Monday, 10 June 2013

कभी चूहों से भी छोटे थे इंसान...!

दुनिया में इंसानों के प्राचीन इतिहास को लेकर समय समय पर वैज्ञनिक तथ्य सामने आते रहे हैं। एक नए अध्ययन की माने तो बहुत अरसा पहले इंसानों के पूर्वज आकार में चूहों से भी छोटे होते थे।

चीन के हुबेई प्रांत में 2003 में मिले दुनिया के सबसे पुराने कंकाल एवं जीवाश्म के अध्ययन से इसका संकेत मिला है कि मानवों के पूर्वजों का कद बहुत छोटा हुआ करता था।

जो कंकाल बरामद किए गए थे, वे एक नए वंश और प्रजाति के हैं, जिन्हें आर्किकेबस के नाम से जाना जाता है। चीनी, अमेरिकी और फ्रांसीसी वैज्ञानिकों की ओर से लिखे गए दस्तावेज में इन तथ्यों का उल्लेख है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि पाषाण काल के शुरुआती दौर में 5.5 करोड साल पहले बंदर रहते थे। यह पहले से ज्ञात स्तनधारी जीवों से 70 लाख साल पुराने हैं।

इन बेहद छोटे स्तनधारी जीवों का शरीर करीब 71 मिलीमीटर लंबा और इनका वजन 20 से 30 ग्राम के बीच होता था। कंकालों के अध्ययन में कहा गया है कि ये जीव पेड़ पर चढ़ सकते थे और उछल कूद भी कर सकते थे।

अध्ययन दल का नेतृत्व करने वाले चाइनीज एकैडमी ऑफ साइंसेज के डॉक्टर नी जीजुन ने कहा कि ये जीव मानव प्रजाति के सबसे प्राथमिक सदस्य थे।

Friday, 7 June 2013

भारतीय स्टूडेंट्स ने डिवेलप किया स्पेशल आई माउस

मैंगलोर।। मैंगलोर के 4 इंजिनियरिंग स्टूडेंट्स ने ऐसा नायाब आविष्कार किया है, जिससे विकलांगों को कंप्यूटर ऑपरेट करने में बहुत सुविधा होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्यूनिकेश इंजिनियरिंग के 4 स्टूडेंट्स ने स्पेशल आई माउस डिवेलप किया है। यह आई माउस उन लोगों के लिए इनपुट डिवाइस का काम करेगा, जो अपने हाथों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

मैंगलोर के श्रीनिवास इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (SIT) में पढ़ने वाली श्रुति शेट्टिगर, प्रसाद नायक, वनीश्री और संध्या शेत ने असोसिएट प्रफेसर सतीश कुमार के. और इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्यूनिकेशन इंजिनियरिंग के एचओडी भीमा शास्त्री की गाइडेंस में काम करते हुए यह स्पेशल डिवाइस तैयार किया है। प्रफेसर सतीश ने बताया कि स्टूडेंट्स ने एक ऐप्लिकेशन डिवेलप करके इसे वेबकैम वाले कंप्यूटर में इन्स्टॉल कर दिया। कंप्यूटर से एक लाइट डिपेंडेंट रेज़िस्टर सर्किट जोड़ा गया, जिसे एक कुर्सी से फिट कर दिया है। जैसे ही कोई विकलांग शख्स इस कुर्सी पर बैठता है, कंप्यूटर ऑटोमैटिकली ऑन हो जाता है। कंप्यूटर के साथ जुड़ा वेबकैम कुर्सी पर बैठे शख्स की आंखों की मूवमेंट कैप्चर करना शुरू कर देता है।

प्रफेसर ने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा डिवेलप किया गया ऐप वेबकैम के जरिए मिल रही यूजर की आई बॉल्स की मूवमेंट्स को स्टडी करके कंप्यूटर को कमांड्स देना शुरू कर देता है। इसके बाद फिजिकली चैलेंज्ड व्यक्ति बिना माउस के कंप्यूटर को यूज कर सकता है। उसे बस इतना करना होगा कि किसी फोल्डर या आइकन को ओपन करने के लिए उसे फोकस करके घूरना होगा। कुछ ही सेकंड्स में फोल्डर या आइकन ओपन हो जाएगा। आई बॉल की मूवमेंट्स से कर्सर को भी मूव किया जा सकता है।

खास बात यह है कि यह खास इनोवेशन करने में स्टूडेंट्स ने सिर्फ 5,000 रुपये खर्च किए हैं। अब ये स्टूडेंट इस ऐप का पेटेंट कराना चाहते हैं। प्रफेसर सतीश का कहना है कि पेटेंट हासिल होने के बाद में मार्केट में इस प्रॉडक्ट को लॉन्च किया जाएगा, ताकि यह विकलांग लोगों के काम आ सके।

Thursday, 6 June 2013

आप बोलेंगे और हो जाएगा खुद-ब-खुद टाइप

नई दिल्ली: साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग ने आज मार्केट में गैलेक्सी टैब 3 के दो मॉडल्स उतारे हैं। कंपनी इसको दो स्क्रीन साइज में ला रही है। इसमें एक का स्क्रीन साइज 8.3 इंच और दूसरा 10.1 इंच का रहेगा।

इसमें अहम बात यह है कि 8 इंच वाले टैब 3 के एक फीचर की मदद से आप बोलेंगे और मेल खुद-ब-खुद टाइप हो जाएगी। हालांकि सैमसंग ने अभी तक दोनों टैबलेट्स की कीमत का खुलासा नहीं किया है।

दोनों टैबलेट एंड्रॉयड 4.2 जेली बीन ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेंगे। दोनों टैबलेट केवल वाईफाई नेटवर्क 3जी और वेरिएंट्स को सपोर्ट करेंगे।

Wednesday, 5 June 2013

गणित की यह गुत्थी सुलझाइए और करोड़पति बन जाएं

करोड़पति बनने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। उन्हें अपनी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बस गणित के एक सवाल को हल करना होगा।

हालांकि गणित की इस गुत्थी को सुलझाना इतना आसान नहीं है। सालों से यह सवाल बुद्धिमान लोगों को हैरत में डाले हुए है। इसी को हल करने के लिए डलास के एक अरबपति बैंकर 10 लाख डॉलर इनाम देंगे।

रोडे आईलैंड स्थित अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी ने घोषणा की है कि बील कंजेक्चर नामक इस सवाल के हल के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 10 लाख डॉलर कर दी गई है।

यह नंबर थ्योरी से संबंधित सवाल है। सवाल और इनाम का नाम डी एंड्रयू ‘एंडी’ बील के नाम पर रखा गया है। यह डल्लास के बैंकर हैं और नंबर थ्योरी में उनकी गहरी रुचि है। वे ही इनाम की राशि प्रदान करेंगे।

बील कंजेक्चर से पहले इसी तरह के गणित के एक सवाल ‘फर्मेट्स लास्ट थ्योरम’ को वर्ष 1990 में एंड्रयू विल्स ने रिचर्ड टेलर के साथ मिलकर हल किया था।

फेसबुक पर दोस्तों से शेयर करिए 1 जीबी तक की फाइल

अब आप फेसबुक पर दोस्तों के साथ 1 जीबी तक की फाइल शेयर कर सकते हैं। एक साल तक केवल इन्विटेशन और बीटा वर्जन के बाद फेसबुक इंटिग्रेटेड ऐप पाइप आज से शुरू हो गया है।

वैसे तो आज ड्रॉप बॉक्स और गूगल ड्राइव जैसे कई ऑप्शंस हैं, जिनसे बड़ी फाइलें शेयर की जा सकती हैं, लेकिन पाइप का सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ना इसे खास बना देता है।

इसे इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है। केवल ड्रैग ऐंड ड्रॉप से फाइल किसी दोस्त को भेजी जा सकती है। पाइप से आप फेसबुक के ऐप सेंटर में जाकर जुड़ सकते हैं।

इस ऐप को बर्लिन की कंपनी पाइप ड्रीम टेक्नॉलज़ीज ने डिवेलप किया है। चूंकि यह आपके फेसबुक अकाउंट से जुड़ा होगा, इसलिए आप इस सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर दोस्तों के साथ रियल टाइम में 1 जीबी तक की फाइल ट्रांसफर कर सकते हैं।

आप और आपके दोस्त के ऑनलाइन होने पर पाइप P2P (पियर-टु-पियर) कनेक्शन बनाता है। दोनों कम्प्यूटर के बीच कॉन्टैक्ट के लिए इस ऐप में पाइप न तो किसी सर्वर का इस्तेमाल करता है और न ही आपकी फाइल फेसबुक के जरिए ट्रांसफर करता है। अगर कोई ऑफलाइन है और आप कोई फाइल भेजना चाहते हैं, तो पाइप उसे एक लॉकर में स्टोर करता है। इन लॉकर्स में 100एमबी तक ही डेटा स्टोर किया जा सकता है, हालांकि आप जितने चाहें, उतने लॉकर यूज़ कर सकते हैं।

पाइप अभी केवल डेस्कटॉप कम्प्यूटर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके मोबाइल वर्जन पर काम चल रहा है। इसका आईओएस वर्जन तैयार हो चुका है, ऐंड्रॉयड वर्जन डिवेलप किया जा रहा है।

Monday, 3 June 2013

फेसबुक पर स्टार को पहचानने में अब नहीं होगा धोखा

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने ट्विटर की तरह वेरिफाइड पेज और वेरिफाइड अकाउंट्स लांच किए हैं।

अब आप फेसबुक पर यह आसानी से जान पाएंगे कि आपके फेवरेट स्टार का सही अकाउंट कौन सा है? इससे पहले सोशल नेटवर्किंग साइट पर सही और गलत अकाउंट के बारे में जानना मुश्किल था।

अभी फेसबुक ने इस तरह के पेज की शुरूआत सेलिब्रिटी, जर्नलिस्ट, सरकारी अधिकारी, पॉपुलर बिजनेस ब्रांड के लिए की है। नई सर्विस के बाद यूजर को सही अकाउंट की पहचान करने में आसानी होगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक 'वेरिफाइड पेज' पर ब्लू कलर का छोटा सर्किल दिखाई देगा। इस घेरे में व्हाइट कलर का का राइट का निशान बना होगा, जो कि सही अकाउंट की पहचान होगी।

इसी निशान से आपको पता चलेगा कि जो पेज आप फॉलो करने जा रहे हैं वह सही है या नहीं। चुनिंदा इंडियन सेलिब्रिटी के वेरिफाइड अकाउंट ओपन करने के लिए क्लिक करें।

अमिताभ बच्चन

सलमान खान

प्रियंका चोपड़ा

एमएस धोनी

सचिन तेंदुलकर

वैज्ञानिकों ने ढूंढा तीन सींग वाला डायनासौर

वाशिंगटन। जीवाश्म के आधार पर वैज्ञानिकों ने तीन सींग वाले डायनासोर की एक प्रजाति का पता लगाया है। इस प्रजाति के डायनासोर के सींग अन्य प्रजातियों से बिल्कुल अलग हैं। ये सबसे पुरानी प्रजाति ट्रिसेराटॉप्स एवं टोरोसोरस से संबंध रखते हैं। इनकी पहचान जुडीसेराटॉप्स के नाम से हुई है। इनके जीवाश्म उत्तरी मोंटना से प्राप्त हुए हैं। यही नहीं जीवाश्म के आधार पर इसी तरह की 18 प्रजातियों के अन्य डायनासोरों का अन्य क्षेत्रों में पता चला है। 

वैज्ञानिक निकोलास लॉंगरिच ने कहा कि सेरोटॉपसिड्स (सींग वाले डायनासोर) तेजी से बढ़ने वाली प्रजाति थी, ऐसे में उम्मीद है कि आगे भी हमें ऐसी खोज मिलती रहेंगी। ये प्रजाति कुछ करोड़ साल पुरानी है। बाद में इस प्रजाति की जगह नई प्रजातियों ने जन्म लिया। 

उन्होंने कहा कि आप जितने पुराने पत्थर देखते जाएंगे, नई प्रजाति मिलती जाएगी। 7.8 करोड़ साल पहले जुडीसेराटॉप्स क्रेटासियस युग में रहते थे। ये बड़े पेड़ खाते थे। 

इससे पहले भी चीनी वैज्ञानिकों ने नए डायनासोर की प्रजाति का पता लगाया था। ये डायनासोर मांसभक्षी थे और दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में लगभग 18 करोड़ साल पहले या पूर्व जुरासिक युग के दौरान पाए जाते थे। नया डायनासोर कोलोफाइसिज से संबंधित था, जो छोटे आकार का मांसभक्षी डायनासोर था।