यानंद ने बैंगलोर आश्रम को छोड़कर एक बेहद पुरानी धार्मिक संस्था मदुरई अधीनम में अपना ठिकाना बनाया है। वह आश्रम में अपने भक्तों को जो पवित्र तरल प्रसाद देते थे उसमे ड्रग्स की मिलावट होती थी। उन्होंने अपने कई भक्तों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है। गौरतलब है कि स्वामी को रेप, अश्लीलता और मार-पीट के आरोप में कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। बाद में उनको दो मामलों में जमानत मिली थी। उनके आश्रम में तलाशी के दौरान कई चौंकाने वाली चीजें मिली थीं। दुनिया भर में योग का प्रचार करने वाले बाबा के निजी कमरे से ट्रेडमील और डंबल्‍स मिले थे। जांच के दौरान उनके कमरे में डबल बेड, एयर कंडीशन, एलसीडी टीवी और लॉकर पाया गया था। लाकर से ज्वेलरी और निजी दस्तावेज बरामद हुआ था। इसे जांच के लिए सीज कर दिया गया था। बाबा ने इस जांच के खिलाफ करोड़ों के हर्जाने का केस दायर किया था।

Saturday, 21 April 2012

भाजपा की जीत या कांग्रेस की हार : अजय पाण्डेय

हालांकि कांग्रेस इस बात से इत्तेफाक नहीं रखती कि दिल्ली नगर निगम चुनाव, विधानसभा चुनाव का सेमी फाइनल है, वो इस बात को सिरे से खारिज कर रही है कि इन चुनावों के परिणाम विधानसभा चुनावों पर असर डालेंगे । कांग्रेसी नेता इसे नगर निगम चुनाव के रूप में ही देखने की नसीहत दे रहे और चुनावी सेमी पफाइनल को मीडिया की उपज बता रहे हैं। अब कांग्रेस चाहे इसे मीडिया की उपज बताये फिर चुनाव बाद मीडिया में अक्सर दी जाने वाली चुनावी दलील दे, यह परिणाम दिल्ली की बदलती हुई राजनीतिक परिपाटी को जरूर दर्शाता है। किसी भी राज्; में जब स्थानी; चुनाव होते हैं तो सबसे ज्यादा उस राज्य की सत्ताधारी पार्टी और सरकार की साख दाव पर लगी रहती है। ;हां भी वैसा ही हुआ चुनाव की कमान प्रदेश में सत्तानशीं शीला दीक्षित को सौंप दी गई। उन्होंने दमखम से पार्टी का प्रचार प्रसार तो किया लेकिन उस प्रचार में इतना भी दम नहीं था जिससे वो नगर निगम के तीनों हिस्सों में से किसी एक में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा सके। बहरहाल हर चुनाव के बाद हारी हुई पार्टी एक सामान्य और पुरानी परंपराओं का निर्वहन करते हुए चुनावी मंथन जरूर करती है जैसा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गाँधी ने किया था। लेकिन हकीकत यह है कि कोई भी पार्टी इन चुनावी मंथनों से सबक नहीं लेती। वस्तुतः दिल्ली की जो स्थिति है वो केन्द सरकार बनाम राज्य सरकार बनाम स्थानी; निकायों की त्रिगुट ध्रुवों में बंटी हुई है। कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाते समय यह भूल गई कि यह भ्रष्टाचार उसी की कोख से पैदा होकर, उसी के आगोश में पोषित हुआ था, ,ऐसे में कांग्रेस द्वारा अपने ही राज्य में भ्रष्टाचार की बात करना उसकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवालिया निशान लगाता है। कांग्रेस के कुछ नेता कहते हैं यह स्थानी; चुनाव था, जिसमें स्थानी; मुद्दे हावी होते हैं यह सही भी है लेकिन क्या कांग्रेस के पास इस बात का जवाब है कि वो उत्तर प्रदेश में क्यों हार गई? वहां भी कांग्रेस ने स्थानी; मुद्दों के ही तार छेड़े थे। राहुल से लेकर बड़े-बड़े पार्टी सिपहसालारों ने स्थानी; मुद्दों तक की ही बात की। भ्रष्टाचार, महंगाई आदि जैसे मुद्दों पर जब भी पूछने की कोशिश की गई सबने यही कहा कि यह राज्य स्तरीय चुनाव है जहां यहीं के मुद्दे हावी रहेंगे लेकिन प्रदेश में क्या हुआ सबके सामने है। दरअसल इस तरह के बयां राजनीतिक परम्परा के निर्वहन के अलावा कुछ और नहीं। कांग्रेस जिस चुनाव को जीतने के लिए पूर्व में न जाने कितने जतन किए सत्ता में रहते हुए उसने निगम को तीन हिस्सों तक में बांट दिया । लेकिन उसके सारे दाव उल्टे पड गए । आज यह प्रश्न दीगर है कि कांग्रेस हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी ? क्या भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया इसलिए उसकी हार हुई, या फिर उसने भ्रष्टाचार, महंगाई आदि को मुद्दा बनाकर मतदाताओं को यह भरोसा दिला दिया कि कांग्रेस ने मान लिया कि वाकई राजधानी में भ्रष्टाचार और मंहगाई है और दिल्ली की जनता इतना तो जानती ही है कि यह मंहगाई और भ्रष्टाचार की जननी कौन है?

Friday, 6 April 2012

यूपी में पूरे घर के बदल डालेंगे राहुल

नई दिल्ली।। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार पर मंथन के बाद साफ हो चला है कि पार्टी के कई बड़े नेताओं और मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। कांग्रेस के दिल्ली स्थित वॉर रूम में दो दिन की समीक्षा बैठक के बाद पार्टी महासचिव राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश संगठन भंग कर नई टीम खड़े करने के संकेत भी दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान राहुल ने अपने तेवरों से पार्टी नेताओं को साफ कर दिया है कि अब वह न सिर्फ हार की जिम्मेदारियां तय करने की ठान चुके हैं, बल्कि बड़े बलिदान लेने के मूड में भी हैं। उन्होंने इशारों में यहां तक कहा कि जिन नेताओं का जनाधार नहीं हैं, उन्हें जाना ही होगा। यूपी से पार्टी विधायक नवाब काजिम अली खान का कहना था कि राहुल ने साफ कहा है कि पार्टी के जिन लोगों ने सहयोग नहीं किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक महीने के भीतर असर दिखने लगेगा।

दो दिन तक चली समीक्षा बैठक में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह से लेकर केंद्रीय मंत्रियों की बयानबाजी, आपसी कलह और इन सबसे ऊपर लचर संगठन के असहयोग का मुद्दा ही तारी रहा। गुरुवार को 150 से ज्यादा हारे प्रत्याशियों और शुक्रवार को 28 विधायकों और पूर्व सांसदों से बातचीत के बाद आखिर में राहुल ने यूपी कोटे के मंत्रियों और सांसदों से चर्चा की। एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जब उन्होंने पार्टी संगठन की कमियों की ओर ध्यान दिलाया, तो राहुल ने कहा, 'अभी तक 'हाथ' की कोमलता देखी है। अगले 15 दिनों में इसकी सख्ती का अहसास भी सबको हो जाएगा।'

सब सुनने के बाद राहुल ने कहा कि अगर कोई मंत्री सोचता है कि वह गलती करते रहें और कोई कार्रवाई नहीं होगी तो ऐसा नहीं है। बाहरियों को टिकट का मुद्दा भी उठा, जिस पर राहुल का कहना था, कहां गलती हुई, वह समझते हैं। मगर बाहर से आए लोगों को वोट भी मिले हैं। अब संगठन और केंद्रीय मंत्रियों पर कार्रवाई पर हामी भरवाने के बाद राहुल के अगले कदम पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।

जिस ट्रैक्टर ने नरेंद्र को कुचला, उसी से पुलिस वसूल रही थी रेत!

भोपाल। जिस बानमौर पुलिस थाने पर आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार बैठे थे, उसकी बाउंड्रीवॉल के लिए रेत और पत्थर उन्हीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से वसूला जा रहा था, जिन्होंने नरेंद्र कुमार को कुचल डाला। यह वसूली भी थाना प्रभारी सीबीएस रघुवंशी करते थे, जिनके नरेंद्र कुमार के साथ संबंधों की पड़ताल सीबीआई जांच का मुख्य बिंदु है।

डीबी स्टार टीम ने मामले से जुड़ी कई घटनाओं की पैरेलल इन्वेस्टीगेशन की तो निकला कि आईपीएस नरेंद्र कुमार को अपने ही अधीनस्थों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। सीबीआई की टीम ने गत 15 व 16 मार्च को टीआई रघुवंशी तथा थाने के अन्य स्टाफ से अकेले में घंटों बातचीत की। हालांकि सीबीआई की टीम ने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन थाने में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने नाम न छापने के अनुरोध पर बताया कि सीबीआई की टीम जांच में लगातार यह जानने की कोशिश कर रही है कि एसडीओपी और थाना प्रभारी के संबंध किस तरह के थे?

नरेंद्र कुमार के साथ जो भी हुआ उसकी जांच सीबीआई कर रही है। लेकिन लोग जो कह रहे हैं, उससे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं?

वायरलैस मैसेज पर भी...

मनोज ट्रैक्टर को भगाते हुए थाने से 700 मीटर दूर राजे पेट्रोल पंप तक ले जाता है। पीछे पुलिस की गाड़ी को आता देख, मनोज ट्रैक्टर को बीच सड़क से काटता है तथा डिवाइडर के ऊपर से निकालते हुए दूसरी रोड पर यू टर्न ले लेता है। मनोज ट्रैक्टर भगाता है और कुछ कदम की दूरी पर स्थित राजे वेयर हाउस की तरफ कच्ची रोड पर मोड़ लेता है।

नरेंद्र कुमार टैक्टर को मुख्य सड़क पर ही रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह नहीं रुकता। फिर वे 40 फीट दूर तक दौड़ लगाते हुए ट्रॉली पर चढ़ जाते हैं। इसके बाद ट्रॉली का एक पहिया गड्ढे में फंस जाता है और इसी जद्दोजहद के बीच ये घटना हो जाती है। इस दौरान एसडीओपी के साथ सिर्फ दो आरक्षक राजकुमार और किशन ही रहते हैं, जो उनकी मदद को आगे आने के बजाय दूर खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं बार-बार सूचना देने के बाद भी थाना प्रभारी नहीं आते हैं।

थाने पर रुकती थीं ट्रॉलियां फिर मनोज ने क्यों नहीं रोकी

वहीं बानमौर के कुछ स्थानीय लोगों का भी कहना है कि बानमौर थाने के सामने से गुजरने वाली रेत व पत्थर की ट्रॉलियां थाने पर रुकती थीं। इन ट्रॉलियों पर लदे सामान में से कुछ पुलिसकर्मी उतरवा लेते थे। इसकी वजह थी थाने की २क्क् मीटर की बाउंड्रीवॉल का निर्माण। इसके लिए शासन ने बाकायदा १.99 लाख रुपए मंजूर किए थे, लेकिन नगद सामान मंगवाने के बजाय थाने वाले सामने से गुजरने वाली ट्रॉलियों को रोक कर उनसे ही पत्थर व रेत उतरवा लेते थे। यह बात नरेंद्र कुमार को नापसंद थी।

इत्तेफाक से घटना वाले दिन भी जब थाने के सामने से ट्रैक्टर गुजरा, तो एसडीओपी नरेंद्र कुमार ने उसे रुकने का इशारा किया। लेकिन चालक मनोज ने ट्रैक्टर रोकने के बजाय और तेज चलाकर भागने की कोशिश की। इस पर नरेंद्र कुमार को कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने उसका पीछा किया। इसके बाद काफी देर तक चोर-सिपाही का खेल चलता रहा, लेकिन बानमौर थाने की पुलिस ने उनकी मदद करना तो दूर, उनके आदेशों तक को अनसुना कर दिया। लोगों का कहना है कि अगर उस दिन स्थानीय पुलिस समय रहते अलर्ट हो जाती तो शायद नरेंद्र कुमार की जान बच सकती थी?

ऐसे हुआ बानमौर टीआई रघुवंशी का पर्दाफाश

डीबी स्टार टीम की पड़ताल में पता चला कि इस हादसे से थोड़ी देर पहले ही ‘भगीता का पुरा’ में एक समुदाय विशेष के लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। इसकी सूचना देने पीड़ित थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी रघुवंशी नहीं मिले। तब पीड़ितों ने फोन पर नरेंद्र कुमार को सूचना दी। उन्होंने टीआई को मौके पर पहुंचने के आदेश दिए तथा खुद भी पहुंच गए। लेकिन रघुवंशी नहीं पहुंचे। इसके बाद थाने पर लौटने के कुछ देर बाद ही थाना प्रभारी फिर गायब हो गए, जबकि एसडीओपी थाने पर ही मौजूद रहे।

एसडीओपी का आदेश नहीं माना

कुछ देर बाद थाने के सामने से पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 06 जे.ए. 3112 गुजरती है, जिसे नरेंद्र कुमार रुकने का इशारा करते हैं। चालक मनोज गुर्जर ट्रैक्टर को नहीं रोकता है तथा स्पीड बढ़ाकर आगे निकल जाता है। इसके बाद नरेंद्र कुमार अपने दो आरक्षकों राजकुमार व किशन को लेकर ट्रैक्टर का पीछा करते हैं तथा वायरलैस पर थाना प्रभारी को भी फोर्स के साथ आने को कहते हैं।

थाना प्रभारी व एसडीओपी के संबंध थे तनावपूर्ण

सीबीएस रघुवंशी तथा नरेंद्र कुमार के संबंध तनावपूर्ण थे। इसकी वजह एसडीओपी की ईमानदारी थी। उन्होंने आते ही पत्थर व रेत का अवैध कारोबार बंद करा दिया था। इन धंधों से बानमौर थाने को डेढ़ लाख रु. प्रतिमाह मिलते थे। थाने की बाउंड्रीवॉल के निर्माण में जो भी पत्थर लगा है, वह खरीदा नहीं गया बल्कि ट्रॉलियों को जबरिया रुकवाकर उतरवाए जाते थे।

- भारत सिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष, नगर पंचायत, बानमौर

अनुत्तरित हैं ये सवाल

क्या तेजतर्रार युवा आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार ने बानमौर एसडीओपी बनते ही खनिज माफियाओं पर नकेल डाल दी थी? क्या इस वजह से थाने को हर माह होने वाली डेढ़ लाख रुपए की कमाई बंद हो गई थी? क्या इस बात को लेकर एसडीओपी और थाना प्रभारी के संबंध सामान्य नहीं थे? क्या इस टकराव के चलते ही एसडीओपी के बुलाने पर भी थाना प्रभारी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचे?

हत्या या हादसा यही है जांच का मुख्य विषय

जांच चाहे मप्र पुलिस करे या फिर सीबीआई, सबसे पहले तो जांच का मुख्य बिंदु उन आरोपों की सच्चाई पता लगाना है, जिसमें कहा जा रहा है कि नरेंद्र कुमार की हत्या की गई है। साथ ही यह पता लगाना होगा कि ट्रैक्टर चालक का उद्देश्य क्या था? ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ने के वक्त नरेंद्र और चालक मनोज गुर्जर के बीच क्या हाथापाई हुई थी? ये सभी बातें जांच का विषय होना चाहिए।

-श्याम स्वरूप शुक्ला, रिटायर एडीजी, मप्र पुलिस

नरेंद्र कुमार के साथ मेरे मधुर संबंध थे

नरेंद्र कुमार से मेरे संबंध मधुर थे। ज्वाइनिंग के वक्त वे मेरे घर 15 दिन रुके थे। घटना के दिन उनके साथ बैठे पुलिसवालों ने थाने पर कॉल किया था। कॉल आते ही बैकअप भेजा गया, लेकिन तब तक घटना हो चुकी थी। उस वकत मैं थाने से दूर दूसरे प्वाइंट की सर्चिग पर था। बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी बाकायदा रॉयल्टी की रसीदें कटवाकर लिए गए पत्थर से ही किया गया है।

-सी.बी.एस रघुवंशी, तत्कालीन टीआई, बानमौर थाना


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Saturday, 25 February 2012

दो मंत्रियों पर भारी पड़ सकता है सोमवार

नई दिल्ली। कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बाद अब केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी आचार संहिता उल्लंघन के घेरे में हैं। राष्ट्रपति शासन लगने संबंधी बयान पर एतराज जताते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर सोमवार की दोपहर तक सफाई देने को कहा है। बेनी की सुनवाई भी उसी शाम दोनों पक्षों की मौजूदगी में होगी। इसलिये सोमवार दो मंत्रियों पर भारी पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न बनने की दशा में राष्ट्रपति शासन लगने का बयान देना जायसवाल के लिए मुश्किलों का सबब बन गया। एक तरफ जहां कांग्रेस नेतृत्व को यह बयान रास नहीं आ रहा है, वहीं आयोग ने भी नोटिस जारी कर दिया है। शुक्रवार को जारी नोटिस में आयोग ने माना है कि पहली नजर में उनका बयान आचार संहिता का उल्लंघन है जिसमें मतदाताओं को परोक्ष धमकी दी गई है।

उन्हें सोमवार की दोपहर दो बजे तक अपनी सफाई देने को कहा गया है। उधर, बेनी का मामला भी सोमवार तक टल गया है। शिकायतकर्ता और भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के आग्रह पर सुनवाई सोमवार की शाम को होगी। ध्यान रहे कि उत्तार प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने के बयान पर घिरे बेनी के आचरण पर आयोग ने पहले ही अपनी सख्त आपत्तिजता दी थी। बेनी ने आग्रह किया था कि कोई फैसला लेने से पहले उन्हें सुनवाई का एक मौका दें। सुनवाई के दौरान शाहनवाज को भी मौजूद रहना था। लेकिन बाद में उनके आग्रह पर सुनवाई की तिथि सोमवार तक बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष के अधिवक्ता भी मौजूद होते हैं। उनकी दलील सुनने के बाद आयोग अपना निर्णय लेता है। वैसे यह तय माना जा रहा है कि बेनी को कम से कम आचार संहिता उल्लंघन का दोषी करार दिया जाएगा। जबकि, भाजपा की ओर से कुछ कठोर निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया जाएगा। गौरतलब है कि कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मामले में आयोग ने राष्ट्रपति को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। राष्ट्रपति ने कार्रवाई के लिए उस पत्र को प्रधानमंत्री को भेज दिया था।

तेल की कीमतों के लिए भारत-चीन दोषी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का ठीकरा एक बार फिर भारत और चीन के सिर पर फोड़ा है। ओबामा ने कहा कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों में तेल की मांग लगातार बढ़ रही है और इसके चलते अमेरिकियों को तेल के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं।
ओबामा ने कहा कि 2010 में चीन में एक करोड़ नई कारें सड़कों पर आईं आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन कारों के लिए कितने तेल की जरुरत होगी। भारत और चीन जैसे देशों में कारों की मांग लगातार बढ़ रही है वह अमेरिकियों की तरह नई कारें खरीदना चाहते हैं। गौरतलब है कि अमेरिका दुनिया का सबसे ज्यादा तेल खपत करने वाला देश है सबसे ज्यादा कारें भी अमेरिका में है। इसके बावजूद ओबामा तेल को लेकर भारत और चीन पर निशाना साधते रहते हैं।